लाइफ स्टाइल

स्किन पर दाग-धब्बे रोकने के टिप्स

Kanchan Paikara
26 Jun 2026 6:45 PM IST
Lifestyle लाइफ स्टाइल : टीनएज यानी स्कूल और कॉलेज का समय शरीर में कई तरह के बदलावों का दौर होता है। इस उम्र में हार्मोनल बदलाव तेजी से होते हैं, जिसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। इसी वजह से चेहरे पर मुंहासे या पिंपल्स निकलना एक आम समस्या बन जाती है। कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि पूरे चेहरे पर छोटे-छोटे दाने फैल जाते हैं, जिससे युवाओं का आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार टीनएज में हार्मोन असंतुलन के कारण त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। इससे त्वचा पर अतिरिक्त तेल (sebum) बनने लगता है, जो पोर्स को बंद कर देता है और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। यही प्रक्रिया पिंपल्स और एक्ने का कारण बनती है।
इसके अलावा गलत खान-पान भी मुंहासों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। ज्यादा तैलीय, मसालेदार और जंक फूड का सेवन त्वचा को प्रभावित करता है। पर्याप्त पानी न पीना और नींद की कमी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है। कुछ मामलों में तनाव और मानसिक दबाव भी पिंपल्स का कारण बनता है।
डॉक्टरों का कहना है कि कई युवा पिंपल्स को जल्द ठीक करने के लिए उन्हें फोड़ने की गलती कर बैठते हैं या बिना सलाह के तरह-तरह की क्रीम और घरेलू उपाय अपनाते हैं। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। पिंपल्स फोड़ने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है और चेहरे पर दाग-धब्बे स्थायी रूप से रह सकते हैं।
पिंपल्स से बचाव के उपाय
त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, चेहरे को दिन में दो बार हल्के फेसवॉश से साफ करना चाहिए ताकि अतिरिक्त तेल और गंदगी हट सके। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, जिससे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।
संतुलित आहार लेना भी बेहद जरूरी है। हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त भोजन त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। जंक फूड और ज्यादा मीठे पदार्थों से दूरी बनाना फायदेमंद होता है।
इसके अलावा नियमित नींद लेना और तनाव को कम करना भी पिंपल्स को नियंत्रित करने में मदद करता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि किसी भी तरह की स्किन क्रीम या दवा का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
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