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इलेक्शन कमीशन ने आंध्र प्रदेश और हरियाणा में वोटर रोल SIR की डेडलाइन बढ़ाई

Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने आंध्र प्रदेश और हरियाणा में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत विभिन्न गतिविधियों की समय सीमा बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (Chief Electoral Officers) को अलग-अलग पत्र भेजकर संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी है।
आयोग के नए निर्देश के अनुसार, दोनों राज्यों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा किया जा रहा घर-घर सत्यापन अभियान अब 24 जुलाई तक जारी रहेगा। इससे पहले इस प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तारीख 14 जुलाई तय की गई थी। समय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण कार्य को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना बताया जा रहा है।
वोटर रोल अपडेट करने के लिए चल रहा SIR अभियान
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाताओं की जानकारी की जांच की जाती है और सूची में आवश्यक सुधार किए जाते हैं। इस दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने, गलत या पुराने रिकॉर्ड को सुधारने और पात्र मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करने का काम किया जाता है।
इस प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। BLO अपने क्षेत्र के मतदाताओं से संपर्क कर उनकी जानकारी की पुष्टि करते हैं और आवश्यक दस्तावेजों की जांच करते हैं।
घर-घर जाकर सत्यापन का बढ़ा समय
इलेक्शन कमीशन के निर्देश के मुताबिक, हरियाणा और आंध्र प्रदेश में BLO का घर-घर जाकर सत्यापन अभियान अब 24 जुलाई तक चलेगा। पहले यह काम 14 जुलाई तक पूरा किया जाना था।
समय बढ़ाए जाने से अधिकारियों को मतदाता सूची की जांच और सुधार प्रक्रिया को बेहतर तरीके से पूरा करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मतदाता सूची में सही और योग्य लोगों के नाम शामिल हों।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे संशोधित समय सीमा के अनुसार प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। स्थानीय स्तर पर BLO और अन्य चुनाव अधिकारियों को भी नई समय सीमा के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मतदाता सत्यापन का काम तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा हो और किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूट न जाए।
मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर
चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का काम करता है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
सही मतदाता सूची किसी भी चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक होती है। सूची में गलत नाम, डुप्लीकेट प्रविष्टियां या मृत मतदाताओं के नाम बने रहने से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए SIR जैसी प्रक्रियाएं चलाई जाती हैं।
राज्यों में जारी है प्रक्रिया
आंध्र प्रदेश और हरियाणा में SIR अभियान के तहत चुनाव अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं। BLO द्वारा किए जा रहे सत्यापन के दौरान मतदाताओं से संपर्क किया जा रहा है और आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
डेडलाइन बढ़ने से अब अधिकारियों और मतदाताओं दोनों को अधिक समय मिलेगा। जिन लोगों का सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है, वे भी इस प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम कदम
मतदाता सूची का अपडेट होना आगामी चुनावी तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव के समय मतदाता सूची में किसी तरह की त्रुटि न रहे और सभी पात्र नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
आयोग की ओर से समय-समय पर ऐसे निर्देश जारी किए जाते हैं ताकि राज्यों में मतदाता सूची का काम सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।
फिलहाल आंध्र प्रदेश और हरियाणा में SIR प्रक्रिया के तहत BLO का घर-घर सत्यापन अभियान 24 जुलाई तक जारी रहेगा। इसके बाद आयोग आगे की प्रक्रिया और कार्यक्रम को लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।





