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लाइफ स्टाइल
छत और बालकनी से बंदरों को कैसे रखें दूर जानें 10 आसान टिप्स
Ratna Netam
25 Sept 2026 6:50 PM IST

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लाइफ स्टाइल : शहरों से लेकर गांवों तक कई इलाकों में बंदरों का घरों की छत, बालकनी और आंगन में आना आम समस्या बन गया है। कई बार बंदर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं, पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं या कपड़े और दूसरी चीजें बिखेर देते हैं। सबसे बड़ी चिंता तब होती है जब बंदरों का पूरा झुंड घर के आसपास जमा हो जाए। ऐसी स्थिति में उन्हें डराने या सीधे भिड़ने की कोशिश जोखिम बढ़ा सकती है। बेहतर तरीका यह है कि घर को उनके लिए कम आकर्षक बनाया जाए और सुरक्षित दूरी बनाए रखी जाए।अगर आपके घर की छत या बालकनी पर बार-बार बंदर आ रहे हैं तो कुछ आसान सावधानियां उनकी आवाजाही कम करने में मदद कर सकती हैं। ध्यान रखें कि बंदरों को चोट पहुंचाने, जहर देने या पकड़ने की कोशिश न करें। समस्या गंभीर होने पर स्थानीय वन विभाग या संबंधित नगर निकाय से संपर्क करना सुरक्षित विकल्प है।
1. खाने की चीजें खुले में बिल्कुल न रखें
बंदरों के बार-बार घर आने की सबसे बड़ी वजह आसानी से मिलने वाला खाना हो सकता है। छत या बालकनी में फल, सब्जियां, रोटी, अनाज या कोई दूसरी खाने की चीज खुली छोड़ने से बचें। अगर बंदरों को किसी स्थान पर नियमित रूप से खाना मिलने लगे तो वे उस जगह को भोजन के स्रोत के रूप में याद रख सकते हैं और दोबारा लौट सकते हैं।इसलिए खाने की चीजों को बंद डिब्बों या घर के अंदर रखें। बच्चों और परिवार के दूसरे सदस्यों को भी बंदरों को खाना न देने के लिए कहें।
2. कूड़ेदान हमेशा बंद रखें
खुला कूड़ेदान बंदरों को आकर्षित कर सकता है। खाने के बचे हुए टुकड़े, फलों के छिलके और दूसरी खाद्य सामग्री की गंध उन्हें घर तक खींच सकती है। छत, बालकनी या बाहर रखा डस्टबिन मजबूत ढक्कन वाला होना चाहिए।कचरे के बैग को भी खुले में ज्यादा देर तक न छोड़ें। अगर संभव हो तो कचरा निर्धारित समय पर ही बाहर निकालें। इससे बंदरों के साथ दूसरे आवारा जानवरों की आवाजाही भी कम हो सकती है।
3. बालकनी में मजबूत जाली लगवाएं
अगर बंदर नियमित रूप से बालकनी में घुसते हैं तो मजबूत जाली या उपयुक्त सुरक्षा नेट उपयोगी हो सकता है। जाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें बंदर आसानी से हाथ या सिर न फंसा सकें और वह ठीक से फिट की गई हो।खिड़कियों और वेंटिलेशन वाली जगहों को भी सुरक्षित करना जरूरी है। खासतौर पर उन घरों में जहां छोटे बच्चे या बुजुर्ग रहते हैं, बालकनी को सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी हो जाता है।
4. छत पर फल और खाने का सामान न सुखाएं
बहुत से घरों में छत पर अनाज, पापड़, अचार की सामग्री, फल या दूसरी खाने की चीजें सुखाई जाती हैं। अगर इलाके में बंदरों की आवाजाही ज्यादा है तो ऐसा करना उन्हें आकर्षित कर सकता है।जरूरत हो तो भोजन को सुरक्षित जालीदार स्थान में सुखाएं। छत पर खाने की चीज खुली छोड़कर नीचे न आएं। एक बार बंदरों को यहां खाना मिलने की आदत पड़ गई तो उन्हें रोकना मुश्किल हो सकता है।
5. पेड़ों की लटकती शाखाओं पर ध्यान दें
घर के पास मौजूद पेड़ों की शाखाएं कई बार बंदरों के लिए बालकनी और छत तक पहुंचने का आसान रास्ता बन जाती हैं। अगर कोई शाखा सीधे मकान से जुड़ रही है तो अधिकृत तरीके से उसकी उचित छंटाई करवाने पर विचार किया जा सकता है।पेड़ काटना इसका समाधान नहीं है। केवल ऐसी शाखाओं के प्रबंधन के लिए स्थानीय नियमों का पालन करें और जरूरत होने पर नगर निकाय या विशेषज्ञ की मदद लें।
6. बंदर सामने आ जाए तो उसे घेरें नहीं
अचानक बालकनी या छत पर बंदर दिखाई दे तो उसके करीब जाने, उसे छड़ी से मारने या कोने में घेरने की कोशिश न करें। डर या खतरा महसूस होने पर बंदर आक्रामक व्यवहार कर सकता है।बंदर को निकलने के लिए खुला रास्ता दें और खुद सुरक्षित दूरी पर चले जाएं। बच्चों और पालतू जानवरों को तुरंत घर के अंदर कर लें। दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दें, लेकिन बंदर जिस रास्ते से बाहर निकल सकता है उसे बाधित न करें।
7. आंखों में लगातार देखने से बचें
बंदर के बहुत करीब होने पर लगातार उसकी आंखों में घूरना चुनौतीपूर्ण व्यवहार के रूप में लिया जा सकता है। शांत रहें और अचानक हरकत न करें। दौड़कर उसके सामने से निकलने या चीखने-चिल्लाने से स्थिति बिगड़ सकती है।अगर बंदर रास्ते में बैठा है तो दूरी बनाकर उसके हटने का इंतजार करना ज्यादा सुरक्षित है।
8. नियमित रूप से बंदरों को खाना न खिलाएं
कुछ लोग धार्मिक भावना, दया या मनोरंजन के लिए बंदरों को खाना देते हैं। लेकिन रिहायशी क्षेत्र में नियमित भोजन मिलने से बंदरों का इंसानों पर निर्भर होना बढ़ सकता है। इसके बाद वे उसी स्थान पर बार-बार आने लग सकते हैं।घर के बाहर, छत या बालकनी में बंदरों को खाना देना बंद करना लंबे समय में उनकी आवाजाही कम करने के सबसे महत्वपूर्ण तरीकों में से एक है।
9. दरवाजे-खिड़कियों को सुरक्षित रखें
जिन इलाकों में बंदर ज्यादा आते हैं वहां बालकनी के दरवाजे और खिड़कियां खुली छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है। कई बार बंदर खाने की तलाश में घर के अंदर भी प्रवेश कर सकते हैं।खिड़कियों पर मजबूत जाली लगाएं और घर से बाहर जाते समय बालकनी के दरवाजे बंद करना न भूलें। फ्रिज, रसोई या डाइनिंग टेबल तक बंदरों की पहुंच न बने, इसके लिए प्रवेश के रास्तों को सुरक्षित करना सबसे प्रभावी उपाय है।
10. झुंड बढ़े तो वन विभाग को सूचना दें
अगर घर या कॉलोनी में बड़ी संख्या में बंदर लगातार आ रहे हैं, लोगों पर हमला कर रहे हैं या उनकी मौजूदगी से गंभीर खतरा पैदा हो रहा है तो खुद उन्हें पकड़ने की कोशिश न करें। स्थानीय वन विभाग, वन्यजीव विभाग या नगर निकाय को इसकी सूचना दें।प्रशिक्षित टीम परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षित और कानूनी तरीके से समस्या का समाधान कर सकती है। किसी भी तरह के जहरीले पदार्थ, फंदे या चोट पहुंचाने वाले उपकरण का इस्तेमाल न करें।
बंदर काट ले तो क्या करें?
बंदर के काटने या खरोंचने को हल्के में नहीं लेना चाहिए। घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएं और जल्द से जल्द डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। डॉक्टर घाव की स्थिति देखकर रेबीज से बचाव के टीके और जरूरत के अनुसार अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।कुल मिलाकर बंदरों से छुटकारा पाने का सुरक्षित तरीका उन्हें नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि घर के आसपास भोजन के स्रोत हटाना और उनके प्रवेश के रास्तों को सीमित करना है। बंद कूड़ेदान, सुरक्षित जाली, खाने की चीजें अंदर रखना और बंदरों को भोजन न देना जैसे छोटे कदम काफी मददगार हो सकते हैं। अगर समस्या नियंत्रण से बाहर हो रही है तो वन विभाग या संबंधित स्थानीय प्रशासन की मदद लेना ही बेहतर और सुरक्षित रास्ता है।
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