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Low BP: लो ब्लड प्रेशर में डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें

SANTOSI TANDI
1 Sep 2023 6:18 AM GMT
Low BP: लो ब्लड प्रेशर में डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें
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जरूर शामिल करें ये चीजें
ब्लड प्रेशर लेवल का सही होना हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। बीपी के लो होने को मेडिकल टर्म में हाइपोटेंशन और हाई होने को हाइपरटेंशन कहा जाता है। अक्सर लोग हाई बीपी पर ध्यान देते हैं, लेकिन बीपी के लो होने को नजरअंदाज कर देते हैं। आपको बता दें कि लो बीपी भी बहुत खतरनाक होता है। बीपी लो हेनो पर अक्सर थकान और कमजोरी महसूस होती है। अगर बीपी बहुत ज्यादा लो हो जाता है, तो इसकी वजह से बेहोशी भी आ सकती है। लो बीपी के लक्षणों को समय रहते पहचानना बहुत जरूरी है, नहीं तो गंभीर समस्या हो सकती है। इसकी वजह से कई बार ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है। इससे बचने के लिए डाइट में कुछ खास बदलाव भी जरूरी हैं। इस बारे में बीएम बिरला हार्ट रिसर्च सेंटर के सीनियर इन्टवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर धीमन कहली जानकारी दे रहे हैं।
क्या होता है लो बीपी
सामान्य तौर पर किसी इंसान का बीपी 120/80 mmHg या इसके आस-पास होना चाहिए। अगर आपका बीपी 90/60 mmHg से कम है, तो इसे लो बीपी कहा जाता है। लो ब्लड प्रेशर का मतलब है कि नसों का खून का दवाब सामान्य से कम है। नसों में खून का दबाव कम होने से दिल, दिमाग और शरीर के अन्य भागों में खून सही से नहीं पहुंच पाता है। कई बार लोगों में लो ब्लड प्रेशर के लक्षण नजर नहीं आते हैं। हालांकि, इसे अवॉइड नहीं करना चाहिए। अगर आपका बीपी लंबे समय तक लो रहता है, तो इससे कई परेशानियां हो सकती हैं। कई बार जब आप अचानक से खड़े होते हैं, तो भी कुछ लोगों का बीपी एकदम से लो हो जाता है।
लो बीपी के लिए डाइ
वैसे तो खाने में नमक की ज्यादा मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन अगर आपका बीपी लो रहता है तो आपको सोडियम इनटेक पर ध्यान देना चाहिए। डाइट में नमक की मात्रा कम नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, नमक की मात्रा कंट्रोल में ही रखनी चाहिए। जरूरत से ज्यादा नमक भी नुकसान पहुंचा सकता है।
जिन लोगों का बीपी लो रहता है, उन्हें ज्यादा देर तक भूखा नहीं रहना चाहिए। लंबे समय तक भूखा रहना भी बीपी लो होने का कारण हो सकता है।
बीपी लो होने के पीछे डिहाइड्रेशन (डिहाइड्रेशन का पीरियड्स पर असर) भी एक कारण हो सकता है। इसलिए, शरीर में पानी की मात्रा का ध्यान रखें। दिन में कम से कम 7-8 गिलास पानी पिएं।
पानी के अलावा लिक्विड्स जैसे फलों के जूस को भी अपने आहार का हिस्सा बनाएं।
आपको बता दें कि जरूरत से ज्यादा पानी भी वॉटर टॉक्सिटी का कारण बन सकता है। ऐसे में पानी लिमिट में ही पिएं।
अगर आपका बीपी अक्सर लो रहता है, तो छाछ जरूर पिएं। छाछ में भुना जीरा और नमक मिलाएं। इससे बीपी का लेवल सही रहने में मदद मिलेगी।
कैफीन युक्त ड्रिंक्स का सेवन करें। लेकिन इसे ज्यादा न पिएं और सोने से कुछ देर पहले न पिएं।
मौसमी फलों और सब्जियों को डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं।
अगर आपका बीपी लंबे समय तक लो रहता है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमें आर्टिकल के नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम अपने आर्टिकल्स के जरिए आपकी समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे।
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