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NEET गड़बड़ियों के विरोध में आंध्र प्रदेश में छात्र संगठनों का बंद

अमरावती : NEET परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं के विरोध में वामपंथी विचारधारा वाले छात्र और युवा संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद का असर शुक्रवार को आंध्र प्रदेश में देखने को मिला। बंद के समर्थन में राज्य के कई शिक्षण संस्थान बंद रहे और छात्र संगठनों ने प्रदर्शन कर परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
यह बंद नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आयोजित किया गया था। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और अन्य वामपंथी संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
छात्र संगठनों ने उठाई NEET व्यवस्था में सुधार की मांग
छात्र संगठनों का आरोप है कि NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा है। संगठनों ने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
SFI के राज्य सचिव प्रसन्ना कुमार ने दावा किया कि बंद को छात्रों और शिक्षण समुदाय से समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि NEET जैसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा से जुड़े मामलों में सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
कई संस्थानों में नहीं हुआ नियमित कामकाज
बंद के कारण राज्य के कई हिस्सों में शिक्षण संस्थानों का कामकाज प्रभावित हुआ। कुछ कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों ने एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित कर दी, जबकि कुछ जगहों पर छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर बंद का समर्थन किया।
हालांकि, बंद का असर सभी क्षेत्रों में समान नहीं रहा। कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां भी जारी रहीं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को समर्थन
छात्र संगठनों ने कहा कि आंध्र प्रदेश में आयोजित बंद का उद्देश्य दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाना है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
संगठनों ने सरकार से मांगा जवाब
SFI, AISF और अन्य संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि NEET मामले में स्पष्ट जवाब दिया जाए और छात्रों के हित में ठोस कदम उठाए जाएं।
छात्र नेताओं का कहना है कि केवल जांच की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए जिससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों की संभावना कम हो।
सरकार का रुख
केंद्र सरकार की ओर से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। सरकार ने कहा है कि छात्रों के हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है।
वहीं, विपक्षी दल और छात्र संगठन इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं और संसद से लेकर सड़कों तक विरोध दर्ज करा रहे हैं।
आंध्र प्रदेश में छात्र राजनीति तेज
NEET विवाद के बाद आंध्र प्रदेश में छात्र संगठनों की गतिविधियां तेज हुई हैं। वामपंथी छात्र संगठनों ने राज्य स्तर पर प्रदर्शन आयोजित कर अपनी मांगों को उठाया है।
छात्र नेताओं का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मामलों में छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और नीतिगत फैसलों में पारदर्शिता रखी जानी चाहिए।





