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लाइफ स्टाइल : अगर आपको घूमने के साथ-साथ कुछ ऐसा करने का शौक है जो लंबे समय तक याद रहे, तो भारत आपके लिए किसी रोमांचक playground से कम नहीं है। देश की भौगोलिक विविधता ऐसी है कि यहां ऊंचे पहाड़ों से लेकर तेज बहती नदियां और समुद्र की गहराइयों तक अलग-अलग तरह के एडवेंचर का अनुभव लिया जा सकता है। पर्यटन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट भी भारत में ट्रेकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कूबा डाइविंग, स्काईडाइविंग और बंजी जंपिंग जैसी कई गतिविधियों को एडवेंचर अनुभवों के रूप में सूचीबद्ध करती है।
अगर आपका दिल थोड़ा डेयरिंग है और आप अगली छुट्टी को सामान्य घूमने के बजाय रोमांच से भरना चाहते हैं, तो भारत की ये पांच एडवेंचर एक्टिविटी आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
1. ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग
गंगा की तेज धाराओं के बीच राफ्ट पर बैठकर आगे बढ़ना अपने आप में रोमांचकारी अनुभव है। उत्तराखंड का ऋषिकेश भारत के सबसे लोकप्रिय रिवर राफ्टिंग केंद्रों में शामिल है। यहां नदी के अलग-अलग हिस्सों में रैपिड्स की कठिनाई अलग हो सकती है, इसलिए शुरुआती लोगों से लेकर अनुभवी राफ्टर्स तक के लिए विकल्प मिलते हैं।
राफ्टिंग के दौरान आपको प्रशिक्षित गाइड के निर्देशों का पालन करना होता है। तेज बहाव में टीम के सभी सदस्यों का तालमेल बेहद जरूरी होता है। जैसे ही राफ्ट किसी बड़े रैपिड में पहुंचती है, पानी की तेज लहरें रोमांच को कई गुना बढ़ा देती हैं।
ऋषिकेश की खासियत यह भी है कि यहां राफ्टिंग के अलावा बंजी जंपिंग, जिपलाइन और कैंपिंग जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध हैं। यानी एक ही ट्रिप में कई तरह के एडवेंचर को शामिल किया जा सकता है।
हालांकि मानसून या खराब मौसम के दौरान नदी की स्थिति बदल सकती है। इसलिए राफ्टिंग से पहले स्थानीय प्रशासन और अधिकृत ऑपरेटर से मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी लेना जरूरी है।
2. बीर-बिलिंग में पैराग्लाइडिंग
अगर जमीन पर घूमने के बजाय आसमान में उड़ने का सपना है, तो हिमाचल प्रदेश का बीर-बिलिंग शानदार विकल्प हो सकता है। यहां पैराग्लाइडिंग के दौरान आप ऊंचाई से पहाड़ों, घाटियों और आसपास के खूबसूरत प्राकृतिक नजारों को देख सकते हैं।
बीर-बिलिंग को भारत के प्रमुख पैराग्लाइडिंग स्थलों में गिना जाता है। पर्यटन मंत्रालय भी बीर-बिलिंग को पैराग्लाइडिंग के प्रमुख स्थानों में शामिल करता है।
पहली बार पैराग्लाइडिंग करने वालों के लिए आमतौर पर टैंडम फ्लाइट का विकल्प होता है, जिसमें प्रशिक्षित पायलट आपके साथ उड़ान भरता है। इससे बिना लंबे प्रशिक्षण के भी शुरुआती व्यक्ति इस अनुभव का आनंद ले सकता है।
लेकिन पैराग्लाइडिंग पूरी तरह मौसम पर निर्भर गतिविधि है। तेज हवा, बारिश या खराब मौसम में उड़ान रद्द भी हो सकती है। इसलिए सिर्फ खूबसूरत तस्वीरों को देखकर बुकिंग करने के बजाय ऑपरेटर की सुरक्षा व्यवस्था और मौसम की स्थिति जरूर जांचें।
3. अंडमान में स्कूबा डाइविंग
अगर आपको समुद्र की दुनिया आकर्षित करती है तो अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह की स्कूबा डाइविंग आपके लिए यादगार अनुभव बन सकती है। समुद्र के अंदर उतरकर रंग-बिरंगी मछलियों और समुद्री जीवन को करीब से देखना सामान्य पर्यटन से बिल्कुल अलग अनुभव है।
भारत सरकार के पर्यटन पोर्टल के अनुसार अंडमान और निकोबार स्कूबा डाइविंग के प्रमुख स्थलों में शामिल है।
पहली बार स्कूबा डाइविंग करने वाले लोगों को प्रशिक्षक द्वारा जरूरी निर्देश दिए जाते हैं। पानी के अंदर सांस लेने की तकनीक, उपकरणों का इस्तेमाल और इमरजेंसी संकेतों की जानकारी पहले दी जाती है।
स्कूबा डाइविंग में समुद्र की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए प्रमाणित या अधिकृत डाइव ऑपरेटर का चुनाव करना चाहिए और प्रशिक्षक के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
अगर आपको समुद्र के अंदर की दुनिया देखने का शौक है तो यह अनुभव आपकी ट्रैवल डायरी में सबसे खास यादों में शामिल हो सकता है।
4. ऋषिकेश में बंजी जंपिंग
अगर ऊंचाई देखकर आपके हाथ-पैर कांपते हैं लेकिन डर को चुनौती देने की इच्छा भी है, तो बंजी जंपिंग आपके लिए अलग स्तर का रोमांच लेकर आ सकती है।
इस गतिविधि में व्यक्ति ऊंचाई से सुरक्षा उपकरणों और इलास्टिक कॉर्ड की मदद से छलांग लगाता है। कुछ सेकंड की यह छलांग बेहद तेज एड्रेनालिन रश देती है।
ऋषिकेश भारत के प्रमुख बंजी जंपिंग स्थलों में शामिल है और यहां राफ्टिंग के साथ इस गतिविधि को भी ट्रिप का हिस्सा बनाया जा सकता है।
हालांकि बंजी जंपिंग में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। बुकिंग से पहले ऑपरेटर के सुरक्षा मानकों, उपकरणों, प्रशिक्षित स्टाफ और निर्धारित पात्रता शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को ऊंचाई, हृदय या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो गतिविधि से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।
5. लद्दाख में हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग
अगर आपको रोमांच के साथ प्रकृति का कच्चा और खूबसूरत रूप देखना है तो लद्दाख की ट्रेकिंग एक शानदार विकल्प हो सकती है। ऊंचे पहाड़, बंजर घाटियां, कठिन रास्ते और बदलता मौसम इस सफर को सामान्य ट्रेक से अलग बनाते हैं।
पर्यटन मंत्रालय लद्दाख को चुनौतीपूर्ण ट्रेकिंग के लिए महत्वपूर्ण गंतव्यों में गिनता है।
लद्दाख में ट्रेकिंग सिर्फ पैदल चलने का नाम नहीं है। ऊंचाई के कारण शरीर को वातावरण के अनुकूल होने में समय लग सकता है। इसलिए अचानक बहुत ऊंचाई पर जाने के बजाय उचित acclimatization जरूरी है।
ट्रेक पर जाने से पहले मौसम, परमिट, स्थानीय नियम, रास्ते की कठिनाई, गाइड और मेडिकल सुविधाओं की जानकारी लेना चाहिए। पर्याप्त पानी, गर्म कपड़े, जरूरी दवाएं और बेसिक ट्रेकिंग गियर भी साथ रखना महत्वपूर्ण है।
एडवेंचर से पहले सुरक्षा सबसे जरूरी
एडवेंचर का मतलब जोखिम को नजरअंदाज करना नहीं है। भारत सरकार की एडवेंचर टूरिज्म गाइडलाइंस में जमीन, हवा और पानी से जुड़ी गतिविधियों के लिए सुरक्षा पर जोर दिया गया है।
किसी भी गतिविधि को चुनने से पहले ये बातें जरूर देखें—
* अधिकृत और अनुभवी ऑपरेटर का चुनाव करें।
* सुरक्षा उपकरणों की स्थिति जांचें।
* प्रशिक्षित गाइड या इंस्ट्रक्टर के निर्देशों का पालन करें।
* मौसम की स्थिति जरूर जांचें।
* अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार गतिविधि चुनें।
* जहां जरूरी हो वहां हेलमेट, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरण पहनें।
* नियमों और आयु या वजन संबंधी पात्रता का पालन करें।
* खराब मौसम में जोखिम लेकर गतिविधि करने से बचें।
भारत में एडवेंचर पर्यटन के विकल्प लगातार बढ़ रहे हैं। पहाड़ों में ट्रेकिंग और पैराग्लाइडिंग से लेकर नदियों में राफ्टिंग और समुद्र के नीचे स्कूबा डाइविंग तक, अलग-अलग तरह के यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं।
इसलिए अगर अगली छुट्टी में सिर्फ होटल में आराम करने के बजाय कुछ नया और रोमांचक करना चाहते हैं, तो अपनी पसंद और क्षमता के हिसाब से इन पांच गतिविधियों में से किसी एक को जरूर आजमा सकते हैं। बस याद रखें—**रोमांच तभी खूबसूरत है जब सुरक्षा सबसे पहले हो।**
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