आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश में चुनावी हलचल तेज CM चंद्रबाबू नायडू ने YSRCP को घेरा

Ratna Netam
19 Oct 2026 8:06 PM IST
आंध्र प्रदेश में चुनावी हलचल तेज CM चंद्रबाबू नायडू ने YSRCP को घेरा
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अमरावती। आंध्र प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को विपक्षी युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) और उसके अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भविष्य के लिए अगले 20 साल बेहद महत्वपूर्ण होंगे और इस दौरान विकास, सुशासन तथा कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देना जरूरी है।चंद्रबाबू नायडू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजनीति में हिंसा और आपराधिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों की योग्यता और कामकाज को ध्यान में रखकर मतदान करने की अपील की। साथ ही उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनसेना और भाजपा गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करने का आग्रह किया
अगले 20 साल आंध्र प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आने वाले दो दशक राज्य की प्रगति और भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने विकास परियोजनाओं, रोजगार, बेहतर प्रशासन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। उनके अनुसार, राज्य को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी सक्षम और जवाबदेह नेतृत्व की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों का काम केवल प्रशासनिक निर्णय लेना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करना और विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना भी है।
YSRCP पर चुनावी अनियमितताओं का आरोप
चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि पिछली YSRCP सरकार के कार्यकाल में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को निर्विरोध विजेता घोषित किया गया था।उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में निर्विरोध जीत आखिर किन परिस्थितियों में हुई थी।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय चुनावी प्रक्रिया में दबाव और धमकी जैसी गतिविधियों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक चुनावों में प्रत्येक उम्मीदवार को स्वतंत्र रूप से भाग लेने और मतदाताओं को बिना किसी दबाव के मतदान करने का अवसर मिलना चाहिए।
जगन मोहन रेड्डी के चुनाव आयोग दौरे पर सवाल
चंद्रबाबू नायडू ने YSRCP अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की हालिया गतिविधियों पर भी टिप्पणी की।उन्होंने कहा कि जगन मोहन रेड्डी बेंगलुरु से आंध्र प्रदेश पहुंचे, लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की।मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जगन अपने साथ मीडिया टीम लेकर चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे और वहां की बातचीत का सीधा प्रसारण कराया।नायडू ने उनके इस व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली और गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।
चुनावी हिंसा को लेकर दोनों दलों के आरोप
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के नामांकन के दौरान हिंसा और उम्मीदवारों को रोकने संबंधी आरोप सामने आए हैं।चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि YSRCP से जुड़े लोग कुछ क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।दूसरी ओर, YSRCP ने भी सत्तारूढ़ गठबंधन और पुलिस पर अपने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने तथा धमकाने के आरोप लगाए हैं।YSRCP ने इन कथित घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। पार्टी ने नामांकन की समयसीमा बढ़ाने और निर्विरोध परिणामों पर रोक लगाने जैसी मांगें उठाई हैं।
गठबंधन ने उम्मीदवारों के चयन पर दिया जोर
स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन ने सीटों के तालमेल और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।तेलुगु देशम पार्टी, जनसेना और भाजपा के बीच शहरी स्थानीय निकायों के लिए सीट बंटवारे की रूपरेखा तय की गई है।रिपोर्टों के अनुसार, गठबंधन में टीडीपी को 89, जनसेना को 25 और भाजपा को नौ शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।मुख्यमंत्री ने उम्मीदवार चयन में ईमानदारी, कार्यकुशलता और जनता के बीच स्वीकार्यता को महत्वपूर्ण बताया है।
विकास बनाम राजनीतिक आरोपों पर तेज हुई बहस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।उन्होंने पिछली YSRCP सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में राज्य की प्रगति प्रभावित हुई थी।वहीं YSRCP ने मौजूदा स्थानीय निकाय चुनावों में निष्पक्षता और उम्मीदवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।आगामी चुनावों से पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना राज्य चुनाव आयोग तथा प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
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