- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- गर्मी का बढ़ता प्रकोप,...
लाइफ स्टाइल
गर्मी का बढ़ता प्रकोप, हीट स्ट्रोक से कैसे बचें? हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह
SHIDDHANT
25 April 2026 8:21 PM IST

x
Delhi दिल्ली। देश भर में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। दिन का तापमान लगातार चढ़ रहा है और लू चलने की संभावना भी बढ़ गई है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा हो जाता है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट इससे बचाव के लिए महत्वपूर्ण सलाह देते हैं। हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है और शरीर ठंडक बनाने की क्षमता को खो देता है। यह जानलेवा भी हो सकता है, इसलिए गर्मी के मौसम में सतर्क रहना बहुत जरूरी है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने आम लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतकर खुद को और अपने परिवार को हीट स्ट्रोक से बचाएं। समय पर सही बचाव और प्राथमिक उपचार अपनाकर इस गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
एनएचएम ने सभी से अपील की है कि गर्मी के मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का खास ध्यान रखें। उन्हें ज्यादा देर धूप में न रहने दें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी से हीट स्ट्रोक को आसानी से रोका जा सकता है। गर्मी को मात देने के लिए हल्का भोजन करें, ठंडे पानी का इस्तेमाल करें और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें।
हीट स्ट्रोक से बचाव के आसान उपाय भी हैं जैसे- दोपहर के सबसे गर्म समय यानी 12 बजे से 4 बजे तक में भारी या ज्यादा मेहनत वाले काम करने से बचें। बाहर जाने से बचें। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। भले ही प्यास न लगे, फिर भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। ज्यादा कैफीन या चीनी वाले ड्रिंक्स जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, चाय, कॉफी से बचें। ये शरीर को और डिहाइड्रेट कर सकते हैं। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। गहरे रंग के कपड़े ज्यादा गर्मी सोखते हैं। बाहर काम करते समय हर 15-20 मिनट में कुछ देर के लिए छांव में आराम करें।
हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर प्राथमिक उपचार पर ध्यान दें। अगर किसी व्यक्ति को हीट स्ट्रोक के लक्षण नजर आएं, जैसे चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, बेहोशी या शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाना तो तुरंत पीड़ित व्यक्ति को किसी ठंडी और हवादार जगह पर लिटा दें। उनके शरीर पर ठंडी पट्टी या ठंडे पानी से सेक करें, खासकर गर्दन, कलाई, और पैरों के तलवों पर। उन्हें ठंडे पानी के छोटे-छोटे घूंट पिलाते रहें। हालत में सुधार होने पर नमी वाले हल्के फल या खाद्य पदार्थ व जूस दें।
Tagsहीट स्ट्रोकगर्मी का प्रकोपलूनेशनल हेल्थ मिशनएनएचएमगर्मी से बचावस्वास्थ्य सलाहभारत मौसमडिहाइड्रेशनहीट वेवसावधानी उपायबच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षाHeat strokeheat waveNational Health MissionNHMheat protectionhealth adviceIndia weatherdehydrationprecautionary measuressafety of children and elderlyजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





