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सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान हैं गाय का दूध, जानें इसके फायदे

SANTOSI TANDI
17 Sep 2023 10:06 AM GMT
सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान हैं गाय का दूध, जानें इसके फायदे
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सेहत से जुड़ी कई समस्याओं
भारत के लगभग सभी घरों में सुबह नाश्ते में और रात को सोने से पहले एक गिलास दूध जरूर पिया जाता है। खासकर, बच्चों को तो दूध का सेवन जरूर कराना चाहिए। अलग-अलग जीवों और प्लांट्स से प्राप्त होने वाला दूध अलग तरह के पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। ज्यादातर लोग भैंस के दूध का सेवन करते हैं। लेकिन गाय का दूध सेहत को कई मायने में लाभ पहुंचाता है। गाय के दूध में कई पोषक तत्व होते हैं जैसे कैल्शियम, विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, फैट्स आदि। दूध अपने आपमें एक संपूर्ण आहार होता है। यानी यदि सिर्फ गाय के दूध का सेवन किया जाए तो लंबे समय तक आप इसी के माध्यम से अपने शरीर के सभी पोषक तत्वों की कमी को दूर कर सकते हैं। आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह गाय का दूध हमारी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान करता हैं। आइये जानते हैं इसके बारे में...
आसानी से पच जाता है
हमारे देश में भैंस, बकरी और ऊंट का दूध बड़े स्तर पर कंज्यूम किया जाता है। इनमें हर दूध की अपनी खासियत है। लेकिन गाय का दूध इन सभी में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। क्योंकि यह हमारे शरीर को संपूर्णता में लाभ पहुंचाता है। इन सभी दूध की तुलना में गाय के दूध को अधिक सुपाच्य माना जाता है। क्योंकि इसमें फैट काफी संतुलित मात्रा में होता है और इसे ठंडा या गर्म किसी भी रूप में आप अपनी सुविधा के अनुसार उपयोग कर सकते हैं। यह बहुत जल्दी पच जाता है।
वजन कम करने में सहायक
यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो भैंस या बकरी का दूध पीने की बजाय गाय का दूध पिएं। यह दूध शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करता है, जिससे भूख कम लगती है। गाय के दूध से प्रोटीन, ऊर्जा प्राप्त होती है, जिससे एक्सरसाइज करने के समय शरीर को जरूरी ऊर्जा मिलती रहती है। वजन कम करना है, तो लो फैट वाला गाय के दूध का सेवन करें।
शरीर को मजबूत करे
आपको इस अंतर को समझना होगा कि शरीर का मजबूत होना और शरीर पर फैट जमा होना दो अलग-अलग चीजें। भैंस का दूध पीने से भी शरीर ताकतवर बनता है। लेकिन गाय का दूध पीने से शरीर को आंतरिक बल और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह शरीर की कोशिकाओं को अंदर से पोषण देता है।
ब्लड सेल्स बढ़ाएं
गाय का दूध ब्लड सेल्स को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है। बच्चों में रिकेट्स या सूखा रोग हो जाने पर गाय के दूध का इस्तेमाल बादाम के साथ किया जाता है इससे रोग को ठीक करने में फायदा मिलता है।
दिल को दुरुस्त रखे
गाय का दूध पीने से हार्ट की सेहत ठीक बनी रहती है। क्योंकि गाय के दूध में पाया जानेवाला फॉस्फोरस, पोटैशियम और गुड फैट आपके शरीर में हृदय की पंप करने की क्षमता और रक्त के फ्लो को सही बनाए रखने में सहायता करते हैं। साथ ही शरीर में बैड कॉलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है।
कैंसर से बचाव करे
गाय के दूध में कैंसर का भी इलाज पाया गया है। इसके दूध में फोर्टिफाइड और विटामिन-D की उच्च मात्रा मौजूद होती है, जो कैंसर को कम करने में सहायक होता है। इसलिए गाय का दूध कैंसर की आशंका को कम करता है। एक रिसर्च के अनुसार गाय के दूध और डेयरी उत्पादन का सेवन ब्लैडर कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, स्तन कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर से बचाता है।
हड्डियों को मजबूत बनाए
गाय का दूध हड्डी को स्वस्थ रखने में भी काफी सहायक हो सकता है। दरअसल, दूध और डेयरी के अन्य उत्पाद मैग्नीशियम और कैल्शियम के महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं। इसलिए, हड्डियों के विकास के लिए दूध का सेवन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। बच्चों व युवाओं के साथ ही व्यस्कों के हड्डी स्वास्थ्य के लिए भी दूध को अच्छा माना गया है ।
आंखों के लिए फायदेमंद
गाय के दूध को आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है, क्योंकि गाय के दूध में विटामिन-ए होता है। विटामिन-ए आंखों के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। विटामिन-ए आंखों की रोशनी को सुधारने में मदद करता है। इसके अलावा विटामिन-ए की कमी की से आपको रतौंधी, आंखों के सफेद हिस्से में धब्बे जैसी कई आंखों से संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
दिमाग को तेज करे
जितने प्रकार का दूध भी मनुष्य उपयोग में लाता है, उनमें ब्रेन की हेल्थ के लिए सबसे उपयुक्त दूध गाय का दूध ही माना जाता है। क्योंकि गाय के दूध में मौजूद कैल्शियम, विटमिन-बी, फॉस्फोरस, नियासिन और प्रोटीन जैसे जरूरी तत्व दिमाग को शांत करने का काम करते हैं। इससे तनाव का स्तर घटता है, दिमाग में हैपी हॉर्मोन्स का स्तर बढ़ता है और इन दोनों बातों का सीधा असर आपकी नींद के साइकल पर पड़ता है। यानी आपको समय पर नींद आती है और आप रात में अच्छी नींद ले पाते हैं।
एलोपेसिया में मददगार
एलोपेसिया बालों के झड़ने की समस्या है। इस दौरान बाल पैच में झड़ने लगते हैं। एक सेमी से 4 सेमी तक के हिस्से से बाल झड़कर खत्म हो जाते हैं और वो हिस्सा खाली और चिकना हो जाता है। वैसे तो एलोपेसिया ओटोइम्यून की वजह से होता है। कुछ पोषक तत्वों जैसे – विटामिन-डी और जिंक के सेवन से यह समस्या कम हो सकती है। ये दोनों ही पोषक तत्व दूध में पाए जाते हैं। ऐसे में माना जाता है कि एलोपेसिया की समस्या से गुजर रहे लोगों को गाय दूध का सेवन करना चाहिए।
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