- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- Falgun amavasya 2026 :...
लाइफ स्टाइल
Falgun amavasya 2026 : आज है फाल्गुन अमावस्या, जानें पितृ तर्पण, श्राद्ध और ग्रह शांति उपायों के साथ विशेष शुभ संयोग
Sarita
17 Feb 2026 7:47 AM IST

x
Falgun amavasya 2026 : आज फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि पर साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा. फाल्गुन मास की अमावस्या का समय पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और विशेष ज्योतिषीय उपाय करने के लिए सर्वश्रेष्ठ है. इस दिन ग्रहों की स्थिति अद्भुत है. कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु का शक्तिशाली जमावड़ा होने के साथ-साथ मंगल और चंद्रमा भी इसी राशि में प्रवेश कर रहे हैं. इसके अतिरिक्त, देवगुरु बृहस्पति मिथुन में और शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं. ग्रहों का यह विशेष विन्यास पितृ पूजा और ग्रह बाधाओं की शांति के लिए इस दिन को विशेष फलदायी बना रहा है|
फाल्गुन अमावस्या शुभ मुहूर्त:
फाल्गुन अमावस्या व्रत 17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को है.
अमावस्या तिथि प्रारम्भ – 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार की शाम 05 बजकर 10 मिनट पर
अमावस्या तिथि समाप्त – 17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार की शाम 05 बजकर 23 मिनट पर
अमावस्या व्रत पूजा का शुभ समय – 17 फरवरी की सुबह 9 बजकर 13 मिनट से 01 बजकर 29 मिनट तक
अमावस्या व्रत पारण तिथि – 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को सुबह 06 बजकर 22 मिनट से दोपहर 09 बजकर 13 मिनट तक
फाल्गुन अमावस्या शुभ समय:
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 04 मिनट से 02 बजकर 48 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 37 मिनट तक
फाल्गुन अमावस्या पर प्रभावी उपाय:
सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी या जलाशय में श्रद्धापूर्वक स्नान करें.
तांबे के पात्र में जल, काले तिल और सफेद फूल लेकर पितरों को अर्घ्य दें.
जरूरतमंदों को अपनी सामर्थ्य अनुसार अनाज, गुड़ और घी का दान करें.
पितरों की प्रसन्नता हेतु घर की दक्षिण दिशा में सरसों तेल का दीपक जलाएं.
पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित कर सात बार परिक्रमा करें.
ग्रहों की शांति के लिए काली गाय को तेल चुपड़ी हुई ताजी रोटी खिलाएं.
शनि और राहु दोष के निवारण हेतु काले कुत्ते को भोजन कराएं.
शनि दोष से मुक्ति के लिए शनि चालीसा का पाठ और मंत्र जाप करें.
पितृ दोष की शांति हेतु निर्धन व्यक्ति को नए वस्त्रों का दान करें.
मानसिक शांति और शुद्धि के लिए ‘ॐ पितृभ्य: नम:’ मंत्र का जाप करें.
फाल्गुन अमावस्या पर वर्जित कार्य:
फाल्गुन अमावस्या के दिन शरीर के बाल, नाखून काटना और दाढ़ी बनाना पूरी तरह वर्जित है.
इस दिन गंदे या फटे पुराने वस्त्रों का त्याग करें और सदैव साफ-स्वच्छ कपड़े ही पहनें.
किसी भी व्यक्ति के साथ वाद-विवाद, क्रोध या अपशब्दों का प्रयोग बिल्कुल न करें.
मांस, मछली, अंडा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक भोजन का सेवन न करें.
शराब, सिगरेट या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन से पूरी तरह दूर रहें.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किसी दूसरे के घर का अन्न ग्रहण न करें.
अमावस्या की पवित्र तिथि पर शारीरिक संबंध न बनाकर ब्रह्मचर्य का पालन करें.
इस दिन सूर्योदय के बाद देर तक न सोएं, ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें.
अमावस्या की रात को किसी श्मशान या सुनसान निर्जन स्थान पर जाने से बचें.
घर आए किसी भी याचक, निर्धन व्यक्ति या पशु-पक्षी का अनादर न करें|
TagsFalgun amavasyaफाल्गुन अमावस्यापितृ तर्पणश्राद्धग्रह शांति Falgun AmavasyaFalgun AmavasyaPitru TarpanShraddhaPlanet Peace जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





