लाइफ स्टाइल

Monsoon, में ये आदतें पड़ सकती हैं भारी, सावधान रहें

Ratna Netam
5 July 2026 3:30 PM IST
Monsoon, में ये आदतें पड़ सकती हैं भारी, सावधान रहें
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Lifestyle लाइफ स्टाइल : बारिश का मौसम जितना सुकून देने वाला होता है, उतना ही सेहत के लिए संवेदनशील भी माना जाता है। इस दौरान बैक्टीरिया और जर्म्स तेजी से बढ़ते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर मिहिर के अनुसार, मॉनसून में लोग कुछ सामान्य गलतियां बार-बार करते हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। उन्होंने ऐसी 5 प्रमुख गलतियों को लेकर सावधान रहने की सलाह दी है।डॉक्टर के अनुसार, पहली गलती यह है कि लोग हर बुखार को सामान्य वायरल समझ लेते हैं। मौसम बदलने पर हल्का बुखार और सर्दी-जुकाम आम हो सकता है, लेकिन यदि बुखार 48 घंटे से अधिक बना रहे और साथ में खांसी, सांस लेने में दिक्कत, त्वचा पर रैशेज या ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया या लेप्टोस्पायरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है।

दूसरी गलती बारिश के पानी में चलना है। जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरना केवल जूतों को नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकता है। खासकर यदि पैरों में कट या घाव हो तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे लेप्टोस्पायरोसिस जैसी गंभीर बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे लीवर, किडनी और फेफड़ों पर भी असर पड़ सकता है।तीसरी बड़ी गलती घर में मच्छरों की पैदावार को नजरअंदाज करना है। लोग अक्सर सोचते हैं कि मच्छर बाहर से आते हैं, जबकि वास्तव में घर के अंदर ही कई जगहों पर उनका प्रजनन होता है। गमले, कूलर, एसी ड्रिप ट्रे और फ्रिज के आसपास जमा पानी मच्छरों के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड बन सकता है। इसलिए नियमित सफाई बेहद जरूरी है।

चौथी गलती गीले कपड़ों को घर के अंदर सुखाना है। छोटे घरों और अपार्टमेंट में लोग मजबूरी में ऐसा करते हैं, जिससे घर में नमी और सीलन बढ़ जाती है। इससे अस्थमा, एलर्जी और साइनोसाइटिस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।पांचवीं गलती घर की वेंटिलेशन को नजरअंदाज करना है। यदि गीले कपड़े घर के अंदर सुखाने पड़ें तो पर्याप्त हवा और पंखे का उपयोग जरूरी है, वरना नमी स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और सही आदतों से बारिश के मौसम में कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

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