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लाइफ स्टाइल
डाइट में शामिल करें कौन सा चीला सूजी या बेसन में जानें फर्क
Ratna Netam
22 Aug 2026 4:38 PM IST

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लाइफ स्टाइल : सुबह के नाश्ते में चीला एक ऐसा विकल्प है, जिसे स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी माना जाता है। भारतीय घरों में सूजी और बेसन दोनों से चीला बनाया जाता है। दोनों ही आसानी से तैयार हो जाते हैं और इनमें सब्जियां मिलाकर इन्हें और पौष्टिक बनाया जा सकता है। लेकिन जब बात वजन कम करने यानी वेट लॉस की आती है तो कई लोगों के मन में सवाल होता है कि सूजी चीला और बेसन चीला में से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है।
वजन घटाने के लिए ऐसा भोजन जरूरी होता है जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर और कम मात्रा में अनावश्यक कैलोरी हो। आइए जानते हैं सूजी और बेसन चीला में क्या अंतर है और वेट लॉस के लिए कौन सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
सूजी चीला क्या है?
सूजी यानी रवा गेहूं से बनने वाला एक खाद्य पदार्थ है। इससे बना चीला हल्का, स्वादिष्ट और जल्दी पचने वाला माना जाता है। सूजी चीला बनाने के लिए इसमें दही, पानी, मसाले और सब्जियां मिलाई जाती हैं।
सूजी में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जिन्हें दिन की शुरुआत के लिए एनर्जी की जरूरत होती है।
सूजी चीला के पोषक तत्व
एक सामान्य सूजी चीले में लगभग:
* कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है
* कुछ मात्रा में प्रोटीन मिलता है
* फाइबर कम होता है
* आयरन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं
हालांकि सूजी से बना चीला स्वादिष्ट और पेट भरने वाला हो सकता है, लेकिन वजन कम करने वालों को इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
बेसन चीला क्या है?
बेसन यानी चने के आटे से बना चीला भारतीय खानपान में काफी लोकप्रिय है। इसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा सूजी की तुलना में ज्यादा मानी जाती है।
बेसन चीले में प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च, गाजर और हरी सब्जियां मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है।
बेसन चीला के पोषक तत्व
एक सामान्य बेसन चीले में:
* प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है
* फाइबर अधिक पाया जाता है
* कार्बोहाइड्रेट की मात्रा संतुलित होती है
* आयरन, मैग्नीशियम और अन्य मिनरल्स मिलते हैं
प्रोटीन और फाइबर की वजह से बेसन चीला खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा महसूस हो सकता है।
वेट लॉस के लिए कौन सा चीला बेहतर है?
अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है तो बेसन चीला सूजी चीले की तुलना में बेहतर विकल्प माना जा सकता है। इसका मुख्य कारण इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर की अधिक मात्रा है।
प्रोटीन शरीर में मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है और फाइबर पाचन को बेहतर बनाकर लंबे समय तक भूख को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।
वहीं सूजी चीला भी पूरी तरह से खराब विकल्प नहीं है। अगर इसे ज्यादा तेल के बिना और पर्याप्त सब्जियों के साथ बनाया जाए तो यह भी हेल्दी नाश्ता बन सकता है।
दोनों चीले में अंतर
बेसन चीला:
* ज्यादा प्रोटीन वाला
* वजन घटाने वालों के लिए बेहतर विकल्प
* लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार
* डायबिटीज वाले लोगों के लिए भी मात्रा का ध्यान रखते हुए अच्छा विकल्प हो सकता है
सूजी चीला:
* जल्दी बनने वाला
* स्वाद में हल्का और अच्छा
* शरीर को जल्दी ऊर्जा देने वाला
* ज्यादा शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए उपयोगी हो सकता है
चीला को और हेल्दी कैसे बनाएं?
वजन कम करने के लिए चीले को बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
* चीले में ज्यादा सब्जियां मिलाएं।
* तेल का इस्तेमाल कम करें।
* साथ में दही या पुदीने की चटनी ले सकते हैं।
* चीले के साथ ज्यादा तली हुई चीजें खाने से बचें।
* पर्याप्त प्रोटीन वाली डाइट रखें।
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