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गुवाहाटी: असम सरकार ने निर्दिष्ट सरकारी पदों पर पात्र पूर्व-अग्निवीरों के लिए 12 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए वार्षिक भर्ती अभियान 2027 में शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों की सेवा को मान्यता देना और भारतीय सशस्त्र बलों में उनके कार्यकाल के बाद उनके रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।
गृह (ए) विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय 4 अक्टूबर, 2026 को आयोजित असम कैबिनेट की बैठक के बाद लिया गया है। आरक्षण निर्दिष्ट पदों पर सीधी भर्ती रिक्तियों पर लागू होगा और वार्षिक भर्ती अभियान के माध्यम से लागू किया जाएगा।
आरक्षण के लिए कौन पात्र है?
इसका लाभ विशिष्ट मानदंडों को पूरा करने वाले पात्र पूर्व-अग्निवीरों को मिलेगा। आवेदकों को असम का स्थायी निवासी होना चाहिए, अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहिए और भारतीय सेना, नौसेना या वायु सेना में सेवा की पूरी चार साल की अवधि पूरी करनी चाहिए।
आरक्षण के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए उनके पास डिस्चार्ज के समय जारी किया गया आधिकारिक अग्निवीर प्रमाणपत्र भी होना चाहिए।
योजना के अंतर्गत आने वाले विभाग
12 प्रतिशत आरक्षण कई राज्य विभागों और सेवाओं में निर्दिष्ट पदों पर लागू होगा। इनमें असम पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जेल, होम गार्ड और उत्पाद शुल्क विभाग शामिल हैं।
अधिसूचना सीधी भर्ती में आरक्षण लागू करने की रूपरेखा तय करती है। कवर किए गए विशिष्ट पदों, भर्ती कार्यक्रम और आवेदन प्रक्रियाओं का विवरण लागू दिशानिर्देशों के तहत निर्धारित किया जाएगा।
राज्य सरकार ने कहा कि यह पहल पूर्व अग्निवीरों द्वारा अपनी सैन्य सेवा से लाए गए अनुशासन, कौशल और अनुभव को मान्यता देने के साथ-साथ उन्हें असम के सार्वजनिक क्षेत्र में सेवा करने के लिए और अवसर प्रदान करने का प्रयास करती है।
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