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'Revenge Quitting' का ट्रेंड और इसके खतरनाक साइड इफेक्ट्स

Harrison
20 Nov 2025 8:53 PM IST
Revenge Quitting का ट्रेंड और इसके खतरनाक साइड इफेक्ट्स
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Lifestyle ,लाइफस्टाइल : हाल के वर्षों में वर्क कल्चर में एक नया ट्रेंड तेजी से उभर रहा है जिसे “रिवेंज क्विटिंग” कहा जा रहा है। यह तब होता है जब कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ देते हैं, अक्सर इस भावना के साथ कि वह अपने पुराने बॉस या ऑफिस के प्रति किसी प्रकार की नाराज़गी या असंतोष जता रहे हैं। हालाँकि, इसे सिर्फ़ अपनी नाराज़गी जताने का तरीका माना जाता है, इसके खतरनाक मानसिक और पेशेवर साइड इफेक्ट्स भी सामने आ रहे हैं।
रिवेंज क्विटिंग मुख्य रूप से उन कर्मचारियों में देखा जा रहा है जिन्होंने लंबे समय तक तनावपूर्ण और असंतोषजनक कामकाजी माहौल झेला हो। ऐसे लोग नौकरी छोड़कर अपने पुराने ऑफिस या बॉस को “सिखाने” का मन बना लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम लंबे समय में कर्मचारी के अपने करियर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रिवेंज क्विटिंग के पीछे अक्सर क्रोध, निराशा और असंतोष का मिश्रण होता है। यह केवल ऑफिस के प्रति नाराज़गी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति की आत्म-सम्मान और पेशेवर विकास पर भी असर डाल सकता है। लगातार ऐसे निर्णय लेने से कर्मचारी में तनाव, चिंता और अनिश्चितता बढ़ सकती है।
रिवेंज क्विटिंग का एक और पहलू है कि यह कर्मचारी की कैरियर ग्रोथ और वित्तीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है। अचानक नौकरी छोड़ने के बाद नया काम ढूँढना आसान नहीं होता, और कई बार लोग जल्दी में किसी भी नौकरी को स्वीकार कर लेते हैं, जो उनके कौशल और भविष्य के लक्ष्यों के अनुकूल नहीं होती। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह कदम लंबे समय में पेशेवर साख और नेटवर्किंग को भी प्रभावित कर सकता है।
HR विशेषज्ञों का कहना है कि रिवेंज क्विटिंग से बचने का सबसे कारगर तरीका है संवाद और समस्याओं का समाधान ढूँढना। यदि किसी कर्मचारी को अपनी नौकरी में असंतोष या दबाव महसूस हो रहा है, तो उन्हें अपने मैनेजर या HR से खुलकर बात करनी चाहिए। समस्या को सही समय पर पहचानकर समाधान करना, व्यक्ति को मानसिक शांति और पेशेवर संतुलन दोनों देता है।
कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि रिवेंज क्विटिंग करने वाले कर्मचारियों में अक्सर अस्थायी सुकून और खुशी महसूस होती है, लेकिन यह स्थायी नहीं रहती। इसके बाद आने वाला समय असुरक्षा, पछतावा और पेशेवर दबाव लाता है। इसलिए मनोवैज्ञानिक और करियर काउंसलर सलाह देते हैं कि किसी भी नौकरी छोड़ने का फैसला सकारात्मक और सोच-समझकर लेना चाहिए, ना कि सिर्फ क्रोध या बदला लेने की भावना से।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी अपनी
नौकरी छोड़ना चाहता
है, तो उसे पहले वित्तीय योजना, नई अवसरों का मूल्यांकन और करियर ग्रोथ की संभावना को ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा, पुराने ऑफिस के प्रति अपने व्यवहार में संयम और पेशेवर नैतिकता बनाए रखना भी जरूरी है। इससे व्यक्ति का पेशेवर नेटवर्क सुरक्षित रहता है और भविष्य में नए अवसर खुलते हैं।
आज के समय में, जब वर्क कल्चर बदल रहा है और कर्मचारी अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं, ऐसे ट्रेंड्स समझना और उनके खतरनाक पहलुओं से अवगत होना आवश्यक है। रिवेंज क्विटिंग केवल एक तात्कालिक संतोष दे सकती है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह मानसिक, वित्तीय और पेशेवर नुकसान पहुंचा सकती है।
अंततः, यह स्पष्ट है कि नौकरी छोड़ना कोई हल्का कदम नहीं है। रिवेंज क्विटिंग जैसी प्रवृत्ति से निपटने के लिए संयम, सोच-समझकर निर्णय और पेशेवर मार्गदर्शन आवश्यक है। सही समय और सही तरीके से लिया गया निर्णय कर्मचारी को मानसिक शांति और करियर में स्थिरता दोनों देता है।
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