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Health Tips: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई तरह के शारीरिक बदलाव देखने को मिलते हैं। खासकर 60 साल की उम्र के बाद मांसपेशियों की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसका सबसे ज्यादा असर पैरों और जांघों की मांसपेशियों पर पड़ सकता है। कई बुजुर्गों को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने, कुर्सी से उठने और लंबे समय तक खड़े रहने में परेशानी होने लगती है। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का कमजोर होना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन नियमित व्यायाम और सही खानपान से इस कमजोरी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अच्छी बात यह है कि जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी नहीं कि आप जिम जाएं या भारी एक्सरसाइज करें। घर में रखी एक मजबूत कुर्सी की मदद से भी कई आसान व्यायाम किए जा सकते हैं। ये एक्सरसाइज खासकर उन बुजुर्गों के लिए उपयोगी हो सकती हैं, जिन्हें खड़े होकर लंबे समय तक व्यायाम करने में कठिनाई होती है।
बढ़ती उम्र में क्यों कमजोर होने लगती हैं मांसपेशियां?
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में मांसपेशियों का आकार और ताकत कम होने की प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में सार्कोपीनिया कहा जाता है। यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ अधिक सामान्य हो जाती है। शारीरिक गतिविधियों की कमी, पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलना और लंबे समय तक बैठे रहना मांसपेशियों की कमजोरी को बढ़ा सकते हैं।
जांघों की मांसपेशियां शरीर का वजन संभालने, चलने और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके कमजोर होने से गिरने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए उम्र बढ़ने के साथ इन मांसपेशियों को सक्रिय रखना जरूरी है।
1. चेयर लेग एक्सटेंशन से मजबूत बनाएं जांघें
जांघों के सामने वाले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए चेयर लेग एक्सटेंशन एक आसान एक्सरसाइज है। इसे करने के लिए सबसे पहले मजबूत कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं। दोनों पैर जमीन पर रखें और पीठ सीधी रखें।
अब धीरे-धीरे अपने दाएं पैर को सामने की ओर उठाएं और घुटने को जितना आराम से हो सके सीधा करें। इस स्थिति में दो से तीन सेकंड रुकें और फिर पैर वापस नीचे ले आएं। इसी प्रक्रिया को बाएं पैर से दोहराएं।
शुरुआत में प्रत्येक पैर से 8 से 10 बार यह एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे जांघों की क्वाड्रिसेप्स मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
2. सीटेड मार्चिंग से पैरों की सक्रियता बढ़ाएं
सीटेड मार्चिंग यानी कुर्सी पर बैठकर मार्च करना बुजुर्गों के लिए एक सरल व्यायाम है। यह जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद करता है।
इसे करने के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें और दोनों हाथ कुर्सी के किनारों पर रखें। अब एक पैर को घुटने से मोड़ते हुए थोड़ा ऊपर उठाएं और वापस जमीन पर रखें। इसके बाद दूसरे पैर को उठाएं।
इस प्रक्रिया को उसी तरह दोहराएं, जैसे आप एक जगह खड़े होकर मार्च कर रहे हों। शुरुआत में 30 सेकंड तक व्यायाम करें। आराम मिलने पर धीरे-धीरे समय बढ़ाया जा सकता है। व्यायाम करते समय शरीर को पीछे की ओर ज्यादा न झुकाएं।
3. चेयर नी स्ट्रेटनिंग से घुटनों को दें सहारा
यह एक्सरसाइज घुटनों को सीधा करने वाली मांसपेशियों को सक्रिय करने का दूसरा तरीका है। कुर्सी पर बैठकर एक पैर को धीरे-धीरे सामने सीधा करें। अब जांघ के सामने की मांसपेशियों को हल्का कसें और पांच सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
इसके बाद पैर नीचे रखें और दूसरे पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं। दोनों पैरों से 8 से 10 बार अभ्यास किया जा सकता है।
यह लेग एक्सटेंशन से मिलता-जुलता व्यायाम है, जिसमें पैर को सीधा रखने और मांसपेशियों को कसने पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। घुटनों में दर्द होने पर पैर को पूरी तरह सीधा करने की कोशिश न करें।
4. सीटेड हील रेज से पैरों की ताकत बढ़ाएं
सीटेड हील रेज मुख्य रूप से पिंडलियों की मांसपेशियों के लिए उपयोगी है। यह जांघों की एक्सरसाइज का विकल्प नहीं है, लेकिन पूरे पैर की मजबूती के लिए इसे दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
कुर्सी पर सीधे बैठें और दोनों पैरों के पंजे जमीन पर टिकाकर रखें। अब पंजों को जमीन पर रखते हुए दोनों एड़ियों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुककर एड़ियों को वापस नीचे रखें।
इस प्रक्रिया को 10 से 12 बार दोहराएं। इससे पिंडलियों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और टखनों की गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
5. सीटेड लेग लिफ्ट से बढ़ाएं मांसपेशियों की सक्रियता
इस एक्सरसाइज के लिए कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं। एक पैर को घुटने से मोड़े रखते हुए थोड़ा ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रुकें और फिर धीरे-धीरे नीचे रखें।
इसके बाद दूसरे पैर से यही प्रक्रिया दोहराएं। शुरुआत में प्रत्येक पैर से 8 बार अभ्यास पर्याप्त हो सकता है। यह व्यायाम कूल्हों और जांघों के आसपास की मांसपेशियों को सक्रिय करता है।
ध्यान रखें कि पैरों को जरूरत से ज्यादा ऊपर उठाने या तेजी से झटके देने से बचना चाहिए।
रोज कितनी देर करनी चाहिए एक्सरसाइज?
शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार 10 से 15 मिनट हल्की एक्सरसाइज करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम सप्ताह में कम से कम दो दिन करने की सलाह दी जाती है। अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी के अनुसार, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को सप्ताह में लगभग 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि के साथ मांसपेशियों और संतुलन से जुड़े व्यायाम भी करने चाहिए।
एक्सरसाइज करते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
व्यायाम करने के लिए हमेशा ऐसी मजबूत कुर्सी चुनें, जो फिसले नहीं। पहियों वाली कुर्सी का इस्तेमाल करने से बचें। अचानक तेज गतिविधियां न करें और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करें।
अगर घुटनों में तेज दर्द, चक्कर, सीने में दर्द या सांस लेने में असामान्य परेशानी हो तो एक्सरसाइज तुरंत रोक दें। गठिया, गंभीर हृदय रोग, हाल में हुई सर्जरी या संतुलन की समस्या वाले बुजुर्ग व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें।
अच्छी डाइट भी है जरूरी
मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए व्यायाम के साथ पौष्टिक भोजन भी जरूरी है। भोजन में दाल, दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, अंडे और अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना, नींद लेना और लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना भी जरूरी है।
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