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अमरावती बनेगा क्वांटम टेक्नोलॉजी का केंद्र, CM नायडू ने वैश्विक साझेदारी पर दिया जोर

अमरावती : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि अमरावती तेजी से भारत के क्वांटम टेक्नोलॉजी भविष्य के प्रवेश द्वार के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य आंध्र प्रदेश में एक ऐसा वैश्विक स्तर का क्वांटम इकोसिस्टम तैयार करना है, जो शोध, तकनीकी विकास और व्यावसायिक इस्तेमाल के क्षेत्र में भारत को नई दिशा दे सके।
मुख्यमंत्री ने यह बात क्वांटम कंप्यूटिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी क्वांटिनम (Quantinuum) के CEO डॉ. राजीव हजरा और उनकी टीम के साथ हुई बैठक के बाद कही। नायडू ने बताया कि बैठक में आंध्र प्रदेश के माध्यम से भारत की क्वांटम महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए संभावित साझेदारी पर चर्चा की गई।
क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में बड़ी पहल की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय उन्नत तकनीकों का है और क्वांटम कंप्यूटिंग दुनिया में बड़े बदलाव लाने वाली तकनीकों में शामिल है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश इस क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका बनाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल तकनीक को अपनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है जहां क्वांटम तकनीक पर शोध हो, नई कंपनियां विकसित हों और वैश्विक स्तर के समाधान तैयार किए जा सकें।
ग्लोबल क्वांटम इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य
नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में विकसित किए जाने वाले क्वांटम इकोसिस्टम में कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे। इनमें रिसर्च, एडवांस्ड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम हार्डवेयर, सप्लाई चेन, टैलेंट डेवलपमेंट, स्टार्टअप और उद्योगों में क्वांटम तकनीक का इस्तेमाल प्रमुख होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना है जहां वैज्ञानिकों, छात्रों, स्टार्टअप और उद्योगों को एक साथ काम करने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वांटम तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इस क्षेत्र में शुरुआती निवेश राज्य को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा सकता है।
अमरावती को टेक्नोलॉजी हब बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरावती को आधुनिक तकनीक और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की कई बड़ी इनोवेटर कंपनियां आंध्र प्रदेश के साथ साझेदारी में रुचि दिखा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अमरावती आने वाले समय में ऐसा केंद्र बन सकती है, जहां अगली पीढ़ी की क्वांटम तकनीकों पर शोध होगा, उनका विकास किया जाएगा और उन्हें वैश्विक समस्याओं के समाधान में इस्तेमाल किया जाएगा।
क्वांटम कंप्यूटिंग का बढ़ता महत्व
क्वांटम कंप्यूटिंग को भविष्य की सबसे उन्नत तकनीकों में से एक माना जा रहा है। यह पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कई जटिल समस्याओं को तेजी से हल करने की क्षमता रखती है।
इस तकनीक का इस्तेमाल स्वास्थ्य, ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, वित्त, रक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला सकता है। दुनिया के कई देश और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां क्वांटम रिसर्च में भारी निवेश कर रही हैं।
युवाओं और स्टार्टअप को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वांटम तकनीक के विकास के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना बेहद जरूरी है। इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षण, शोध के अवसर और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में प्रतिभाशाली युवाओं और तकनीकी संस्थानों की क्षमता का उपयोग करके क्वांटम क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है।
उद्योगों के साथ साझेदारी पर जोर
नायडू ने कहा कि सरकार तकनीकी कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक कंपनियों की भागीदारी से राज्य में आधुनिक तकनीकी बुनियादी ढांचे को विकसित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि क्वांटम क्षेत्र में निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आंध्र प्रदेश तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाएगा।





