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बिहार: पंजाबी सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंचते हैं। यही वजह है कि उनके लाइव शो के आयोजन में सुरक्षा और भीड़ को संभालने की व्यवस्था बेहद अहम हो जाती है। हाल ही में दिलजीत ने बताया कि वह बिहार में भी कॉन्सर्ट करना चाहते थे, लेकिन दो बार कोशिश करने के बावजूद वहां कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। इसकी मुख्य वजह बड़े स्तर पर भीड़ को संभालने के लिए जरूरी संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था की कमी थी।
दिलजीत ने यह भी साफ किया कि इतने बड़े आयोजन की जिम्मेदारी केवल कलाकार या उसकी टीम नहीं उठा सकती। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और आयोजकों का सहयोग जरूरी होता है। बिहार में शो न हो पाने के पीछे उन्होंने इसी व्यवस्था से जुड़ी परेशानी बताई है।
बिहार में दो बार कोशिश के बाद भी नहीं बना कार्यक्रम
दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में अपने एक लाइव सेशन के दौरान बिहार में कॉन्सर्ट को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी वहां कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की गई थी। हालांकि, उस समय भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती सामने आई और आयोजन आगे नहीं बढ़ सका।
सिंगर के मुताबिक, उनसे पूछा गया था कि क्या वह अपने कॉन्सर्ट में आने वाली भीड़ को संभालने की जिम्मेदारी ले सकते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अकेले उनकी टीम के लिए संभव नहीं है। इसके लिए प्रशासन को भी आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने बताया कि जरूरी सहयोग और व्यवस्था नहीं बन पाने के कारण बिहार में उनका कार्यक्रम नहीं हो पाया।
हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी से बढ़ जाती है चुनौती
दिलजीत ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उनके कॉन्सर्ट में सामान्य कार्यक्रमों की तुलना में काफी ज्यादा लोग पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजन स्थल पर प्रवेश, निकास, सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने जैसे इंतजाम पहले से करने पड़ते हैं।
किसी बड़े कॉन्सर्ट के लिए केवल मंच और संगीत की व्यवस्था करना पर्याप्त नहीं होता। वहां मौजूद लोगों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। भीड़ के आकार के हिसाब से पुलिस बल, सुरक्षा कर्मचारी और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करनी पड़ती है। दिलजीत का कहना है कि बिहार में कार्यक्रम आयोजित करना भी दिल्ली जैसे बड़े शहर में शो करने जितनी तैयारी मांगता है। इसलिए जब तक जरूरी संसाधन और जिम्मेदारियां तय न हों, तब तक इतने बड़े आयोजन को करना मुश्किल हो जाता है।
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुआ कॉन्सर्ट
बिहार में शो नहीं कर पाने की बात के साथ दिलजीत ने दिल्ली में हुए अपने कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राजधानी में कॉन्सर्ट आयोजित करने से पहले भी कई तरह की अड़चनें आई थीं। दिलजीत ने 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अपने 'ऑरा टूर' के तहत प्रस्तुति दी थी। यह उनका पहला इंडियन ऑरा कॉन्सर्ट था। कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अनुमति मिलने में परेशानी आई थी।
शुरुआत में सुरक्षा कारणों से शो को लेकर मंजूरी नहीं मिल पाई थी। इसके बाद आयोजकों की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजामों को लेकर भरोसा दिलाया गया। जरूरी व्यवस्थाओं पर सहमति बनने के बाद कार्यक्रम आयोजित हो सका।
बड़े कॉन्सर्ट के लिए प्रशासन की भूमिका भी जरूरी
दिलजीत के बयान से यह साफ होता है कि बड़े म्यूजिक शो आयोजित करने में कलाकार और आयोजकों के अलावा प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। हजारों लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से योजना बनाना जरूरी है।
बिहार में दो बार कोशिश के बाद भी कार्यक्रम नहीं हो पाने की वजह यही व्यवस्थागत चुनौती रही। फिलहाल दिलजीत ने वहां कॉन्सर्ट की किसी नई तारीख या भविष्य की योजना की घोषणा नहीं की है। हालांकि, उनके प्रशंसकों को अब भी इंतजार रहेगा कि आने वाले समय में उन्हें बिहार में लाइव परफॉर्मेंस देखने का मौका कब मिलता है।
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