लाइफ स्टाइल

Yoga Tips: महिलाओं को सोने से पहले लेटकर करने चाहिए ये योगासन

Sarita
30 July 2025 7:30 AM IST
Yoga Tips: महिलाओं को सोने से पहले लेटकर करने चाहिए ये योगासन
x

Yoga Tips: योग से वज़न नियंत्रित रखने, शरीर को सुडौल और स्वस्थ रखने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। योगाभ्यास शीघ्र गर्भधारण में भी सहायक होता है। योग महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक बेहद कारगर प्राकृतिक उपचार है, जो उन्हें कई बीमारियों और शारीरिक व मानसिक स्थितियों से बचा सकता है। हालाँकि, चाहे वे कामकाजी महिलाएँ हों या गृहिणी, ज़्यादातर महिलाओं के पास अपना ध्यान रखने के लिए कम ही समय होता है। नौकरी और घर के प्रबंधन के बीच योग के लिए समय निकालना उनके लिए मुश्किल हो जाता है।

पवनमुक्तासन:

महिलाओं के लिए पवनमुक्तासन का अभ्यास फायदेमंद होता है। पेट संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस और पाचन क्रिया में सुधार के साथ ही मासिक धर्म संबंधी विकारों को भी यह आसन दूर करता है। इसके अलावा पेट की चर्बी कम करने, रीढ़ की हड्डी मजबूत बनाने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार में भी असरदार है।

इसके अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें और पैरों को छाती की ओर उठाएं। हाथों से घुटनों को पकड़कर सांस लेते हुए छाती की ओर खींचें। कुछ देर तक सांस रोकें फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पैरों को वापस लाएं। यह आसन 3-5 बार दोहराएं।

सुप्त बद्ध कोणासन:

यह आसन प्रजनन अंगों, पाचन तंत्र और मन को शांत करने में मदद करता है। इसके अभ्यास से जांघ, कमर और घुटनों में खिंचाव आता है, थकान और तनाव कम होता है। सुप्त बद्ध कोणासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को एक साथ लाएं और घुटनों को बाहर फैलाएं। अब पैरों के तलवों को साथ लाकर उन्हें पकड़ लें। छाती और पीठ को धीरे से रिलैक्स करें। इस आसन को कुछ देर करें, फिर धीरे से वापस पुरानी स्थिति में आ जाएं।

अनंतासन:

अनंतासन का अभ्यास पूरे शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। घुटनों, टखनों और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है। इससे कूल्हों, रीढ़ और छाती की मांसपेशियों को अच्छा खिंचाव मिलता है। पाचन, ब्लड प्रेशर और पेट व कमर की चर्बी को कम करने में भी यह आसन फायदेमंद है।

इस आसन के अभ्यास के दाईं करवट लेकर लेट जाएं। अब दाएं हाथ को कोहनी से मोड़ते हुए सिर को सहारा दें। फिर बाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को पकड़कर पैरों को ऊपर की ओर सीधा करें। इस दौरान बायां पैर और बायां हाथ ऊपर की ओर सीधे रखें। इस अभ्यास को 15 से 30 मिनट तक करने का प्रयास करें। फिर करवट बदलकर दूसरी ओर से भी दोहराएं।

Next Story