आंध्र प्रदेश

भारत की अर्थव्यवस्था पर चंद्रबाबू नायडू का बड़ा दावा

Ratna Netam
3 Oct 2026 9:56 PM IST
भारत की अर्थव्यवस्था पर चंद्रबाबू नायडू का बड़ा दावा
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विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। PAN-IIT आंध्र प्रदेश समिट 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश जिस गति से आर्थिक विकास और तकनीकी बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए उन्हें विश्वास है कि वर्ष 2047 तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकसित देशों और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों को अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति तक पहुंचने में लंबा समय लगा। इसके विपरीत पिछले कुछ दशकों में एशिया के कई देशों ने तेज आर्थिक परिवर्तन देखा है। उन्होंने चीन और भारत के आर्थिक सुधारों का उदाहरण देते हुए बताया कि नीतिगत बदलाव किसी देश की आर्थिक दिशा को तेजी से बदल सकते हैं।
नायडू ने कहा कि चीन में वर्ष 1978 के आसपास शुरू हुए आर्थिक सुधारों के बाद वहां अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव आया। इसी तरह भारत में 1991 में शुरू हुए आर्थिक सुधारों ने देश के विकास की नई दिशा तय की। उदारीकरण और आर्थिक सुधारों के बाद भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत की है।
मुख्यमंत्री ने भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। उनके मुताबिक, आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा और तेज हो सकती है। हालांकि 2047 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का उनका बयान भविष्य को लेकर उनका आकलन और विश्वास है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास को केवल जीडीपी के आंकड़ों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। तकनीक, नवाचार, उद्यमिता, शिक्षा और मानव संसाधन किसी भी देश की दीर्घकालिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत के पास बड़ी युवा आबादी और तेजी से विकसित हो रहा तकनीकी क्षेत्र है, जिसका सही इस्तेमाल देश की आर्थिक क्षमता को और मजबूत कर सकता है।
PAN-IIT आंध्र प्रदेश समिट 2026 का प्रमुख फोकस भी तकनीक और नवाचार पर रहा। समिट में डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीकों के जरिए विकास जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई। कार्यक्रम को आंध्र प्रदेश की ‘स्वर्णांध्र 2047’ की विकास परिकल्पना से भी जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री नायडू लंबे समय से तकनीक आधारित विकास और निवेश को आंध्र प्रदेश की आर्थिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते रहे हैं। उन्होंने समिट में भी संकेत दिया कि राज्य सरकार नई तकनीकों, स्टार्टअप, अनुसंधान और वैश्विक निवेश को बढ़ावा देकर आंध्र प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना चाहती है।
नायडू ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, स्वच्छ ऊर्जा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों की भूमिका तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे में भारत और राज्यों को समय रहते इन क्षेत्रों में मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होगा।
उन्होंने IIT के पूर्व छात्रों, उद्यमियों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और सरकार के बीच मजबूत सहयोग से नई तकनीकों को प्रयोगशालाओं से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे नए स्टार्टअप और रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ निवेश को भी बढ़ावा मिल सकता है।
समिट का उद्देश्य आंध्र प्रदेश को डीप टेक और औद्योगिक नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार, IIT इकोसिस्टम और उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत अमरावती में PAN-IIT से जुड़ी संस्थागत व्यवस्था, डीप टेक निवेश तंत्र और वैश्विक IIT मेंटर नेटवर्क जैसी पहलों पर भी काम करने की योजना सामने रखी गई है।
नायडू ने भारत की आर्थिक यात्रा की तुलना चीन समेत अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से करते हुए कहा कि भारत के पास अब तेजी से आगे बढ़ने का बड़ा अवसर है। उन्होंने संकेत दिया कि मजबूत नीतियां, तकनीकी नवाचार, कुशल मानव संसाधन और उद्यमिता इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री का कहना था कि वर्ष 2047 केवल स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने का अवसर नहीं होगा, बल्कि भारत के लिए अपनी आर्थिक और तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने स्थापित करने का भी महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि निरंतर विकास, नवाचार और सामूहिक प्रयासों के जरिए भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में शीर्ष स्थान तक पहुंचने की क्षमता रखता है।
PAN-IIT आंध्र प्रदेश समिट के जरिए राज्य सरकार ने भी अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति में तकनीक, निवेश और नवाचार को केंद्र में रखने का संदेश दिया। नायडू ने कहा कि देश और राज्य को भविष्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धा के लिए अभी से तैयारी करनी होगी, ताकि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा सके।
समिट की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2026 को विजयवाड़ा के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कला वेदिका में आयोजित हुआ और इसका फोकस डीप टेक, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग तथा स्वर्णांध्र-विकसित भारत 2047 पर है।
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