लाइफ स्टाइल

Rice. से तैयार मिठाई का भोग भगवान जगन्नाथ को बेहद प्रिय

Ratna Netam
5 July 2026 3:37 PM IST
Rice. से तैयार मिठाई का भोग भगवान जगन्नाथ को बेहद प्रिय
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Lifestyle लाइफ स्टाइल : भगवान जगन्नाथ मंदिर में 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है, जिसे ‘छप्पन भोग’ कहा जाता है। यह भोग न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि अपने अनोखे स्वाद और परंपरा के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी परंपरा से प्रेरित होकर अब भक्त घर में भी सरल सामग्री से मिठाई तैयार कर भगवान को भोग लगा सकते हैं। खासकर चावल से बनी यह आसान मिठाई घर में कान्हा जी के भोग के रूप में काफी लोकप्रिय हो रही है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन घरों में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है, वहां प्रतिदिन भोग लगाने की परंपरा होती है। ऐसे में कुछ लोग रोजाना नए और सरल व्यंजन तैयार कर भगवान को अर्पित करते हैं। इसी क्रम में चावल से बनी यह मिठाई एक आसान और स्वादिष्ट विकल्प बन सकती है, जिसे कम समय में घर पर तैयार किया जा सकता है।

इस मिठाई को बनाने के लिए कुछ सामान्य सामग्री की जरूरत होती है, जो हर घर में आसानी से मिल जाती है। इसमें आधा कप दही, आधा कप दूध, तीन चम्मच चीनी, एक चुटकी हल्दी, तीन चम्मच कोकोनट पाउडर, एक चम्मच देसी घी और एक चम्मच ईनो शामिल हैं। इन सामग्रियों के मिश्रण से यह मिठाई तैयार की जाती है, जिसका स्वाद हल्का मीठा और सुगंधित होता है।इस मिठाई को बनाने की प्रक्रिया भी काफी सरल होती है। सबसे पहले दही और दूध को अच्छे से मिलाया जाता है, फिर उसमें चीनी और हल्दी डाली जाती है। इसके बाद कोकोनट पाउडर और घी मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है। अंत में ईनो डालकर हल्का फुलने दिया जाता है, जिससे मिठाई मुलायम और स्पंजी बनती है। तैयार मिश्रण को कुछ देर सेट होने के बाद भोग के रूप में भगवान को अर्पित किया जा सकता है।

भगवान जगन्नाथ के छप्पन भोग की परंपरा यह सिखाती है कि भक्ति में भाव सबसे महत्वपूर्ण होता है, न कि सामग्री की जटिलता। इसी भावना के साथ घर में सरल व्यंजन बनाकर भी भगवान को प्रसन्न किया जा सकता है। यह चावल की मिठाई न केवल स्वादिष्ट है बल्कि इसे कम समय और कम सामग्री में आसानी से बनाया जा सकता है।त्योहारों या दैनिक पूजा के दौरान यह मिठाई एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इसे बच्चे से लेकर बड़े सभी पसंद कर सकते हैं। इस तरह की आसान रेसिपी भक्तों को घर में ही पारंपरिक भोग तैयार करने का अवसर देती है, जिससे पूजा और भक्ति का भाव और अधिक गहरा होता है।

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