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लाइफ स्टाइल : चावल खाने का स्वाद तब और बढ़ जाता है, जब उनके दाने अलग-अलग और खिले हुए हों। खासकर पुलाव में चावल की बनावट काफी मायने रखती है। लेकिन पानी का अंदाजा गलत होने पर चावल जरूरत से ज्यादा गीले हो जाते हैं। इससे दाने आपस में चिपकने लगते हैं और पुलाव की बनावट भी बिगड़ सकती है। ऐसी स्थिति में चावल को तुरंत खराब मानकर अलग रखने की जरूरत नहीं है। यदि दाने पूरी तरह गल नहीं गए हैं, तो अतिरिक्त पानी निकालकर या नमी कम करके उनकी स्थिति कुछ हद तक सुधारी जा सकती है।
गीले चावल को संभालने से पहले यह देखें कि बर्तन में अलग से पानी बचा है या केवल दानों में ज्यादा नमी है। दोनों स्थितियों में एक जैसा तरीका अपनाना जरूरी नहीं है। यदि ऊपर पानी दिखाई दे रहा है, तो पहले उसे सावधानी से निकालना उपयोगी हो सकता है। वहीं, यदि पानी अलग से नजर नहीं आ रहा और चावल केवल नम हैं, तो ढक्कन हटाकर धीमी आंच पर कुछ देर रखने से अतिरिक्त नमी भाप बनकर निकल सकती है। इस दौरान चावल पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
सबसे आसान तरीका है ढक्कन हटाकर चावल को धीमी आंच पर पकाना। हालांकि, यदि चावल प्रेशर कुकर में बने हैं, तो उसे खोलने से पहले दबाव पूरी तरह निकलने दें। दबाव रहते हुए ढक्कन खोलने की कोशिश न करें। कुकर सुरक्षित रूप से खुल जाने के बाद देखें कि उसमें कितना पानी बचा है। यदि थोड़ी नमी है, तो खुला रखकर धीमी आंच पर गर्म करें। इससे भाप बाहर निकल सकेगी। ढक्कन दोबारा लगाने पर भाप भीतर ही जमा होगी और नमी कम होने में समय लग सकता है।
इस तरीके में आंच का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। पानी जल्दी सुखाने के लिए तेज आंच करने पर नीचे के चावल जल सकते हैं, जबकि ऊपर के दाने गीले रह सकते हैं। धीमी आंच पर थोड़ी-थोड़ी देर में स्थिति जांचें। जैसे ही अतिरिक्त पानी कम हो जाए, आंच बंद कर दें। चावल को लगातार पकाते रहना समाधान नहीं है, क्योंकि ज्यादा गर्म करने से पहले से नरम दाने और गल सकते हैं। उद्देश्य केवल बचा हुआ पानी कम करना है, चावल को दोबारा पूरी तरह पकाना नहीं।
यदि चावल के ऊपर साफ तौर पर पानी जमा है, तो उसे निकालने का तरीका अपनाया जा सकता है। इसके लिए बर्तन संभालकर पकड़ें और गर्म पानी से हाथ बचाएं। बर्तन को अचानक झुकाने के बजाय धीरे-धीरे पानी निकालें, ताकि चावल बाहर न गिरें। जरूरत हो तो उपयुक्त छन्नी का इस्तेमाल करें। पानी निकलने के बाद चावल को वापस बर्तन में रखकर हल्की आंच पर थोड़ी देर गर्म किया जा सकता है। पुलाव में यह तरीका अपनाते समय ध्यान रखें कि पानी के साथ कुछ मसाले और स्वाद भी निकल सकते हैं।
गीले चावल को बार-बार चम्मच से चलाने से बचें। ज्यादा नरम दाने लगातार हिलाने पर टूट सकते हैं और उनकी बनावट अधिक चिपचिपी हो सकती है। पानी सुखाने के दौरान उन्हें जोर से पलटने के बजाय केवल जरूरत के अनुसार हल्के हाथ से संभालें। नीचे चिपकने की आशंका हो तो सावधानी से जांचें। बर्तन के तले से जलने की गंध आए तो तुरंत आंच बंद करें। अतिरिक्त नमी हटाने की कोशिश में चावल का स्वाद खराब न हो, इसका ध्यान रखना भी जरूरी है।
पुलाव के मामले में थोड़ी अधिक सावधानी रखें, क्योंकि उसमें चावल के साथ दूसरी सामग्री भी होती है। पानी निकालते या चावल पलटते समय पूरी सामग्री को जोर से मिलाने पर दाने टूट सकते हैं। यदि पुलाव में केवल हल्की नमी है, तो सीधे पानी निकालने के बजाय ढक्कन हटाकर धीमी आंच वाला तरीका पहले आजमाया जा सकता है। लेकिन यदि काफी पानी बचा है, तो उसे सावधानी से निकालना बेहतर होगा। तरीका चुनने से पहले बर्तन की स्थिति देखें और उसी के अनुसार कदम उठाएं।
यह भी समझना जरूरी है कि अतिरिक्त पानी कम करना और चावल के दानों को पहले जैसी बनावट देना अलग बातें हैं। यदि चावल ज्यादा पककर पूरी तरह गल चुके हैं, तो पानी सुखाने के बाद भी वे पहले जैसे खिले हुए नहीं बनेंगे। इसलिए इन तरीकों से हर बार एक जैसा परिणाम मिलने की उम्मीद न रखें। दाने अपनी बनावट बनाए हुए हों, तो सुधार की गुंजाइश अधिक रहती है। बहुत नरम चावल पर लगातार अलग-अलग तरीके आजमाने से उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है।
अगली बार चावल बनाते समय पानी नापकर डालना मददगार रहेगा। हर किस्म के चावल, उनकी भिगोने की अवधि और पकाने के बर्तन के अनुसार पानी की जरूरत बदल सकती है। इसलिए सभी चावलों के लिए एक ही अनुपात अपनाने के बजाय इस्तेमाल किए जा रहे चावल के निर्देश देखें। पुलाव में अन्य सामग्री से निकलने वाली नमी का भी ध्यान रखें। एक बार सही मात्रा का अंदाजा मिल जाए, तो उसी बर्तन और तरीके के लिए उसे याद रखना आसान होगा। फिलहाल गीले चावल संभालने के लिए पहले अतिरिक्त पानी जांचें, फिर सावधानी से निकालें या ढक्कन हटाकर धीमी आंच पर नमी कम करें।
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