आंध्र प्रदेश

Nellore दौरे से पहले सियासत गरमाई, मंत्री डोला स्वामी ने जगन मोहन रेड्डी पर उठाए सवाल

Harrison
13 April 2026 9:00 PM IST
Nellore दौरे से पहले सियासत गरमाई, मंत्री डोला स्वामी ने जगन मोहन रेड्डी पर उठाए सवाल
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Nellore: आंध्र प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब समाज कल्याण मंत्री Dola Sree Bala Veeranjaneya Swamy ने वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख Y. S. Jagan Mohan Reddy के प्रस्तावित नेल्लोर दौरे को लेकर सवाल खड़े किए। मंत्री ने उनके दौरे के उद्देश्य पर स्पष्टता की मांग की और कहा कि जनता को उनके एजेंडे की जानकारी होनी चाहिए।
मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि वाईएसआरसी द्वारा जुव्वालादिन्ने फिशिंग हार्बर प्रोजेक्ट
का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इन्हें जनता के हित से जोड़कर समझना चाहिए।
मंत्री डोला स्वामी ने बताया कि यह फिशिंग हार्बर प्रोजेक्ट 288.80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस परियोजना में मछुआरों की सुविधा के लिए कई आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिससे उनके कामकाज में सुधार हो सके।
उन्होंने कहा कि इस हार्बर में
लैंडिंग प्लेटफॉर्म, ऑक्शन हॉल, नेट-रिपेयर यार्ड, सड़कें, बिजली औ
र पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे मछुआरा समुदाय को बेहतर ढांचा और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
मंत्री ने आगे कहा कि इस तरह की परियोजनाओं को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह विकास कार्यों को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार का ध्यान केवल जनकल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास पर है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार मछुआरों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है और इस हार्बर प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके माध्यम से मछुआरों को बेहतर बाजार और सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेल्लोर दौरे से पहले इस तरह के बयान से राज्य की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, जगन मोहन रेड्डी की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन उनके दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कुल मिलाकर, नेल्लोर में प्रस्तावित दौरे और फिशिंग हार्बर प्रोजेक्ट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद राज्य की राजनीति में नया मोड़ लेता दिख रहा है।
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