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जानिए नर्वस ब्रेकडाउन के क्या लक्षण हैं जानिए इसका इलाज

Tara Tandi
23 March 2022 5:47 AM GMT
जानिए नर्वस ब्रेकडाउन के क्या लक्षण हैं जानिए  इसका इलाज
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भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी को इतना काम है कि न चाहते हुए भी लोगों को तनाव और चिंता हो ही जाती है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी को इतना काम है कि न चाहते हुए भी लोगों को तनाव और चिंता हो ही जाती है. आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्थिति के कारण प्रेशर आ ही जाता है. जिस कारण इंसान की मनोदशा बदलती है जिसे लोग नर्वस ब्रेकडाउन का नाम दे देते है. इस वजह से किसी गंभीर समस्या आने के पहले ही इसके लक्षणों को पहचान कर संभव इलाज करा लेना चाहिए. जिससे किसी बड़ी मुसीबत से बचा जा सके. इस बीमारी में इंसान अपना मानसिक संतुलन खो देता है जिस वजह से उसकी मनोदशा बदलती रहती है और वो नर्वस ब्रेकडाउन का शिकार हो जाता है. ऐसे में हम यहां आपको बताएंगे नर्वस ब्रेकडाउन के क्या लक्षण होते हैं और इसका क्या इलाज है. चलिए जानते हैं.

मूड या व्यवहार में बदलाव
गंभीर अवसाद की समस्या
मन में गलत विचारों का आना
रात में नींद न आना
किसी भी काम में मन न लगना
पैनिक अटैक
दिमाग में कुछ भी बातें आना
एकाग्रता की कमी
अकेले होने पर रोना
घबराहट और बेचैनी का बढ़ना
किस कारण होता है नर्वस ब्रेकडाउन- जब कोई भी व्यक्ति तनाव और चिंता के कारण लंबे समय तक दुःख या अवसाद में रहता है तो इसकी वजह से कुछ समय बाद ऐसी स्थिति बन जाती है जिसमें मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है. जिसके कारण वो धीरे-धीरे नर्वस ब्रेकडाउन जैसी समस्या का शिकार हो जाता है.
नर्वस ब्रेकडाउन से कैसे बचा जा सकता है- ऐसी स्थिति में भविष्य की अधिक चिंता भी लोगों की समस्या का कारण बनता है. तनाव या चिड़चिड़ापन से बचने के लिए भविष्य की अत्यधिक चिंता करना नुकसानदायक हो सकता है जिस कारण लोग अधिक चिड़चिड़े हो जाते हैं, जीवन में आगे क्या होगा इस बात को लेकर सोचने से कोई फायदा नहीं है. वर्तमान में जीने से तनाव और चिड़चिड़ापन की समस्या से बचा जा सकता है. इस समस्या से बचाव करने से आप नर्वस ब्रेकडाउन का शिकार होने से बच सकते हैं.
वहीं कुछ लोगों में यह समस्या अचानक होती है. वहीं कुछ लोगों में यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप लेती है. नर्वस ब्रेकडाउन की समस्या के लक्षण दिखने पर सबसे पहले मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के अनुसर डाइट और लाइफस्टाइल का पालन करने से आप इस समस्या से उबर सकते हैं. एक शांत मन और शरीर पाने के लिए, इंसान को अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी खास ध्यान रखना चाहिए.


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