लाइफ स्टाइल

युवा वर्ग में बढ़ा मसल्स दर्द, पेनकिलर नहीं रखे समाधान

Ratna Netam
3 Jun 2026 2:48 PM IST
युवा वर्ग में बढ़ा मसल्स दर्द, पेनकिलर नहीं रखे समाधान
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Lifestyle लाइफ स्टाइल : आजकल कम उम्र में ही शरीर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। 20 से 30 साल के युवाओं में गर्दन दर्द, कमर दर्द, कंधों में जकड़न और मसल्स की थकान जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे मुख्य कारण लगातार लैपटॉप पर काम करना, स्क्रीन के सामने लंबा समय बिताना, खराब पोस्चर, कम फिजिकल एक्टिविटी और नींद की कमी है।

CURAPOD के सह-संस्थापक और CTO, Mr. Surya Maguluri के अनुसार, अधिकांश लोग इन समस्याओं का तुरंत हल पेनकिलर लेने में ढूंढते हैं। दर्द के लिए दवा लेने के बाद लोग तुरंत काम में लग जाते हैं। समय के साथ यह आदत बन जाती है और शरीर धीरे-धीरे कमजोरी और लगातार दर्द की स्थिति में चला जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पेनकिलर केवल अस्थायी राहत देता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं। लंबे समय तक लगातार दर्द की शिकायत होने पर यह मांसपेशियों और जोड़ों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए आवश्यक है कि लोग नियमित एक्सरसाइज करें, स्ट्रेचिंग और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

सही पोस्चर और स्क्रीन के सामने बैठने की आदत भी बेहद जरूरी है। लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों को हर 1-2 घंटे में ब्रेक लेना चाहिए और थोड़ी दूरी पर चलना चाहिए। नींद की पर्याप्त मात्रा लेना भी शरीर की मांसपेशियों और जोड़ों को आराम देने में मदद करता है।

इसके अलावा, दर्द को नजरअंदाज करना और केवल दवा पर निर्भर रहना भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। हल्का दर्द भी लंबे समय तक अनदेखा किया जाए तो यह क्रॉनिक मसल पेन और अन्य शारीरिक परेशानियों में बदल सकता है।

अंततः, युवा वर्ग को चाहिए कि वे पेनकिलर पर निर्भर न रहें और अपने जीवनशैली में बदलाव लाएं। सही पोस्चर, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से शरीर दर्द की शिकायतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि समस्या बढ़ने पर किसी फिजियोथैरेपिस्ट या डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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