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रंगिया। असम के रंगिया की एक अदालत ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के करीब 11 साल पुराने मामले में आरोपी रमजान अली को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2015 का है और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया।मामला रंगिया क्षेत्र के धुहिबाला गांव से जुड़ा है। वर्ष 2015 में यहां एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। घटना के बाद पीड़िता के परिवार ने कयान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में आरोपी रमजान अली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। इसे बाद में **स्पेशल POCSO केस नंबर 23/18** के रूप में दर्ज किया गया। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चली। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने घटना से जुड़े साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रमजान अली को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा **376(2)(I)** और POCSO अधिनियम की धारा **6** के तहत सुनवाई की गई। IPC की संबंधित धारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामलों से जुड़ी है, जबकि POCSO अधिनियम बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित मामलों में विशेष कानूनी प्रावधान उपलब्ध कराता है।POCSO कानून के तहत बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था की गई है। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान और गोपनीयता की सुरक्षा को भी विशेष महत्व दिया जाता है। इसी कारण इस मामले में भी पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।घटना वर्ष 2015 में हुई थी, जबकि स्पेशल POCSO केस के रूप में इसे बाद में अदालत में दर्ज किया गया। मामले में वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया चली। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आखिरकार आरोपी को दोषी पाया।रमजान अली को सुनाई गई उम्रकैद की सजा इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला है। अदालत ने मामले की गंभीरता और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह निर्णय दिया। चूंकि पीड़िता घटना के समय नाबालिग थी, इसलिए सामान्य आपराधिक कानून के साथ POCSO अधिनियम की धाराएं भी मामले में लागू की गई थीं।
घटना के बाद पीड़िता के परिवार की शिकायत इस पूरे मामले की शुरुआती कड़ी बनी। परिवार की ओर से कयान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान प्राप्त सामग्री को अदालत के सामने पेश किया गया और मामला विशेष POCSO अदालत में पहुंचा।POCSO अधिनियम वर्ष 2012 में बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन हमला और अन्य यौन अपराधों से कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू किया गया था। कानून में बच्चों से जुड़े मामलों की सुनवाई संवेदनशील तरीके से करने और पीड़ित की पहचान सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस मामले में भी सुनवाई इन्हीं कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ी।रंगिया और आसपास के क्षेत्र से जुड़े इस मामले में फैसला आने के बाद करीब एक दशक से अधिक पुरानी न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण पर पहुंची है। घटना 2015 में हुई थी और अदालत का फैसला अब सामने आया है। इतने लंबे समय बाद आए फैसले में आरोपी रमजान अली को उम्रकैद की सजा दी गई है।नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया में पीड़ित की उम्र बेहद महत्वपूर्ण होती है। उम्र से जुड़े दस्तावेज, पुलिस जांच, बयान और अन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा जाता है। हालांकि इस मामले में अदालत के विस्तृत फैसले के सभी तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश मामले पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी पाया।
मामले का स्पेशल POCSO केस नंबर 23/18 था। न्यायालय में IPC की धारा 376(2)(I) के साथ POCSO अधिनियम की धारा 6 के तहत सुनवाई हुई। दोनों धाराएं नाबालिग के खिलाफ गंभीर यौन अपराध से संबंधित हैं। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद रमजान अली के खिलाफ उम्रकैद का फैसला सुनाया।इस फैसले के साथ वर्ष 2015 में धुहिबाला गांव में सामने आए मामले में ट्रायल स्तर पर न्यायिक निर्णय आ गया है। पीड़िता के परिवार की शिकायत से शुरू हुआ मामला पुलिस जांच के बाद अदालत पहुंचा और वर्षों तक चली सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया।अदालत के फैसले ने एक बार फिर बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों में POCSO कानून के महत्व को सामने रखा है। ऐसे अपराधों में पीड़ित की सुरक्षा, उसकी पहचान की गोपनीयता और मामले की विशेष अदालत में सुनवाई के लिए अलग कानूनी प्रावधान किए गए हैं।फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रंगिया अदालत ने रमजान अली को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस तरह 2015 से लंबित नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में करीब 11 साल बाद अदालत का फैसला सामने आया है।
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