आंध्र प्रदेश

चक्रवात 'मुरासु' का खतरा, CM नायडू ने दिल्ली दौरा किया रद्द

Harrison
1 Nov 2026 10:18 PM IST
चक्रवात मुरासु का खतरा, CM नायडू ने दिल्ली दौरा किया रद्द
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अमरावती। आंध्र प्रदेश पर एक बार फिर चक्रवात का खतरा मंडराने लगा है। संभावित प्राकृतिक आपदा को देखते हुए राज्य सरकार सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर चक्रवात के संभावित प्रभावों और उससे निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में राज्य के विभिन्न हिस्सों में संभावित बारिश, तेज हवाओं, जलाशयों के जलस्तर और आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रस्तावित अपना दिल्ली दौरा भी रद्द कर दिया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से मौसम की स्थिति, बारिश और हवा के पूर्वानुमान तथा जलाशयों में पानी की उपलब्धता और मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री की समीक्षा का उद्देश्य संभावित आपदा से पहले प्रशासनिक तैयारियों का आकलन करना और आवश्यक एहतियाती कदमों पर ध्यान देना है।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक
आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती तूफानों का खतरा समय-समय पर बना रहता है। बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाली मौसम प्रणालियों का असर राज्य के तटीय और आंतरिक इलाकों में देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसी भी संभावित चक्रवात की चेतावनी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होती है।
रविवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संभावित मौसम संबंधी
परिस्थितियों
पर चर्चा की। विशेष रूप से वर्षा की संभावना, तेज हवाओं के पूर्वानुमान और जलाशयों की स्थिति को समीक्षा में शामिल किया गया।भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का जोखिम रहता है। इन संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए समय रहते तैयारी करना आवश्यक माना जाता है।
चक्रवात 'मुरासु' से 100 से 110 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान 'मुरासु' और शक्तिशाली हो सकता है। इसके 2 नवंबर को गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने और 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।मौसम विभाग ने नेल्लोर से नरसापुर के बीच तटीय क्षेत्र में प्रभाव की संभावना जताई है, जबकि राज्य सरकार की समीक्षा में बापटला के आसपास तट पार करने की आशंका पर भी चर्चा हुई।
20 मंडलों में अत्यधिक बारिश की आशंका
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, 2 नवंबर से आंध्र प्रदेश के दक्षिणी और मध्य तटीय जिलों में बारिश तेज हो सकती है। 3 और 4 नवंबर को कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।अधिकारियों ने 20 मंडलों में अत्यधिक बारिश का अनुमान जताया है। इनमें एलुरु जिले के नौ, कृष्णा जिले के पांच, एनटीआर जिले के पांच और बापटला जिले का एक मंडल शामिल है।तीन नवंबर को एलुरु में औसतन 179 मिलीमीटर, कृष्णा में 163 मिलीमीटर, एनटीआर में 161 मिलीमीटर, पश्चिम गोदावरी में 147 मिलीमीटर, गुंटूर में 119 मिलीमीटर और बापटला में 104 मिलीमीटर बारिश का पूर्वानुमान है।
जलाशयों के जलस्तर पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री ने भारी बारिश की आशंका के बीच जलाशयों और नदियों में संभावित जलप्रवाह की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 3 नवंबर को बुडमेरु में लगभग 32,500 क्यूसेक पानी का प्रवाह हो सकता है। इसके अलावा एर्राकालवा, गोनेलावागु, जल्लेरु और पंपा जैसे जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने की संभावना है।ऐसी परिस्थितियों में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पहले से जरूरी इंतजाम करने और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए।
बिजली और संचार व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता
चक्रवात के दौरान तेज हवाओं से बिजली के खंभों और वितरण नेटवर्क को नुकसान पहुंचने की आशंका है। अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, 12 जिलों में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे प्रभावित हो सकते हैं।मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग को अतिरिक्त कर्मचारियों और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित नुकसान की स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार रहनी चाहिए।
चंद्रबाबू नायडू ने दूरसंचार कंपनियों को भी पहले से एहतियाती कदम उठाने को कहा, ताकि चक्रवात के दौरान मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की आशंका कम की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को हर चार घंटे में चक्रवात की स्थिति से संबंधित बुलेटिन जारी करने का सुझाव दिया।
पिछले चक्रवात 'अर्नब' से हुए नुकसान की भी समीक्षा
आंध्र प्रदेश हाल ही में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गुजरा है। 28 अक्टूबर को आए इस चक्रवात से राज्य में कृषि, सड़क और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था। रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में सात लोगों की मौत हुई थी।रविवार की बैठक में मुख्यमंत्री ने पिछले चक्रवात से प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्बहाली कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति रविवार रात तक बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली दौरा रद्द कर तैयारियों पर ध्यान
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का सोमवार को दिल्ली जाने का कार्यक्रम था, लेकिन चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए उन्होंने यात्रा रद्द कर दी। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने तथा संवेदनशील इलाकों में आवश्यक कर्मचारियों और उपकरणों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।राज्य सरकार का ध्यान संभावित जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करने पर है। तटीय इलाकों के लोगों और मछुआरों के लिए मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनियों का पालन करना जरूरी होगा।
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