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Health:डायबिटीज को जड़ से करें खत्म, बाबा रामदेव के बताए आयुर्वेदिक उपाय

Sarita
22 Nov 2025 9:06 AM IST
Health:डायबिटीज को जड़ से करें खत्म, बाबा रामदेव के बताए आयुर्वेदिक उपाय
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Health: देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बता दें कि गलत खानपान, तनाव और अनियमित दिनचर्या इस बीमारी को तेजी से बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में से हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज ऐसी स्थिति है, जो लंबे समय तक नियंत्रण में न रहे तो शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। इसी बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने योग और आयुर्वेद के कुछ आसान उपाय बताए हैं, जिनकी मदद से लोग अपने शुगर स्तर को नियंत्रित रख सकते हैं।
दो योगासन बताए कारगर
बाबा रामदेव ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि नियमित योगाभ्यास डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से मंडूकासन और पवनमुक्तासन का जिक्र किया। उनका कहना है कि ये दोनों योगासन अग्न्याशय की कार्यप्रणाली को संतुलित करने में मदद करते हैं और शरीर में शुगर नियंत्रण को बेहतर बना सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि योग को सही तरीके से और नियमित किया जाना आवश्यक है।
सब्जियों के जूस का सुझाव
योग गुरु ने बताया कि डायबिटीज वाले लोग चाहें तो घर पर बना प्राकृतिक जूस अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। खीरा, करेला और टमाटर मिलाकर तैयार किया गया जूस कई लोगों के लिए उपयोगी पाया गया है। उनका मानना है कि यह मिश्रण शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उल्लेख
रामदेव ने कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भी जिक्र किया, जिनके बारे में पारंपरिक चिकित्सा शास्त्रों में दावा किया जाता है कि वे ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। इनमें आंवला, एलोवेरा, गिलोय, चिरायता, कुटकी, गुड़मार और विजयसार जैसी जड़ी-बूटियाँ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनका सेवन विशेषज्ञ की सलाह से किया जाए तो लाभ संभव है।
सावधानी बरतना जरूरी
बाबा रामदेव ने यह भी स्पष्ट किया कि योग और आयुर्वेद मददगार हो सकते हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति को अपनी चिकित्सा पद्धति बदलने या नए उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी कहते हैं कि डायबिटीज का सही प्रबंधन नियमित टेस्ट, संतुलित आहार, उचित व्यायाम और चिकित्सकीय निर्देशों का पालन करने से ही संभव है।
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