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लाइफ स्टाइल : भारतीय रसोई में चावल का इस्तेमाल लगभग हर दिन होता है। दाल-चावल हो, राजमा-चावल या फिर कढ़ी-चावल, यह भोजन का अहम हिस्सा है। लेकिन कई बार प्रेशर कुकर में चावल पकाते समय वे जरूरत से ज्यादा गीले, चिपचिपे या आपस में चिपके हुए बन जाते हैं। ऐसे में चावल का स्वाद तो प्रभावित होता ही है, उनकी बनावट भी अच्छी नहीं लगती। अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो जरूरी नहीं कि चावल की क्वालिटी खराब हो। कई बार चावल धोने, पानी की मात्रा तय करने और पकाने के तरीके में छोटी-छोटी गलतियां इसकी वजह बन जाती हैं।
अच्छे और खिले-खिले चावल बनाने के लिए महंगे चावल खरीदना ही काफी नहीं है। सही तैयारी और पानी का उचित अनुपात भी उतना ही जरूरी है। आइए जानते हैं वे तीन आम गलतियां, जिन्हें सुधारकर आप घर पर बेहतर चावल बना सकते हैं।
1. चावल को सही तरीके से नहीं धोना
चावल चिपचिपे बनने की सबसे आम वजहों में से एक है उन्हें ठीक से न धोना। चावल के दानों की सतह पर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च पकने के दौरान पानी में घुल जाता है। इससे चावल का पानी गाढ़ा हो सकता है और दाने आपस में चिपकने लगते हैं।
कई लोग चावल को केवल एक बार पानी में डालकर निकाल लेते हैं। इससे सतह पर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च पूरी तरह नहीं निकल पाता। वहीं, कुछ लोग चावल को बहुत जोर से रगड़ते हैं, जिससे दाने टूट सकते हैं और उनकी सतह से अधिक स्टार्च निकल सकता है।
क्या है सही तरीका?
चावल को एक बर्तन में डालकर साफ पानी भरें।
हाथों से हल्के-हल्के घुमाकर धोएं, ताकि अतिरिक्त स्टार्च निकल सके।
पानी ज्यादा धुंधला हो तो इसे निकालकर दोबारा धोएं।
आमतौर पर 2 से 3 बार धोना उपयोगी रहता है, हालांकि चावल के प्रकार के अनुसार पानी की जरूरत अलग हो सकती है।
धोने के बाद अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकाल दें।
अगर आप बासमती चावल बना रहे हैं, तो उसे पकाने से पहले लगभग 15 से 30 मिनट तक भिगोना भी मददगार हो सकता है। इससे दाने समान रूप से पक सकते हैं। हालांकि, भिगोने के बाद कुकर में डालने वाले पानी की मात्रा उसी हिसाब से तय करनी चाहिए।
2. पानी का अनुपात सही न रखना
कुकर में चावल पकाते समय दूसरी बड़ी गलती पानी की मात्रा को लेकर होती है। कई लोग हर तरह के चावल के लिए एक ही अनुपात अपनाते हैं, जबकि बासमती, छोटे दाने वाले चावल और पुराने चावल की पानी सोखने की क्षमता अलग-अलग हो सकती है।
अगर चावल की मात्रा के मुकाबले पानी ज्यादा हो जाता है, तो दाने जरूरत से ज्यादा नरम पड़ सकते हैं। इससे चावल गीले और चिपचिपे बनते हैं। दूसरी ओर, पानी कम होने पर चावल अधपके रह सकते हैं या कुकर के तले में लग सकते हैं।
क्या है सही तरीका?
चावल की किस्म के अनुसार पानी की मात्रा तय करें।
पैकेट पर दिए गए निर्देश हों, तो उन्हें प्राथमिकता दें।
धुले और भिगोए हुए चावल के लिए पानी का अनुपात अलग हो सकता है।
पहली बार किसी नई किस्म के चावल को पकाते समय कम मात्रा में प्रयोग करें और परिणाम के अनुसार पानी समायोजित करें।
उदाहरण के लिए, कई तरह के बासमती चावल के लिए एक कप चावल में लगभग 1 से 1.5 कप पानी पर्याप्त हो सकता है, लेकिन यह चावल की उम्र, भिगोने के समय और कुकर के प्रकार पर निर्भर करता है। इसलिए इसे हर चावल के लिए तय नियम न मानें।
3. कुकर में ज्यादा देर तक पकाना
तीसरी गलती है चावल को जरूरत से ज्यादा पकाना। कुछ लोग चावल जल्दी पकाने के लिए कुकर में अधिक सीटी आने देते हैं। इससे चावल के दाने जरूरत से ज्यादा नरम हो सकते हैं और उनका आकार टूटने लगता है। ऐसे में चावल खिले-खिले रहने के बजाय आपस में चिपक जाते हैं।
प्रेशर कुकर में भाप और दबाव की मदद से चावल जल्दी पकते हैं। इसलिए गैस की आंच, पानी की मात्रा और पकाने का समय तीनों पर ध्यान देना जरूरी है।
क्या है सही तरीका?
चावल और पानी डालने के बाद कुकर का ढक्कन ठीक से बंद करें।
चावल की किस्म और कुकर के अनुसार पकाने का समय तय करें।
जरूरत से ज्यादा सीटी आने से बचें।
गैस बंद करने के बाद कुकर का दबाव अपने आप कम होने दें और निर्माता के निर्देशों का पालन करें।
कुकर खुलने के बाद चावल को कांटे या चावल के चम्मच से हल्के हाथों से अलग करें।
बार-बार कुकर खोलने या पकते समय चावल को चलाने से भी उनकी बनावट प्रभावित हो सकती है। इसलिए पकने के दौरान उन्हें बिना जरूरत न छेड़ें।
चावल को खिला-खिला बनाने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
तीन मुख्य गलतियों को सुधारने के अलावा कुछ छोटी आदतें भी चावल की बनावट बेहतर कर सकती हैं। सबसे पहले, चावल को पकाने से पहले कुछ मिनट के लिए छलनी में रखकर अतिरिक्त पानी निकाल दें। इससे पानी का अनुपात तय करने में आसानी होती है।
दूसरा, चावल पकने के बाद उन्हें तुरंत जोर से न चलाएं। कुकर का दबाव खत्म होने पर कुछ मिनट रुककर दानों को हल्के हाथ से अलग करें। इससे दाने टूटने की आशंका कम होती है।
तीसरा, चावल की किस्म के अनुसार तरीका बदलें। बासमती चावल को खिला-खिला बनाने के लिए भिगोना उपयोगी हो सकता है, जबकि कुछ अन्य किस्मों में पानी और समय की जरूरत अलग हो सकती है। पुराने चावल और नए चावल के परिणाम भी अलग हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
कुकर में चावल चिपचिपे होने के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं होता। चावल का प्रकार, स्टार्च की मात्रा, पानी का अनुपात, भिगोने का समय और पकाने की अवधि सभी मिलकर उनकी बनावट तय करते हैं। इसलिए हर बार एक ही तरीका अपनाने के बजाय चावल की किस्म के अनुसार थोड़े बदलाव करना बेहतर है।
अगर आप चावल को अच्छी तरह धोते हैं, पानी की सही मात्रा रखते हैं और जरूरत से ज्यादा नहीं पकाते, तो घर पर भी काफी हद तक खिले-खिले चावल बना सकते हैं। इन तीन गलतियों से बचकर आप रोजमर्रा के दाल-चावल से लेकर खास मौकों के पुलाव तक, चावल की बनावट को बेहतर बना सकते हैं।
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