असम

गुवाहाटी में 18 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए जांच जारी

Ratna Netam
7 Oct 2026 9:23 PM IST
गुवाहाटी में 18 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए जांच जारी
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गुवाहाटी। असम पुलिस ने गुवाहाटी में अलग-अलग अभियानों के दौरान कुल 18 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से पांच लोगों को मंगलवार को गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया, जबकि बाकी लोगों को शहर के अन्य हिस्सों में चलाए गए अभियान के दौरान पकड़ा गया। पुलिस अब इन सभी की पहचान, भारत में प्रवेश के रास्ते, यात्रा के उद्देश्य और दस्तावेजों की जांच कर रही है।असम पुलिस के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) राजीव सैकिया ने बताया कि मंगलवार को गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पानबाजार पुलिस स्टेशन की बॉर्डर ब्रांच की टीम ने लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस के जनरल कोच की जांच की।
यह ट्रेन महाराष्ट्र के लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए रवाना होने वाली थी। जांच के दौरान पुलिस को पांच यात्रियों की गतिविधियों और दस्तावेजों पर संदेह हुआ। पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने उन्हें बांग्लादेशी नागरिक के रूप में चिह्नित किया और हिरासत में ले लिया।पकड़े गए पांच लोगों में चार महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास मौजूद पहचान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, उनके पास से तीन आधार कार्ड मिले हैं।
CPRO राजीव सैकिया ने बताया कि जांच में इन तीन आधार कार्डों में से केवल एक आधार नंबर वास्तविक पाया गया। बाकी दस्तावेजों की सत्यता और उनके स्रोत की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध या गलत दस्तावेज कहां और किसके माध्यम से तैयार कराए गए।सैकिया के अनुसार, जिस महिला के पास वास्तविक आधार कार्ड मिला है, उससे पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। पुलिस का कहना है कि वह महिला पहले भी भारत आ चुकी थी और उसने गुजरात में एक व्यक्ति से शादी की थी।
अब पुलिस महिला से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और उसकी भारत यात्रा से संबंधित जानकारी की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे आधार कार्ड किस प्रक्रिया के तहत मिला और उससे जुड़े अन्य दस्तावेज क्या हैं।पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना भी है कि पकड़े गए लोग भारत में किस रास्ते से दाखिल हुए थे। इसके अलावा यह जांच की जा रही है कि गुवाहाटी पहुंचने से पहले वे किन स्थानों पर रहे और उनका अंतिम गंतव्य क्या था।
रेलवे स्टेशन से पकड़े गए लोगों के महाराष्ट्र जाने की तैयारी में होने के कारण पुलिस उनके संभावित संपर्कों और यात्रा की योजना को भी खंगाल रही है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस मुंबई की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में शामिल है और जनरल कोच में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।अधिकारियों के मुताबिक, सीमा क्षेत्रों और बड़े रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की नियमित जांच सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। खासकर संदिग्ध दस्तावेजों और बिना वैध यात्रा कागजात के लोगों की पहचान के लिए पुलिस तथा बॉर्डर ब्रांच की टीमें समय-समय पर अभियान चलाती हैं।
गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख परिवहन केंद्र है और यहां से देश के कई बड़े शहरों के लिए रेल और सड़क संपर्क उपलब्ध हैं। इसी वजह से पुलिस रेलवे स्टेशन और अन्य परिवहन केंद्रों पर लगातार निगरानी रखती है।अलग-अलग अभियानों में कुल 18 बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने पूछताछ का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों की कोशिश यह जानने की है कि क्या पकड़े गए सभी लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं या अलग-अलग समूहों के रूप में भारत पहुंचे थे।
पुलिस उनके मोबाइल फोन, यात्रा से जुड़ी जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों की भी जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके संपर्क किन लोगों से थे और भारत में उनके रहने या यात्रा की व्यवस्था किसने की।आधार कार्ड मिलने का मामला भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेज की वास्तविकता सामने आने के बाद यह जानना जरूरी है कि संबंधित महिला ने आधार पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए थे और क्या नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया का पालन हुआ था।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाकी लोगों के पास मिले आधार कार्ड कहां से आए और उनका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद ही दस्तावेजों से जुड़े पहलुओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।असम पुलिस ने अभी पकड़े गए सभी 18 लोगों के बारे में विस्तृत व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। उनकी राष्ट्रीयता और दस्तावेजों की पुष्टि के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि विदेशी नागरिकों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत पहचान सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और प्रवेश से संबंधित जानकारी की पुष्टि की जाती है। इसके बाद संबंधित कानूनों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय होती है।गुवाहाटी रेलवे स्टेशन की कार्रवाई में चार महिलाओं और एक पुरुष का पकड़ा जाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे लंबी दूरी की ट्रेन से महाराष्ट्र जाने की तैयारी में थे। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि महाराष्ट्र में उन्हें कहां जाना था और वहां उनका कोई संपर्क मौजूद था या नहीं।
इस पूरे मामले में फिलहाल जांच जारी है। पुलिस की प्राथमिकता पकड़े गए लोगों की पहचान, उनके भारत आने के रास्ते, दस्तावेजों की वैधता और संभावित नेटवर्क का पता लगाना है।कुल मिलाकर, गुवाहाटी में अलग-अलग अभियानों के दौरान 18 बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने के बाद असम पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रेलवे स्टेशन से पकड़े गए पांच लोगों के पास तीन आधार कार्ड मिलने और उनमें से एक के वास्तविक पाए जाने ने मामले को और महत्वपूर्ण बना दिया है। आगे की जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि पकड़े गए लोगों ने भारत में प्रवेश कैसे किया, वे कहां-कहां रहे और उनकी यात्रा का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
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