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Google निवेश से बढ़ी IT कंपनियों की रुचि, विशाखापत्तनम को मिलेगा फायदा

अमरावती। आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने बुधवार को विशाखापत्तनम में डेटा सेंटर स्थापित करने के राज्य सरकार के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटरों की पर्यावरणीय जरूरतों और पानी की खपत को लेकर लोगों के बीच जानबूझकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर काम कर रही है।
विधानसभा में सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए नारा लोकेश ने कहा कि विशाखापत्तनम में डेटा सेंटरों की स्थापना राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है।
आईटी मंत्री ने कहा कि विशाखापत्तनम में Google के निवेश के फैसले ने शहर को तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि Google जैसी वैश्विक कंपनी की मौजूदगी से अन्य आईटी कंपनियों का भरोसा भी बढ़ा है और कई कंपनियां विशाखापत्तनम में निवेश की संभावनाओं को तलाश रही हैं।
नारा लोकेश ने कहा कि डेटा सेंटरों को लेकर कुछ लोगों की ओर से पर्यावरण और पानी से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर सही तथ्यों को सामने रखना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि डेटा सेंटरों की जरूरतों को लेकर गलत धारणाएं बनाई जा रही हैं, जिससे लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी बड़ी परियोजना को लागू करने से पहले सभी पहलुओं का अध्ययन करती है। डेटा सेंटरों के निर्माण में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
मंत्री ने बताया कि डेटा सेंटर केवल तकनीकी ढांचा नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आईटी क्षेत्र में निवेश बढ़ने से युवाओं को बेहतर करियर विकल्प मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम को एक प्रमुख आईटी और डिजिटल हब के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, ताकि बड़ी तकनीकी कंपनियां राज्य में निवेश करने के लिए आकर्षित हों।
डेटा सेंटरों को लेकर सबसे बड़ी चिंता पानी की खपत को लेकर जताई जा रही थी। इस पर नारा लोकेश ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि शहर के आम लोगों की पानी की जरूरतों पर कोई असर न पड़े। औद्योगिक विकास और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तेजी से डिजिटल हो रही है और ऐसे में डेटा सेंटरों की जरूरत लगातार बढ़ेगी। अगर राज्य इस क्षेत्र में समय के साथ आगे नहीं बढ़ता है तो निवेश और रोजगार के अवसर दूसरे स्थानों पर जा सकते हैं।
नारा लोकेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश में तकनीकी कंपनियों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। विशाखापत्तनम की भौगोलिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी इसे आईटी निवेश के लिए उपयुक्त स्थान बनाते हैं।
उन्होंने विधानसभा में कहा कि सरकार की नीति केवल निवेश लाना नहीं है, बल्कि ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है जिसमें आम लोगों को भी लाभ मिले। डेटा सेंटर परियोजनाओं से रोजगार, तकनीकी विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
विशाखापत्तनम में डेटा सेंटर परियोजना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। सरकार जहां इसे डिजिटल विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कुछ लोग इसके पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
आईटी मंत्री के बयान के बाद सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वह डेटा सेंटर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही सरकार का कहना है कि सभी आवश्यक पर्यावरणीय मानकों और संसाधनों के संतुलित उपयोग का ध्यान रखा जाएगा।





