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आंध्र प्रदेश
चुनाव आयोग के फैसलों पर जगन का दोहरा मापदंड नायडू ने उठाए सवाल
Ratna Netam
19 Oct 2026 8:18 PM IST

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अमरावती। आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नायडू ने युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी पर राज्य चुनाव आयोग (SEC) के प्रति दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जगन मोहन रेड्डी संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों का समर्थन या विरोध अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार करते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब चुनाव अधिकारियों के फैसले उनके पक्ष में होते हैं, तो वे उनका स्वागत करते हैं, लेकिन प्रतिकूल निर्णय आने पर उन्हीं संस्थाओं की आलोचना करने लगते हैं।
चुनाव आयोग को लेकर जगन पर निशाना
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जगन मोहन रेड्डी के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री का संवैधानिक संस्थाओं के प्रति दृष्टिकोण निष्पक्ष नहीं है। नायडू के मुताबिक, लोकतंत्र में चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक दल और नेता की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों को स्वीकार या अस्वीकार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जगन मोहन रेड्डी का रवैया इसी प्रकार के दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
पिछली सरकार के कार्यकाल की घटनाओं का किया जिक्र
चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल की कुछ घटनाओं को याद करते हुए तत्कालीन राज्य चुनाव आयुक्त के साथ हुए कथित व्यवहार पर भी सवाल खड़े किए।नायडू ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान राज्य चुनाव आयुक्त को सार्वजनिक आलोचना, कानूनी चुनौतियों और धमकियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात इतने गंभीर हो गए थे कि चुनाव आयुक्त को अपनी सुरक्षा के लिए केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था की मांग करनी पड़ी।मुख्यमंत्री ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव बनाकर अधिकारियों के निर्णयों को प्रभावित करने की कोशिश लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के प्रति रुख पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री नायडू ने मुख्य चुनाव आयुक्त के प्रति जगन मोहन रेड्डी के रवैये को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जगन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति एक समान दृष्टिकोण नहीं रखते।नायडू के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए राजनीतिक नेताओं को संस्थाओं की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
युवाओं को राजनीतिक मोहरा बनाने का आरोप
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जगन मोहन रेड्डी पर युवा पीढ़ी, विशेषकर जेन जेड (Gen Z) को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।उन्होंने दावा किया कि युवा वर्ग की भावनाओं और महत्वाकांक्षाओं का फायदा उठाकर उन्हें राजनीतिक गतिविधियों में मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। नायडू ने चेतावनी दी कि युवाओं की ऊर्जा और उत्साह को गलत दिशा में मोड़ने से उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा समाज और देश के भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत हैं। ऐसे में उन्हें राजनीतिक स्वार्थ के लिए गुमराह करने के बजाय शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और बेहतर अवसरों की दिशा में प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर जोर
नायडू ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बना रहना जरूरी है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थागत स्वतंत्रता का सम्मान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।मुख्यमंत्री के इन आरोपों से आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। हालांकि, मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक दावे हैं और इन पर जगन मोहन रेड्डी या वाईएसआरसीपी का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।मुख्यमंत्री ने राजनीति में चरित्र, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व युवाओं को अपराध की ओर धकेलते हैं। नायडू ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण के बजाय युवाओं को सही दिशा देना जरूरी है।
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