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Andhra: जगन ने पुलिवेंदुला में वोट देने से इनकार किया, 70 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की

अमरावती: YSRCP अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को पुलिवेंदुला में रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने दोबारा मतदान (रीपोलिंग) की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के पोलिंग एजेंटों को नगर पालिका के 80 में से 70 बूथों से बाहर निकाल दिया गया था।
जगन प्रभावित पोलिंग एजेंटों और रिलीविंग एजेंटों के साथ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्षी प्रतिनिधियों को बूथों में घुसने से रोका गया, तो मतदान कैसे जारी रह सकता है? उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर से अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने, निष्पक्ष जांच कराने और दोबारा मतदान का आदेश देने का आग्रह किया।
उन्होंने पूछा, "आज आप जो फैसला लेंगे, वह सिर्फ पुलिवेंदुला तक सीमित नहीं रहेगा। यह भविष्य में चुनाव कराने के तरीके के लिए एक मिसाल बन जाएगा। 70 पोलिंग एजेंट और रिलीविंग एजेंट आपके सामने खड़े हैं और बता रहे हैं कि क्या हुआ था। अब और क्या सबूत चाहिए?"
जगन ने कहा कि एजेंटों से अलग-अलग पूछताछ की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक उनकी पार्टी के लोग रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में ही डटे रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि YSRCP के पास चुनावी धांधली के सैकड़ों वीडियो, CCTV फुटेज और अन्य सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंटों के ऑथराइजेशन कार्ड छीन लिए गए और मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि असली मतदाताओं को रोका गया, उनकी वोटर पर्चियां फाड़ दी गईं और कुछ लोगों से कहा गया कि उनके वोट पहले ही डाले जा चुके हैं।
YSRCP प्रमुख ने कहा कि उन्होंने स्थिति को बिगड़ने देने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने SEC, रिटर्निंग ऑफिसर, कलेक्टर और SP पर 'चंद्रबाबू नायडू के हाथों की कठपुतली' बनकर काम करने का आरोप लगाया और एक स्वतंत्र चुनाव प्रशासन की मांग की।
पिछली YSRCP सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की सरकार ने तत्कालीन SEC निम्मगड्डा रमेश कुमार के फैसलों को स्वीकार किया था, जिसमें चुनाव ड्यूटी से अधिकारियों को हटाना भी शामिल था। पुलिवेंदुला में अपना वोट डालने पहुंचे जगन ने घोषणा की कि मौजूदा हालात में वह मतदान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, "अगर मैं अभी अपना वोट डालता हूँ, तो इसका मतलब यह होगा कि मैं मान रहा हूँ कि इस चुनाव प्रक्रिया में सब कुछ ठीक है। मैं ऐसा नहीं कर सकता। मैं तभी वोट डालूँगा जब न्याय, निष्पक्षता और अंतरात्मा की आवाज़ के अनुसार दोबारा मतदान (रीपोलिंग) का आदेश दिया जाएगा।"
यह चेतावनी देते हुए कि नामांकन और मतदान के अधिकारों की रक्षा न कर पाना अन्य लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बन सकता है, जगन ने एक निष्पक्ष जाँच, सभी सबूतों की पड़ताल, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिवेंदुला में तुरंत दोबारा मतदान कराने की माँग की।





