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लाइफ स्टाइल
पराठे का स्वाद और सेहत दोनों रहें बरकरार ऐसे चुनें सही फैट
Ratna Netam
2 Oct 2026 9:49 PM IST

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लाइफ स्टाइल : पराठा भारतीय घरों में सबसे पसंदीदा नाश्तों में से एक है। सादा पराठा हो या आलू, गोभी, पनीर और मेथी से भरा पराठा, इसका स्वाद तभी निखरता है जब इसे सही तरीके से सेंका जाए। लेकिन पराठा बनाते समय अक्सर एक सवाल सामने आता है कि इसे घी में सेंकना बेहतर है, तेल में या फिर मक्खन में? स्वाद के लिहाज से तीनों का अपना महत्व है, लेकिन सेहत की बात करें तो चुनाव मात्रा, पूरे दिन की डाइट और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
घी भारतीय रसोई का पारंपरिक हिस्सा है। इसकी खुशबू और स्वाद पराठे को खास बना देते हैं। घी में मुख्य रूप से वसा होती है और इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा भी होती है। इसलिए अगर आप पराठे पर ज्यादा घी डालते हैं तो उसकी कैलोरी तेजी से बढ़ सकती है। सामान्य तौर पर कम मात्रा में घी का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे यह सोचकर बहुत ज्यादा नहीं खाना चाहिए कि पारंपरिक होने के कारण इसकी मात्रा मायने नहीं रखती। जिन लोगों को डॉक्टर ने सैचुरेटेड फैट कम रखने की सलाह दी है, उन्हें घी की मात्रा पर खास ध्यान देना चाहिए।
खाना पकाने वाले तेल की बात करें तो सरसों, मूंगफली, तिल, सूरजमुखी और अन्य वनस्पति तेलों के विकल्प उपलब्ध हैं। अलग-अलग तेलों की फैटी एसिड प्रोफाइल अलग होती है। पराठे के लिए ऐसा तेल चुना जा सकता है जो सामान्य तवे पर पकाने के लिए उपयुक्त हो। तेल इस्तेमाल करते समय भी सबसे महत्वपूर्ण बात मात्रा है। अगर पराठे को तेल में लगभग तलने जैसा बना दिया जाए तो वह ज्यादा कैलोरी वाला हो जाएगा। इसलिए तवे पर जरूरत भर तेल लगाकर पराठा सेंकना बेहतर तरीका है।
मक्खन पराठे का स्वाद काफी बढ़ा देता है, लेकिन इसमें भी सैचुरेटेड फैट होता है। बाजार में मिलने वाले नमकीन मक्खन में सोडियम भी हो सकता है। इसलिए रोजाना बड़ी मात्रा में मक्खन लगाकर पराठा खाना हर किसी के लिए सही विकल्प नहीं माना जा सकता। अगर मक्खन पसंद है तो इसे स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर जिन लोगों को नमक या सैचुरेटेड फैट सीमित रखने की सलाह मिली है, उन्हें इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।
अब सवाल है कि घी, तेल और मक्खन में से आखिर बेहतर क्या है? इसका कोई एक जवाब सभी लोगों पर लागू नहीं होता। यदि भोजन में पहले से ही दूध, पनीर, मिठाई या दूसरे सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा हैं तो पराठे के लिए कम मात्रा में उपयुक्त वनस्पति तेल चुनना संतुलित विकल्प हो सकता है। वहीं अगर पूरे दिन की डाइट संतुलित है तो थोड़ी मात्रा में घी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। मक्खन को स्वाद के लिए सीमित मात्रा में रखना बेहतर है।
पराठे को हेल्दी बनाने में सिर्फ घी या तेल बदलना काफी नहीं है। आटे और स्टफिंग का चुनाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गेहूं के आटे में मेथी, पालक या दूसरी सब्जियां मिलाई जा सकती हैं। स्टफ्ड पराठे में आलू की मात्रा कम करके पनीर, दाल, मटर, गोभी या दूसरी सब्जियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भोजन में प्रोटीन, फाइबर और दूसरे पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पराठा बनाते समय तवे का तापमान भी ध्यान में रखना चाहिए। बहुत ज्यादा तेल या घी डालकर पराठे को लंबे समय तक तेज आंच पर पकाने की जरूरत नहीं होती। पहले पराठे को दोनों तरफ हल्का सेंकें और फिर थोड़ी मात्रा में चुना हुआ फैट लगाकर अच्छी तरह पकाएं। नॉन-स्टिक या अच्छी तरह सीजन किए हुए तवे पर कम तेल में भी पराठा तैयार किया जा सकता है।
अगर वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं तो पराठे के साथ क्या खा रहे हैं, इस पर भी नजर रखें। एक ही भोजन में कई पराठे, ज्यादा घी, मक्खन, मीठी चाय और भारी अचार लेने से कुल कैलोरी, नमक और वसा बढ़ सकती है। इसके बजाय सीमित मात्रा में पराठे के साथ दही, सब्जी या प्रोटीन और फाइबर वाला कोई विकल्प रखा जा सकता है।
दिल की सेहत या बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों में व्यक्ति की जरूरत अलग हो सकती है। ऐसे लोगों को डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह के अनुसार अपने भोजन में सैचुरेटेड फैट और कुल वसा की मात्रा तय करनी चाहिए। केवल किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह अच्छा या खराब मानने के बजाय पूरे दिन के खानपान के पैटर्न को देखना ज्यादा उपयोगी है।
कुल मिलाकर पराठा बनाने के लिए घी, तेल या मक्खन में चुनाव करते समय स्वाद के साथ मात्रा को प्राथमिकता दें। रोजमर्रा के इस्तेमाल में कम मात्रा में उपयुक्त वनस्पति तेल अच्छा विकल्प हो सकता है, जबकि घी और मक्खन को भी नियंत्रित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। सबसे जरूरी नियम यही है कि पराठे को फैट में डुबोने के बजाय जरूरत भर इस्तेमाल करें और आटा, स्टफिंग तथा साथ में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों को भी संतुलित रखें।
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