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प्रदर्शनकारी क्या आतंकवादी हैं! CJP के समर्थन में प्रकाश राज ने उठाए सवाल

SHIDDHANT
16 Oct 2026 8:19 PM IST
प्रदर्शनकारी क्या आतंकवादी हैं! CJP के समर्थन में प्रकाश राज ने उठाए सवाल
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CJP आंदोलन पर भड़के अभिनेता प्रकाश राज, बोले-
तिरुवनंतपुरम। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में अभिनेता प्रकाश राज ने CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार और इसके लिए प्रशासनिक अनुमति की आवश्यकता पर सवाल उठाए। प्रकाश राज ने कहा कि जब देश के युवा और आम नागरिक अपने अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, तो इसे अपराध की तरह क्यों देखा जा रहा है?
प्रदर्शन के लिए किसकी अनुमति चाहिए?
CJP के प्रदर्शन को लेकर प्रकाश राज ने सवाल किया कि आखिर इस देश में विरोध प्रदर्शन करने के लिए किसकी अनुमति की जरूरत है?
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर यातायात के साथ प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का भी सम्मान होना चाहिए।
प्रकाश राज ने केरल में हुए विरोध प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य की सड़कों पर पहले भी कई आंदोलन देखे गए हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
क्या प्रदर्शन करने वाले आतंकवादी हैं?
अभिनेता ने प्रदर्शनकारियों के प्रति अपनाए जा रहे रवैये पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या देश में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले लोग आतंकवादी हैं?
उन्होंने कहा कि देश के युवा और आम नागरिक अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उनकी आवाज को अपराध के रूप में देखना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े करता है।
कठिन सवालों से क्यों हो रही परेशानी?
प्रकाश राज ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पूछे जा रहे कठिन सवालों को लेकर आपत्ति जताई जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन सवालों के जवाब नहीं होने के कारण प्रदर्शन को अपराध की तरह देखा जा रहा है।
उनके मुताबिक, जनता को अपने अधिकारों की मांग करने और सार्वजनिक मुद्दों पर सवाल उठाने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के अधिकार पर जारी है बहस
CJP के प्रदर्शनों को लेकर देश में अनुमति, सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों पर बहस चल रही है। दिल्ली में भी प्रदर्शन स्थलों और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत नागरिकों को शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति का अधिकार प्राप्त है। हालांकि, यह अधिकार पूर्णतः निरंकुश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सड़कों को अनिश्चितकाल तक बाधित नहीं किया जा सकता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
प्रकाश राज के बयान ने इसी मुद्दे पर नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संतुलन का सवाल उठाया है।
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