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लाइफ स्टाइल
एलोवेरा जेल, लौंग और गुलाब की कली से घर पर उगाएं नए पौधे, माली ने बताया आसान तरीका
Ashish verma
4 Oct 2026 1:15 PM IST

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Life Style लाइफ स्टाइल : क्या आप भी घर की बालकनी, छत या आंगन में सुंदर गुलाब और मसाले वाले पौधे उगाना चाहते हैं? पौधे लगाने का शौक तो बहुत लोगों को होता है, लेकिन कटिंग से नया पौधा तैयार करना कई बार आसान नहीं रहता। गुलाब की कटिंग लगाने के बाद वह सूख जाती है, तने में सड़न शुरू हो जाती है या फिर मिट्टी में मौजूद कीड़ों की वजह से जड़ें विकसित नहीं हो पातीं। ऐसे में कई लोग पौधे तैयार करने का प्रयास बीच में ही छोड़ देते हैं। हालांकि, एक माली के बताए घरेलू तरीके में एलोवेरा जेल और लौंग जैसी चीजों का इस्तेमाल करके कटिंग को बेहतर शुरुआत देने की कोशिश की जाती है।
यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए दिलचस्प हो सकता है, जो घर पर बिना महंगे रूटिंग प्रोडक्ट खरीदे पौधे तैयार करना चाहते हैं। हालांकि, ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी घरेलू नुस्खे से पौधा उगने की गारंटी नहीं होती। कटिंग की गुणवत्ता, मौसम, नमी, मिट्टी और देखभाल का इसमें बड़ा योगदान होता है।
सबसे पहले तैयार करें गुलाब की कटिंग
नया गुलाब का पौधा तैयार करने के लिए सबसे पहले स्वस्थ पौधे की एक अच्छी शाखा चुनें। बहुत ज्यादा मुलायम या पूरी तरह पुरानी लकड़ी जैसी शाखा लेने से बचें। मध्यम मोटाई की ऐसी शाखा लें, जिसमें कुछ गांठें यानी नोड मौजूद हों। इसी हिस्से से आगे नई जड़ और शाखाएं विकसित होने की संभावना रहती है।
कटिंग को साफ और तेज कैंची से काटना बेहतर माना जाता है। नीचे की तरफ तिरछा कट और ऊपर सीधा कट रखा जा सकता है, ताकि ऊपर और नीचे का हिस्सा आसानी से पहचाना जा सके। कटिंग में नीचे की कुछ पत्तियां हटा दें और ऊपर की दो-तीन पत्तियां रहने दें।
एलोवेरा जेल का इस्तेमाल क्यों?
माली द्वारा बताए गए तरीके में एलोवेरा जेल को कटिंग पर लगाने की बात कही जाती है। ताजे एलोवेरा पत्ते से निकला साफ जेल इस्तेमाल किया जा सकता है। कटिंग के निचले हिस्से पर हल्की परत में जेल लगाने से कटिंग को नमी बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
एलोवेरा जेल को किसी जादुई रूटिंग हार्मोन की तरह नहीं समझना चाहिए। इसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर घरेलू पौधों की देखभाल में नमी और सुरक्षा के लिए किया जाता है। कटिंग पर बहुत ज्यादा जेल लगाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक नमी सड़न का कारण बन सकती है।
लौंग का इस्तेमाल कैसे करें?
इस घरेलू तरीके में लौंग को भी उपयोगी बताया जाता है। लौंग में मौजूद सुगंधित और जैविक यौगिकों के कारण इसे पारंपरिक घरेलू पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, इसे भी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित जड़ बनाने वाली दवा समझना सही नहीं होगा।
लौंग को बारीक पीसकर या बहुत हल्के तरीके से उपयोग करने की सलाह दी जाती है। कुछ लोग कटिंग वाले माध्यम के आसपास थोड़ी मात्रा में लौंग का इस्तेमाल करते हैं। इसका उद्देश्य मिट्टी को अनुकूल बनाए रखना और कुछ कीटों से बचाव की कोशिश करना होता है। यहां मात्रा का विशेष ध्यान रखें। ज्यादा लौंग या मसाले सीधे जड़ों के पास डालने से पौधे को नुकसान भी पहुंच सकता है।
अब गुलाब की कली वाला तरीका
गुलाब की कली से पौधा तैयार करने का तरीका सोशल मीडिया और बागवानी से जुड़े घरेलू प्रयोगों में काफी चर्चा में रहता है। इसमें गुलाब की कली और तने के हिस्से को नमी वाले माध्यम में रखने की बात कही जाती है। लेकिन यहां एक बात स्पष्ट समझना जरूरी है कि सिर्फ गुलाब की कली लगाने से नया पौधा तैयार नहीं होता। नए पौधे के लिए स्वस्थ तना और सही नोड ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।
यदि कली के साथ पर्याप्त तना है, तो उस हिस्से का प्रयोग कटिंग के तौर पर किया जा सकता है। निचले हिस्से पर एलोवेरा जेल की बहुत हल्की परत लगाकर इसे हल्की, भुरभुरी और अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी में लगाया जा सकता है।
मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
गुलाब की कटिंग के लिए ऐसी मिट्टी बेहतर रहती है जिसमें पानी रुके नहीं। बगीचे की भारी और लगातार गीली मिट्टी की बजाय मिट्टी, रेत और जैविक पदार्थ का हल्का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकता है। गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हों।
कटिंग को बहुत गहराई में लगाने की जरूरत नहीं होती। नीचे के एक-दो नोड मिट्टी के अंदर रहें और बाकी हिस्सा ऊपर हो। कटिंग को लगाने के बाद मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें।
सबसे बड़ी गलती से बचें
कटिंग लगाने के बाद कई लोग रोजाना बहुत ज्यादा पानी डाल देते हैं। यही वजह बन सकती है कि नीचे का हिस्सा गलने लगे। मिट्टी नम होनी चाहिए, लेकिन पानी से भरी नहीं। गमले को ऐसी जगह रखें जहां तेज दोपहर की धूप सीधे कटिंग पर न पड़े। हल्की रोशनी और हवा वाला स्थान शुरुआती चरण में ज्यादा उपयुक्त हो सकता है।
पौधे को बार-बार निकालकर यह देखना भी सही नहीं है कि जड़ें बनीं या नहीं। जड़ें विकसित होने में समय लग सकता है और कटिंग को छेड़ने से नई जड़ें नुकसानग्रस्त हो सकती हैं।
कीड़ों से बचाने के लिए क्या करें?
अगर पौधे में छोटे कीड़े दिखाई दें तो सबसे पहले समस्या की पहचान करना जरूरी है। बहुत ज्यादा नमी, खराब वेंटिलेशन और संक्रमित मिट्टी भी कीटों को बढ़ावा दे सकती है। सूखी या सड़ी पत्तियों को समय पर हटाएं और पौधे के आसपास सफाई रखें।
लौंग जैसे घरेलू उपायों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी जरूरी है। किसी भी तेज मसाले या घोल को सीधे पत्तियों और जड़ों पर अधिक मात्रा में लगाने से पहले छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर होता है।
कब दिखेगा असर?
गुलाब की कटिंग से जड़ बनने में लगने वाला समय मौसम और पौधे की किस्म पर निर्भर करता है। गर्म और अनुकूल परिस्थितियों में कुछ समय बाद नई पत्तियां या शाखाएं दिखाई दे सकती हैं, लेकिन ऊपर से नई पत्ती आ जाना हमेशा मजबूत जड़ विकसित होने का संकेत नहीं होता। इसलिए धैर्य रखना जरूरी है।
जब कटिंग में अच्छी नई बढ़त दिखाई देने लगे और वह मिट्टी में स्थिर हो जाए, तब इसे धीरे-धीरे सामान्य पौधे की तरह देखभाल देना शुरू करें।
घर पर गुलाब या अन्य पौधों की कटिंग तैयार करने के लिए एलोवेरा जेल और लौंग जैसे घरेलू तरीके प्रयोग किए जा सकते हैं, लेकिन सफलता का असली आधार स्वस्थ कटिंग, सही मिट्टी, नियंत्रित पानी, पर्याप्त रोशनी और नियमित देखभाल है। सोशल मीडिया पर बताए गए किसी भी नुस्खे को आजमाते समय यह समझना जरूरी है कि हर पौधे पर परिणाम एक जैसा नहीं मिलता। सही परिस्थितियां बनाकर और धैर्य के साथ काम करने पर घर की छोटी सी जगह को भी हरे-भरे पौधों से सजाया जा सकता है।
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