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Assam और मेघालय ने लपांगप विवादित इलाके में खेती जारी रखने का समझौता किया

Kavita2
3 Jun 2026 4:46 PM IST
Assam और मेघालय ने लपांगप विवादित इलाके में खेती जारी रखने का समझौता किया
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Assam असम: असम और मेघालय ने मंगलवार को विवादित लपांगप इलाके के दोनों तरफ के लोगों को तय सीमाओं में खेती जारी रखने की अनुमति देने पर सहमति जताई। साथ ही, इस क्षेत्र की पक्की सीमा निर्धारण का मामला अब एक राज्य-स्तरीय कमेटी के विवेचन पर छोड़ दिया गया है। यह फ़ैसला लपांगप में असम पुलिस कैंप में हुई हाई-लेवल मीटिंग के दौरान लिया गया।

मीटिंग में दोनों राज्यों के मंत्री, वरिष्ठ सिविल और पुलिस अधिकारी, और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य विवादित इलाके में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना और सीमा विवाद के चलते पैदा तनाव को कम करना था। अधिकारियों ने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों के लोगों के रोज़मर्रा के जीवन को सहज बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है।

इस समझौते के अनुसार, लपांगप क्षेत्र के लोग पहाड़ी इलाकों में धान की खेती जारी रख सकेंगे। वहीं, तहपत के गांववालों को विवादित इलाके की पहाड़ियों और ढलानों पर मौसमी फसलें जैसे केला, अनानास और अदरक उगाने की अनुमति दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था विवाद को स्थायी रूप से हल नहीं करती, बल्कि अस्थायी समाधान के तौर पर दोनों पक्षों के बीच कृषि गतिविधियों को सुचारू रखने में मदद करेगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद यह बैठक आयोजित की गई थी। दोनों नेताओं ने सीमा विवादों को बातचीत और समझौते के जरिए सुलझाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय लोगों के हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कृषि गतिविधियों को अनुमति दी जाए और किसी भी तरह के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

मीटिंग में शामिल वरिष्ठ अधिकारीयों ने कहा कि राज्य-स्तरीय कमेटी अब लपांगप इलाके की सीमा निर्धारण पर काम करेगी। कमेटी में दोनों राज्यों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अलावा स्थानीय प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। इस कमेटी का मकसद क्षेत्र की पक्की सीमा तय करना और भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से बचना है।

स्थानीय लोग इस समझौते से संतुष्ट दिखाई दिए हैं। लपांगप और तहपत के किसानों ने कहा कि विवादित इलाके में खेती जारी रखने की अनुमति मिलने से उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी पर सकारात्मक असर पड़ेगा और उनके आर्थिक हालात सुधरेंगे।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह समझौता दोनों राज्यों के बीच भरोसे और सहयोग का संकेत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के वार्ता-आधारित समाधान भविष्य में भी सीमा विवादों को सुलझाने में कारगर साबित होंगे।

इस बैठक के बाद असम और मेघालय के अधिकारियों ने स्थानीय किसानों को यह आश्वासन दिया कि किसी भी स्थिति में उनकी सुरक्षा और कृषि गतिविधियों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। दोनों राज्यों के बीच यह समझौता लपांगप इलाके में स्थिरता लाने और लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले विवाद को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस प्रकार, लपांगप विवादित इलाके में असम और मेघालय की सहमति ने किसानों के लिए राहत का वातावरण बनाया है, जबकि सीमा निर्धारण का अंतिम निर्णय अब राज्य-स्तरीय कमेटी पर छोड़ दिया गया है।

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