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Yoga Tips: योग से ठीक हो सकती है बवासीर की समस्या, नहीं पड़ेगी दवा की जरूरत

Sarita
24 July 2025 10:55 AM IST
Yoga Tips: योग से ठीक हो सकती है बवासीर की समस्या, नहीं पड़ेगी दवा की जरूरत
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Yoga Tips: नियमित मल त्याग न होने के कारण कब्ज होने पर बवासीर हो सकती है। इसके लक्षणों में रक्तस्राव, जलन और खुजली, गुदा क्षेत्र की मांसपेशियों में सूजन शामिल हैं। बवासीर की समस्या को दूर करने के लिए योग फायदेमंद हो सकता है। योग रक्त संचार में सुधार करता है, तनाव कम करता है, पेल्विक फ्लोर को कम करता है, पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है, जिससे बवासीर की समस्या में राहत मिल सकती है। इस लेख में जानिए उन योगासनों के बारे में जो बिना दवा के बवासीर की समस्या को ठीक कर सकते हैं। इन्हें डॉक्टरी सलाह के आधार पर करें।
पाइल्स से राहत पाने वाले योग:
उत्तानासन:
उत्तानासन के अभ्यास के लिए मैट पर सीधे खड़े होकर लंबी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुके और दोनों हाथों से जमीन को छुएं। हाथों को नीचे जमीन पर टिकाते हुए पैर के अंगूठे को छूने की कोशिश करें। इस दौरान घुटनों को सीधा रखें। कुछ देर इसी पोजीशन में रहें, फिर हाथ ऊपर ले जाते हुए सांस छोड़ें और सामान्य अवस्था में खड़े हो जाएं। इस योग से नींद की समस्या भी दूर होती है।
अर्ध मत्स्येन्द्रासन:
इस आसन के अभ्यास से हिप्स और जांघ की मांसपेशियों का फैट भी कम होता है। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने के साथ ही कमर की चर्बी कम होती है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने के लिए बिस्तर पर पहले दंडासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब शरीर को सीधा रखते हुए बाएं पैर के घुटनों को मोड़ते हुए दाएं पैर को उठाकर बाएं घुटने पर ले लाएं। अब दाएं हाथ की कोहनी को दाएं पैर के घुटने के ऊपर रखें। इसी अवस्था में रहने के बाद दूसरी तरफ से यह आसन दोहराएं।
मार्जरासन:
इस आसन के अभ्यास के लिए दोनों हाथों और घुटने जमीन पर रखते हुए हिप्स के नीचे और कंधे व कुहनियों को एक सीध में रखें। गर्दन और सिर को सीध में रखते हुए मेरुदंड को न झुकने दें। शरीर का भार हथेलियों और घुटनों पर समान रूप से डालते हुए कमर को छत की दिशा में उठाएं। गहरी सांस लें और कमर को ऊपर उठाएं। सिर को छत की दिशा में उठाएं।
बद्ध कोणासन के अभ्यास से थकान व तनाव की समस्या नहीं होती और साइटिका व हार्निया में भी फायदा मिलता है। इस आसन के अभ्यास के लिए पैर सीधा करके बैठ जाएं। तितली आसन की तरह घुटने मोड़कर तलवे को एक दूसरे से स्पर्श करें। घुटनों को नीचे की ओर जमीन छूने तक दबाएं। इस दौरान दोनों पैरों को हाथों से पकड़ें। ध्यान रखें कि शरीर के लचीले होने तक इस आसन को करें।
धनुरासन:
धनुरासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेट कर दोनों पैरों को मोड़कर ऊपर की ओर ले जाएं। दोनों हाथों से पैरों के पंजों को पकड़कर सांस लेते हुए पैरों को ऊपर की ओर खींचें। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
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