अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश सरकार ने EPCH के साथ समझौता, टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

Harrison
23 April 2026 9:12 PM IST
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने EPCH के साथ समझौता, टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
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Itanagar ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Export Promotion Council for Handicrafts के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को समर्थन देना और उनकी उत्पाद क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना है।
इस समझौते के तहत राज्य में पारंपरिक हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग को नई दिशा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अरुणाचल प्रदेश में पारंपरिक कला और शिल्प की समृद्ध विरासत मौजूद है, जिसे सही मंच और बाजार उपलब्ध कराकर आर्थिक विकास में बदला जा सकता है।
MoU का मुख्य उद्देश्य कारीगरों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और डिजाइन सुधार जैसी सुविधाएं प्रदान करना है। इसके साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें प्रतिस्पर्धी बाजार के अनुरूप तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर दाम और व्यापक बाजार मिल सके।
इस साझेदारी के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने की योजना भी बनाई गई है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और कारीगरों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा।
सरकार के अनुसार, यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले कारीगरों को इससे रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
अधिकारियों ने बताया कि EPCH के सहयोग से राज्य में हैंडीक्राफ्ट और टेक्सटाइल उत्पादों के लिए मार्केटिंग, ब्रांडिंग और प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे अरुणाचल के उत्पादों को एक पहचान मिलेगी और वे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
यह समझौता राज्य में “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर भारत जैसी नीतियों को भी मजबूत करता है। स्थानीय संसाधनों और कौशल का उपयोग कर आर्थिक विकास को गति देने पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें पूर्वोत्तर राज्यों के पारंपरिक उद्योगों को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं, जिन्हें संगठित प्रयासों के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
MoU के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम, वर्कशॉप और डिजाइन इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की भी योजना है, जिससे कारीगर आधुनिक बाजार की मांग के अनुसार अपने उत्पादों को ढाल सकें।
सरकार ने यह भी कहा है कि इस पहल से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और वे पारंपरिक उद्योगों से जुड़कर अपनी आजीविका कमा सकेंगे।
कुल मिलाकर, अरुणाचल प्रदेश सरकार और EPCH के बीच हुआ यह समझौता राज्य के टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा दे सकता है।
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