लाइफ स्टाइल

बदलते मौसम में खांसी खराश से बचाएंगे ये देसी नुस्खे

Ratna Netam
21 Sept 2026 2:10 PM IST
बदलते मौसम में खांसी खराश से बचाएंगे ये देसी नुस्खे
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लाइफ स्टाइल : बदलते मौसम में खांसी, गले में खराश और हल्की सर्दी-जुकाम की समस्या आम हो जाती है। धूल, प्रदूषण, ठंडी चीजों का सेवन, मौसम में अचानक बदलाव और वायरल इंफेक्शन के कारण कई लोगों को गले में जलन, सूखापन और लगातार खांसी की शिकायत होने लगती है। ऐसे में लोग अक्सर तुरंत राहत के लिए घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। भारतीय रसोई में मौजूद कई चीजें ऐसी हैं, जिनका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से गले की परेशानी में किया जाता रहा है।हालांकि, अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहे, तेज बुखार हो, सांस लेने में तकलीफ हो या सीने में दर्द महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। सामान्य सर्दी-जुकाम और हल्की खराश में कुछ गर्म पेय और घरेलू तरीके आराम पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।
अदरक वाली गर्म चाय से मिल सकती है राहत
अदरक को लंबे समय से घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व गले की जलन को शांत करने और सर्दी के दौरान होने वाली असहजता को कम करने में मदद कर सकते हैं। गर्म पानी में अदरक के छोटे टुकड़े डालकर उबालें और इसमें थोड़ी मात्रा में शहद मिलाकर सेवन किया जा सकता है।अदरक वाली चाय पीने से गले में गर्माहट महसूस होती है और बंद नाक जैसी समस्या में भी कुछ लोगों को आराम मिलता है। ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा अदरक का सेवन करने से पेट में जलन जैसी समस्या हो सकती है।
हल्दी वाला दूध भी है पारंपरिक उपाय
हल्दी वाला दूध भारतीय घरों में सदियों से इस्तेमाल किया जाने वाला घरेलू पेय है। हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जिस पर सूजन कम करने वाले गुणों को लेकर अध्ययन हुए हैं। रात में सोने से पहले हल्का गर्म दूध में थोड़ी हल्दी मिलाकर पीने की परंपरा कई घरों में है।यह गले में आराम देने वाला गर्म पेय हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। जिन लोगों को दूध से परेशानी होती है, वे इसका सेवन करने से पहले सावधानी रखें।
शहद से गले की खराश में आराम
शहद का इस्तेमाल भी खांसी और गले की परेशानी में किया जाता है। एक चम्मच शहद गले में नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है और सूखी खांसी में कुछ राहत दे सकता है।लेकिन एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए। मधुमेह से पीड़ित लोगों को शहद का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए।
नमक के गर्म पानी से गरारे
गले की खराश में गर्म पानी से गरारे करना एक आसान घरेलू तरीका है। हल्के गर्म पानी में थोड़ा नमक मिलाकर दिन में दो से तीन बार गरारे किए जा सकते हैं। इससे गले की असहजता कम करने और जमा बलगम को ढीला करने में मदद मिल सकती है।गरारे करते समय पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे गले को नुकसान पहुंच सकता है।
तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा
तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बना हल्का काढ़ा भी कई लोग सर्दी-जुकाम के मौसम में पीते हैं। इसे बनाने के लिए पानी में तुलसी की पत्तियां, थोड़ा अदरक और एक-दो काली मिर्च डालकर उबाल सकते हैं।हालांकि, काढ़े का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा मसालेदार काढ़ा कुछ लोगों में एसिडिटी या पेट की परेशानी बढ़ा सकता है।
भाप लेने से खुल सकती है बंद नाक
अगर खांसी के साथ नाक बंद है तो गर्म पानी की भाप लेने से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है। भाप लेने से नाक और गले में जमा सूखापन कम महसूस हो सकता है।बच्चों को भाप देते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए ताकि गर्म पानी से जलने का खतरा न हो।
इन बातों का रखें ध्यान
खांसी और खराश में राहत के लिए सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहना हमेशा सही नहीं होता। पर्याप्त पानी पीना, आराम करना, धूल-धुएं से बचना और गले को ज्यादा तनाव न देना भी जरूरी है।ठंडी चीजों का सेवन कम करें और शरीर को गर्म रखने की कोशिश करें। अगर खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहती है, खून के साथ खांसी आती है, तेज बुखार रहता है या सांस लेने में परेशानी होती है तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।गर्म पेय, सही देखभाल और आराम से सामान्य मौसमी खांसी-खराश में राहत मिल सकती है। घरेलू नुस्खे केवल सामान्य असहजता कम करने में मददगार हो सकते हैं, इन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं समझना चाहिए।
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