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गर्भावस्था की इस समस्या से मां-शिशु दोनों को खतरा

Rounak Dey
19 Jun 2023 12:18 AM IST
गर्भावस्था की इस समस्या से मां-शिशु दोनों को खतरा
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क | गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए सबसे खास समय होता है, हालांकि ये जितना खास होता है उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। इस दौरान गर्भवती को सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि आपकी सेहत का असर गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ सकता है। यही कारण है कि महिला को खान-पान, योग-व्यायाम करते रहने की सलाह दी जाती है।

क्या आप जानती हैं, गर्भावस्था का यह समय आपमें कई समस्याओं के जोखिमों को बढ़ाने वाला भी हो सकता है? जिसको लेकर निरंतर सावधानी बरतते रहना जरूरी है।

गर्भकाल में बहुत सी महिलाएं डायबिटीज की शिकार हो जाती है, इसे गर्भकालीन मधुमेह के रूप में जाना जाता है। इसी तरह से कुछ स्थितियां आपमें हाई ब्लड प्रेशर के जोखिमों को भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं, इसे मेडिकल की भाषा में प्रीक्लेम्पसिया के रूप में जाना जाता है। आइए इस समस्या के बारे में जानते हैं।प्रीक्लेम्पसिया एक गंभीर स्थिति है जो गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद या प्रसव के बाद हो सकती है, जिसे पोस्टपार्टम प्रीक्लेम्पसिया भी कहा जाता है। उच्च रक्तचाप के अलावा इसमें पेशाब में प्रोटीन का उच्च स्तर हो सकता है जो किडनी डैमेज (प्रोटीनुरिया) या अंगों की क्षति का कारण बनती है।

प्रीक्लेम्पसिया से एक्लम्पसिया होने का भी खतरा रहता है, यह भी एक गंभीर स्थिति है जिसमें मां और बच्चे दोनों के लिए समस्याएं हो सकती हैं, दुर्लभ मामलों में यह मृत्यु का कारण बन सकता है। मां-बच्चे दोनों की देखभाल के लिए इस समस्या के बारे में जानना और उपचार प्राप्त करना आवश्यक है।प्रीक्लेम्पसिया मुख्यरूप से हाई ब्लड प्रेशर, प्रोटीन्यूरिया या किडनी और अन्य अंगों के क्षति का कारण बन सकती है। प्रीक्लेम्पसिया के लक्षण अक्सर गर्भावस्था के दौरान होने वाली जांच में स्पष्ट हो पाते हैं, हालांकि कुछ सामान्य सी दिक्कतों के आधार पर भी समस्या का पता लगाया जा सकता है।

पेशाब में अतिरिक्त प्रोटीन या किडनी की समस्याओं के अन्य लक्षण।

रक्त में प्लेटलेट के स्तर में कमी (थ्रोम्बोसाइटोपेनिया)।

लिवर एंजाइम में वृद्धि जो लिवर की समस्याओं का संकेत हो सकती है।

गंभीर सिरदर्द- दृष्टि में परिवर्तन, धुंधली दृष्टि या प्रकाश संवेदनशीलता।

फेफड़ों में तरल पदार्थ के कारण सांस की तकलीफ।

ऊपरी पेट में दर्द, आमतौर पर दाहिनी ओर पसलियों के नीचे।

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