लाइफ स्टाइल

घूमने का ऐसा जुनून 33 साल में नाप डाले 233 देश

Ratna Netam
10 Sept 2026 3:02 PM IST
घूमने का ऐसा जुनून 33 साल में नाप डाले 233 देश
x
बीजिंग। दुनिया घूमने का सपना बहुत से लोग देखते हैं, लेकिन नौकरी, कारोबार, परिवार और खर्च की वजह से अक्सर यह सपना अधूरा रह जाता है। चीन के एक कारोबारी ने इस सपने को न सिर्फ पूरा किया, बल्कि इसके लिए अपनी जिंदगी के 33 साल लगा दिए। 53 वर्षीय चेन जिनवेई ने तीन दशक से भी ज्यादा समय में 233 देशों, क्षेत्रों और टेरिटरी की यात्रा पूरी की है। उनकी कहानी अब सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में तेजी से चर्चा का विषय बन गई है।
चीन के झेजियांग प्रांत के झुजी शहर के रहने वाले चेन जिनवेई एक मशीनरी कंपनी के मालिक हैं। उनकी दुनिया घूमने की यात्रा वर्ष 1993 में शुरू हुई थी। उस समय इंटरनेट आज की तरह लोगों की जिंदगी का हिस्सा नहीं था। दूसरे देशों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए किताबें, अखबार और दूसरे लोगों के अनुभव ही प्रमुख साधन हुआ करते थे।
चेन के मन में सवाल था कि आखिर दुनिया का दूसरा हिस्सा वास्तव में कैसा दिखता है। वह केवल किताबों या दूसरे लोगों की बातों के आधार पर दुनिया को नहीं समझना चाहते थे। उन्होंने खुद अलग-अलग देशों में जाकर वहां की जिंदगी, संस्कृति और लोगों को देखने का फैसला किया।
सिंगापुर मलेशिया और थाईलैंड से शुरू हुआ सफर
चेन की पहली अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में सिंगापुर, मलेशिया और थाईलैंड शामिल थे। 1993 की इन यात्राओं ने उनके अंदर दुनिया देखने की इच्छा को और मजबूत कर दिया।
इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अलग-अलग महाद्वीपों की यात्रा शुरू कर दी। जो शुरुआत कुछ देशों को देखने के शौक से हुई थी, वह आगे चलकर पूरी दुनिया घूमने के बड़े लक्ष्य में बदल गई।
करीब 33 साल बाद चेन ने 233 देशों, क्षेत्रों और टेरिटरी की यात्रा करने का अपना लक्ष्य पूरा कर लिया। उनकी अंतिम यात्राओं में पेरू शामिल रहा। इसके बाद वह अपने गृह शहर झुजी लौटे।
ध्यान देने वाली बात है कि दुनिया में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश हैं। 233 की संख्या में अलग-अलग देशों के साथ निर्भर क्षेत्र, टेरिटरी और विशेष प्रशासनिक क्षेत्र भी शामिल किए गए हैं। इसलिए इसे 233 स्वतंत्र देशों की संख्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
घूमने में खर्च कर दिए करीब 10 मिलियन युआन
चेन का यह सफर सस्ता नहीं था। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने अपनी यात्राओं पर करीब 10 मिलियन युआन खर्च किए, जिसकी कीमत लगभग 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर बैठती है।
भारतीय मुद्रा में अलग-अलग विनिमय दरों के आधार पर मीडिया रिपोर्टों में इसे करीब 12 से 14 करोड़ रुपये के बीच बताया गया है।
लेकिन चेन के लिए यह पैसा केवल पर्यटन स्थलों को देखने पर किया गया खर्च नहीं था। वह अपनी यात्राओं को जीवन के अनुभव और अलग-अलग संस्कृतियों को समझने के अवसर के रूप में देखते हैं।
उन्होंने कोशिश की कि किसी जगह पहुंचकर केवल मशहूर पर्यटन स्थल देखकर वापस न लौटें। वह स्थानीय संस्कृति और वहां के लोगों की जिंदगी को समझने के लिए समय बिताते थे।
बिजनेस कैसे संभाला?
चेन की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि उन्होंने दुनिया घूमने के लिए अपना कारोबार नहीं छोड़ा।
मशीनरी कंपनी के मालिक होने के कारण उन पर व्यावसायिक जिम्मेदारियां थीं। साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी थी। ऐसे में लगातार वर्षों तक दुनिया घूमना आसान नहीं था।
इसका समाधान उन्होंने एक खास तरीके से निकाला। रिपोर्टों के अनुसार चेन अक्सर एक महीना घर पर रहते थे और अगला महीना यात्रा में बिताते थे।
घर पर रहने के दौरान वह अपने बिजनेस और परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते और इसके बाद अगली यात्रा पर निकल जाते थे। इसी तरह धीरे-धीरे उन्होंने दुनिया के लगभग हर हिस्से तक पहुंचने का अपना लक्ष्य पूरा किया।
अंटार्कटिका पहुंचने में दो बार करनी पड़ी कोशिश
चेन की हर यात्रा आसान नहीं थी। अंटार्कटिका पहुंचने के लिए उन्हें दो बार कोशिश करनी पड़ी।
नवंबर 2015 में वह फ्रांसीसी एक्सपेडिशन क्रूज शिप Le Boréal से अंटार्कटिका के लिए निकले थे। यात्रा के तीसरे दिन जहाज में बिजली से जुड़ी समस्या पैदा हो गई और उससे काला धुआं निकलने लगा।
हालात को देखते हुए यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। चेन का अंटार्कटिका पहुंचने का पहला प्रयास असफल हो गया।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जनवरी 2016 में उन्होंने दोबारा कोशिश की और इस बार अंटार्कटिका पहुंचने में सफल रहे।
सबसे मुश्किल निकला टोकेलाऊ
चेन के मुताबिक उनकी यात्राओं में न्यूजीलैंड से जुड़ा सुदूर द्वीपीय क्षेत्र टोकेलाऊ सबसे चुनौतीपूर्ण जगहों में से एक रहा।
2019 में उन्होंने वहां जाने के लिए काफी तैयारी की थी और न्यूजीलैंड तक पहुंच भी गए थे। लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति के कारण उन्हें यात्रा रद्द करनी पड़ी।
कई वर्षों तक इंतजार करने के बाद उन्होंने 2026 में फिर कोशिश की। इस बार वह टोकेलाऊ के एटोल तक पहुंचने में सफल रहे।
लंबे इंतजार के बाद वहां पहुंचना उनके लिए बेहद खास पल था। उन्होंने अपने अनुभव को बेहद रोमांचक बताया।
अफ्रीका में हो गया मलेरिया
33 साल तक लगातार दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करने के दौरान चेन को कई खतरनाक परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा।
अफ्रीका की यात्रा के दौरान वह मलेरिया की चपेट में आ गए थे। दूसरी ओर ग्रीस में रहने के दौरान उन्होंने भूकंप का सामना किया।
अंटार्कटिका की पहली यात्रा के दौरान जहाज में खराबी भी उनके लिए बड़ा झटका थी। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा।
चेन का मानना है कि इन मुश्किल परिस्थितियों ने उन्हें समस्याओं का सामना करना सिखाया। उनका तरीका था कि समस्या आने पर पहले शांत रहो और उसके बाद समाधान के बारे में सोचो।
198 देशों की करेंसी भी जुटाई
चेन ने अपने 33 साल के सफर को केवल फोटो और वीडियो तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने जिन देशों और क्षेत्रों की यात्रा की, वहां की मुद्राएं भी जमा करनी शुरू कीं।
धीरे-धीरे उनके पास 198 देशों की करेंसी का बड़ा संग्रह तैयार हो गया।
बाद में उन्होंने इस संग्रह को Xu Xiake Memorial Hall को दान कर दिया। Xu Xiake चीन के प्रसिद्ध ऐतिहासिक यात्री, भूगोलवेत्ता और यात्रा लेखक थे।
चेन की ओर से दान की गई मुद्राओं का संग्रह अब उनके लंबे वैश्विक सफर की एक अलग निशानी बन गया है।
बिजनेस और ट्रैवल में दिखी एक जैसी सीख
चेन के मुताबिक बिजनेस चलाने और दुनिया घूमने में कई समानताएं हैं। दोनों जगह मुश्किल परिस्थितियां आती हैं, योजनाएं अचानक बदलती हैं और कई बार असफलता का सामना करना पड़ता है।
अंटार्कटिका की पहली कोशिश असफल होने के बाद उन्होंने दूसरी बार प्रयास किया। टोकेलाऊ का सफर 2019 में रद्द होने के बावजूद वर्षों बाद उन्होंने फिर कोशिश की।
उनका मानना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ना चाहिए।
यही सोच उन्होंने अपने बिजनेस में भी अपनाई और यात्रा के दौरान भी।
अब क्या करेंगे चेन?
233 देशों और क्षेत्रों की यात्रा का लक्ष्य पूरा होने के बाद चेन ने अपनी प्राथमिकताएं बदलने की बात कही है।
अब वह अपने बच्चों और माता-पिता के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं। इसके साथ ही उनकी एक नई योजना भी है। वह आउटडोर और पर्यटन उद्योग से जुड़े 100 प्रमुख लोगों का इंटरव्यू करना चाहते हैं और उनकी जिंदगी की कहानियों को दर्ज करने की योजना बना रहे हैं।
यानी दुनिया घूमने का उनका 33 साल पुराना मिशन भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन यात्राओं और उनसे जुड़े लोगों की कहानियों से उनका रिश्ता अभी खत्म नहीं होने वाला है।
लोगों को दिया एक छोटा लेकिन बड़ा संदेश
चेन की कहानी इंटरनेट पर लोगों का ध्यान इसलिए भी खींच रही है क्योंकि उन्होंने दुनिया घूमने के लिए अपना पूरा जीवन बाकी जिम्मेदारियों से अलग नहीं किया। उन्होंने कारोबार चलाया, परिवार संभाला और साथ-साथ अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार यात्राएं करते रहे।
उनकी यात्रा 1993 में तीन एशियाई देशों से शुरू हुई और 33 साल बाद 233 देशों, क्षेत्रों और टेरिटरी तक पहुंच गई।
इस दौरान बीमारी हुई, भूकंप देखा, यात्रा रद्द हुई और अंटार्कटिका पहुंचने की पहली कोशिश भी नाकाम रही। इसके बावजूद वह आगे बढ़ते रहे।
दुनिया घूमने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए चेन का संदेश बेहद सीधा है—योजना को हमेशा भविष्य के लिए मत टालते रहिए, क्योंकि समय किसी का इंतजार नहीं करता।
अब 53 साल की उम्र में जब चेन अपने गृह शहर लौट चुके हैं तो उनका 33 साल लंबा सफर दुनिया भर में चर्चा बटोर रहा है। करीब 10 मिलियन युआन खर्च करके 233 देशों और क्षेत्रों तक पहुंचने वाले इस बिजनेसमैन की कहानी केवल ट्रैवल रिकॉर्ड की नहीं, बल्कि लंबे समय तक एक लक्ष्य पर टिके रहने की कहानी भी बन गई है।
Next Story