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स्क्रीन टाइम कम करना है तो घर में शुरू करें ये 5 शानदार खेल

Ratna Netam
20 Aug 2026 2:36 PM IST
स्क्रीन टाइम कम करना है तो घर में शुरू करें ये 5 शानदार खेल
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नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन बच्चों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है। पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, बच्चे कई घंटों तक स्क्रीन पर समय बिताने लगे हैं। मोबाइल गेम्स, वीडियो और सोशल मीडिया जैसी चीजों की आदत धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है, जिससे माता-पिता की चिंता भी बढ़ रही है। कई पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे मोबाइल से दूर रहें और अपना समय किसी रचनात्मक और मजेदार गतिविधि में बिताएं।
बच्चों को मोबाइल से दूर रखने का सबसे अच्छा तरीका है कि उन्हें ऐसे खेलों में शामिल किया जाए, जिनमें मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का मौका भी मिले। घर पर खेले जाने वाले कई पुराने और नए गेम बच्चों के दिमागी विकास, रचनात्मक सोच और सामाजिक कौशल को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। खास बात यह है कि इन खेलों के लिए ज्यादा जगह या महंगे सामान की जरूरत नहीं होती।
अगर आप भी अपने बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना चाहते हैं तो घर पर इन 5 मजेदार गेम्स को जरूर आजमा सकते हैं।
1. कैरम बोर्ड गेम
कैरम भारत के सबसे लोकप्रिय इनडोर गेम्स में से एक है। यह खेल बच्चों के साथ-साथ बड़े भी पसंद करते हैं। कैरम खेलने से बच्चों में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है और उनकी रणनीति बनाने की कला विकसित होती है।
इस खेल में बच्चे अपनी बारी का इंतजार करना, नियमों का पालन करना और धैर्य रखना सीखते हैं। परिवार के सभी सदस्य मिलकर कैरम खेलें तो बच्चों को मोबाइल की जगह परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलता है।
कैरम बोर्ड आसानी से बाजार में उपलब्ध हो जाता है और इसे घर के छोटे से स्थान पर भी खेला जा सकता है।
2. लूडो और सांप-सीढ़ी
लूडो और सांप-सीढ़ी जैसे खेल बच्चों के बीच हमेशा से लोकप्रिय रहे हैं। इन खेलों में मनोरंजन के साथ गणना और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होती है।
लूडो खेलते समय बच्चे गिनती सीखते हैं और अपनी चाल सोच-समझकर चलना सीखते हैं। वहीं सांप-सीढ़ी में उन्हें जीत और हार दोनों को स्वीकार करना सिखाया जाता है।
इन खेलों की खासियत यह है कि इसमें परिवार के कई लोग एक साथ शामिल हो सकते हैं। इससे बच्चों और माता-पिता के बीच बातचीत बढ़ती है।
3. पजल और बोर्ड गेम्स
पजल गेम बच्चों के दिमागी विकास के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इसमें बच्चों को चीजों को जोड़कर समाधान निकालना होता है, जिससे उनकी सोचने और समझने की क्षमता बढ़ती है।
मार्केट में अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए कई तरह के पजल उपलब्ध हैं। छोटे बच्चों के लिए रंग और आकार पहचानने वाले पजल अच्छे होते हैं, जबकि बड़े बच्चों के लिए जटिल पजल और बोर्ड गेम्स बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
इन खेलों से बच्चों में धैर्य, एकाग्रता और समस्या को हल करने की क्षमता विकसित होती है।
4. घर में छुपन-छुपाई खेलें
छुपन-छुपाई एक ऐसा खेल है जिसे बच्चे हमेशा पसंद करते हैं। इसके लिए किसी खास सामान की जरूरत नहीं होती। घर के सुरक्षित हिस्से में परिवार के सदस्य मिलकर यह खेल खेल सकते हैं।
यह खेल बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखता है और उनकी कल्पनाशक्ति को बढ़ाता है। साथ ही, बच्चों में आत्मविश्वास और जल्दी निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होती है।
अगर माता-पिता भी बच्चों के साथ इस खेल में शामिल हों तो बच्चों को ज्यादा खुशी मिलती है और परिवार के बीच रिश्ता मजबूत होता है।
5. ड्राइंग और क्रिएटिव गेम्स
हर बच्चा कुछ नया बनाने और अपनी कल्पना को दिखाने की कोशिश करता है। ऐसे में ड्राइंग, कलरिंग और क्राफ्ट जैसे खेल बच्चों के लिए बहुत अच्छे विकल्प हैं।
माता-पिता बच्चों को पेपर, रंग, क्ले और अन्य क्रिएटिव सामग्री देकर कुछ नया बनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इससे बच्चों की रचनात्मक सोच बढ़ती है और वे लंबे समय तक किसी काम में ध्यान लगा पाते हैं।
ड्राइंग और क्राफ्ट गतिविधियां बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर रखने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं।
मोबाइल की आदत कम करने के लिए माता-पिता अपनाएं ये तरीके
बच्चों को अचानक मोबाइल से पूरी तरह दूर करना आसान नहीं होता। इसके लिए धीरे-धीरे उनकी आदत बदलनी चाहिए। माता-पिता खुद भी बच्चों के सामने मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि बच्चे अक्सर बड़ों की आदतों को अपनाते हैं।
घर में खेलों का माहौल बनाएं और बच्चों के साथ रोज कुछ समय जरूर बिताएं। अगर बच्चे खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे तो उनका ध्यान मोबाइल से हटने लगेगा।
बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम की सीमा तय करना भी जरूरी है। मोबाइल को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसका संतुलित उपयोग सिखाना ज्यादा प्रभावी तरीका हो सकता है।
खेलों से होता है बच्चों का बेहतर विकास
खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं होते, बल्कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घर पर खेले जाने वाले खेल बच्चों में टीम भावना, धैर्य, रचनात्मकता और समस्या समाधान जैसी कई अच्छी आदतें विकसित करते हैं।
मोबाइल और डिजिटल दुनिया के बीच बच्चों को पुराने खेलों से जोड़ना एक बेहतर कदम हो सकता है। थोड़ी सी कोशिश से माता-पिता बच्चों का स्क्रीन टाइम कम कर सकते हैं और उन्हें स्वस्थ व खुशहाल बचपन दे सकते हैं।
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