
Assam असम: असम जातीय परिषद (AJP) ने गुरुवार को एग्जिट पोल के अनुमानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन की संभावित बड़ी जीत के अनुमानों को खारिज करते हुए उन्हें “गलत” और “राजनीतिक रूप से प्रभावित” बताया है।
2026 के असम विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में AJP के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई ने कहा कि एग्जिट पोल पहले भी कई बार गलत साबित हुए हैं और इन्हें अंतिम परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये केवल “अनिश्चित अनुमान” होते हैं, जो अक्सर वास्तविक परिणामों से मेल नहीं खाते।
गोगोई ने दावा किया कि 1996 के बाद से भारत में हुए एग्जिट पोल में 57 प्रतिशत से अधिक अनुमान गलत साबित हुए हैं। उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी कई बड़े अनुमानों ने वास्तविक परिणामों को नहीं दर्शाया था। इसके अलावा उन्होंने 2014 और 2024 के आम चुनावों का भी उल्लेख किया, जहां एग्जिट पोल और अंतिम नतीजों में अंतर देखा गया।
उन्होंने विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया, जिनमें दिल्ली (2015), बिहार (2020), पश्चिम बंगाल (2021), हिमाचल प्रदेश (2022) और गोवा (2022) शामिल हैं। गोगोई के अनुसार, इन सभी मामलों में एग्जिट पोल के अनुमान और वास्तविक नतीजों में बड़ा अंतर देखने को मिला, जो मतदाता के मूड को समझने में बार-बार हुई गलती को दर्शाता है।
AJP अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एग्जिट पोल की गलतियां केवल तकनीकी नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे राजनीतिक और व्यावसायिक हित भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान सत्ताधारी दल के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करते हैं।
गोगोई ने यह भी दावा किया कि कई मीडिया हाउस एग्जिट पोल का उपयोग “लहर” (वेव) जैसी धारणा बनाने के लिए करते हैं, जिससे मतगणना से पहले ही जनमत प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मीडिया पर कॉर्पोरेट दबाव का भी आरोप लगाया और कहा कि वित्तीय हित भी कई बार इन अनुमानों को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता का असली फैसला केवल मतगणना के बाद ही सामने आता है और एग्जिट पोल को अंतिम सत्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
AJP के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एग्जिट पोल की विश्वसनीयता को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। पार्टी ने उम्मीद जताई कि वास्तविक नतीजे मीडिया के अनुमानों से अलग होंगे और जनता का फैसला स्पष्ट रूप से सामने आएगा।





