आंध्र प्रदेश

रावॉक्स एग्रोटेक को जमीन देने पर YSRCP ने उठाए सवाल

Ratna Netam
3 Oct 2026 9:42 PM IST
रावॉक्स एग्रोटेक को जमीन देने पर YSRCP ने उठाए सवाल
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ताडेपल्ली। आंध्र प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटन को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। विपक्षी YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने शनिवार को TDP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पर्याप्त योग्यता और अनुभव नहीं रखने वाली कंपनियों को कीमती सरकारी जमीन आवंटित की जा रही है। पार्टी ने कहा कि ऐसे सभी जमीन आवंटनों की आने वाले समय में समीक्षा की जाएगी।
YSRCP के प्रवक्ता पुट्टा शिवशंकर ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए चित्तूर जिले के बैरेड्डीपल्ली में प्रस्तावित फूड प्रोसेसिंग यूनिट का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने रावॉक्स एग्रोटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना स्थापित करने के लिए 40.50 एकड़ जमीन आवंटित की है।
शिवशंकर ने कंपनी की वित्तीय क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी पेड-अप कैपिटल केवल 9 लाख रुपये है, जबकि प्रस्तावित परियोजना में करीब 1,388.14 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी की स्थापना नवंबर 2025 में हुई थी। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने सवाल किया कि इतनी नई और कम पेड-अप कैपिटल वाली कंपनी को बड़े निवेश वाली परियोजना के लिए जमीन देने का आधार क्या है।
YSRCP प्रवक्ता ने दावा किया कि कंपनी के निदेशकों के पास फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में पर्याप्त पूर्व अनुभव नहीं है। उन्होंने कंपनी की परियोजना के लिए पूंजी जुटाने की क्षमता पर भी सवाल खड़े किए। हालांकि ये आरोप YSRCP की ओर से लगाए गए हैं और कंपनी या सरकार का विस्तृत पक्ष सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
विपक्ष का आरोप है कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया में पात्रता, परियोजना की व्यवहार्यता और कंपनी की वित्तीय स्थिति जैसे पहलुओं को पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए। पार्टी ने मांग की कि सरकार परियोजना से जुड़े निवेश, वित्तीय व्यवस्था, रोजगार और जमीन आवंटन के आधार की पूरी जानकारी सार्वजनिक करे।
पुट्टा शिवशंकर ने आंध्र प्रदेश इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन यानी APIIC के माध्यम से किए गए जमीन आवंटन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी परियोजना को जमीन देने से पहले कंपनी की वित्तीय क्षमता और परियोजना को धरातल पर उतारने की योजना का विस्तृत आकलन होना चाहिए।
YSRCP नेताओं ने इस परियोजना के लिए दिए जाने वाले सरकारी प्रोत्साहनों पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से इससे पहले किए गए दावों के अनुसार परियोजना को करीब 592.22 करोड़ रुपये तक के प्रोत्साहन दिए जाने की बात कही गई है। विपक्ष का कहना है कि यदि इतनी बड़ी राशि के प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं तो सरकार को उसके मानदंड और शर्तें सार्वजनिक करनी चाहिए।
पार्टी का आरोप है कि बड़े निवेश और रोजगार के आंकड़ों को दिखाने के लिए ऐसी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिवशंकर ने कहा कि केवल प्रस्तावित निवेश या रोजगार के आंकड़ों के आधार पर परियोजना की सफलता तय नहीं की जा सकती। उनके अनुसार यह देखना जरूरी है कि संबंधित कंपनी के पास परियोजना को पूरा करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन, तकनीकी अनुभव और व्यावसायिक क्षमता है या नहीं।
वहीं, किसी औद्योगिक परियोजना में कंपनी की पेड-अप कैपिटल और परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत अलग-अलग वित्तीय अवधारणाएं होती हैं। परियोजनाओं के लिए कंपनियां बैंक ऋण, निवेशकों, इक्विटी और अन्य वित्तीय माध्यमों से भी पूंजी जुटा सकती हैं। ऐसे में केवल पेड-अप कैपिटल के आधार पर परियोजना की अंतिम वित्तीय क्षमता का निष्कर्ष निकालना पर्याप्त नहीं होगा। यही वजह है कि इस मामले में परियोजना की फंडिंग योजना और सरकारी मंजूरी की शर्तों का विवरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
YSRCP ने स्पष्ट किया कि उसका विरोध राज्य में उद्योग लगाने या निवेश आने से नहीं है। पार्टी का कहना है कि नई औद्योगिक इकाइयों से रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं, लेकिन सरकारी जमीन और प्रोत्साहन देने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
चित्तूर जिले में कृषि और उससे जुड़े उद्योगों की संभावनाओं को देखते हुए फूड प्रोसेसिंग परियोजनाएं स्थानीय स्तर पर किसानों और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। ऐसे उद्योग स्थापित होने पर कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, परिवहन, भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि प्रस्तावित रावॉक्स एग्रोटेक परियोजना से वास्तविक स्तर पर कितना निवेश और रोजगार पैदा होगा, यह परियोजना के क्रियान्वयन के बाद ही स्पष्ट होगा।
YSRCP ने कहा कि वह गठबंधन सरकार के कार्यकाल में किए जा रहे इस तरह के जमीन आवंटनों पर नजर रखेगी और उनकी समीक्षा करेगी। पार्टी ने सरकार से परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता, जमीन आवंटन के नियम, प्रस्तावित निवेश और प्रोत्साहन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
फिलहाल रावॉक्स एग्रोटेक को जमीन आवंटन का मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष ने कई सवाल उठाए हैं, जबकि इन आरोपों पर सरकार और कंपनी की विस्तृत प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जमीन आवंटन से लेकर निवेश जुटाने और परियोजना को धरातल पर उतारने तक की प्रक्रिया आने वाले समय में इस विवाद की दिशा तय करेगी।
YSRCP की ओर से 3 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में 40.50 एकड़ जमीन, ₹1,388.14 करोड़ प्रस्तावित निवेश और ₹9 लाख पेड-अप कैपिटल के आंकड़े दिए गए हैं; ये मुख्यतः विपक्ष के दावे हैं।
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