लाइफ स्टाइल

सांस के साथ सीने में दर्द, हो जाएं सावधान

Rajeshwari Nishad
19 Oct 2026 5:02 PM IST
सांस के साथ सीने में दर्द, हो जाएं सावधान
x
लाइफ स्टाइल: सांस लेते समय सीने की दाईं तरफ अचानक दर्द महसूस होना कई लोगों के लिए चिंता की वजह बन सकता है। खासकर जब गहरी सांस लेने, खांसने, छींकने या शरीर को हिलाने पर दर्द बढ़ जाए, तो इसे केवल गैस या मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। सीने के दाईं ओर होने वाले दर्द के पीछे मांसपेशियों में खिंचाव, पसलियों की समस्या, फेफड़ों के आसपास की झिल्ली में सूजन या कुछ गंभीर चिकित्सकीय स्थितियां भी हो सकती हैं। इसलिए दर्द की तीव्रता, उसकी अवधि और उसके साथ दिखाई देने वाले अन्य लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है।
सांस लेते समय दाईं तरफ दर्द क्यों होता है?
सीने में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। सांस लेते समय दर्द बढ़ने की स्थिति को चिकित्सकीय भाषा में प्ल्यूरिटिक चेस्ट पेन कहा जाता है। यह अक्सर सांस लेने के दौरान फेफड़ों के आसपास मौजूद झिल्ली या छाती की दीवार में होने वाली समस्या से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, केवल दर्द के स्थान या उसके बढ़ने के तरीके से किसी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।
यदि दर्द अचानक शुरू हुआ है, लगातार बना हुआ है या उसके साथ सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कुछ स्थितियों में तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
1. मांसपेशियों में खिंचाव
सीने के दाईं ओर दर्द का एक सामान्य कारण मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। भारी सामान उठाने, अचानक व्यायाम करने, गलत तरीके से सोने या लगातार खांसने से छाती की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में गहरी सांस लेने, हाथ उठाने, शरीर को घुमाने या प्रभावित हिस्से को दबाने पर दर्द बढ़ सकता है। आराम करने पर कुछ मामलों में दर्द कम हो जाता है।
हालांकि, केवल छाती को दबाने पर दर्द महसूस होने से यह निश्चित नहीं होता कि समस्या सिर्फ मांसपेशियों की है। यदि दर्द अचानक या बहुत तेज है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
2. पसलियों में चोट या सूजन
सीने की दाईं ओर पसलियों में चोट लगने या उनके आसपास के ऊतकों में सूजन होने पर भी सांस लेते समय दर्द हो सकता है। गिरने, टक्कर लगने या शारीरिक गतिविधि के दौरान चोट लगने के बाद यह समस्या सामने आ सकती है।
पसलियों के बीच मौजूद मांसपेशियों या जोड़ के आसपास सूजन होने से गहरी सांस लेने, खांसने और छींकने पर परेशानी बढ़ सकती है। यदि चोट के बाद तेज दर्द हो, सांस लेने में कठिनाई आए या सीने में सूजन दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
3. फेफड़ों के आसपास की झिल्ली में सूजन
फेफड़ों को ढकने वाली झिल्ली को प्लूरा कहा जाता है। इस झिल्ली में सूजन होने पर प्ल्यूरिसी नामक स्थिति पैदा हो सकती है। इसमें गहरी सांस लेने, खांसने या छींकने पर सीने में चुभने जैसा दर्द महसूस हो सकता है।
यह समस्या वायरल संक्रमण या अन्य बीमारियों से जुड़ी हो सकती है। कुछ मामलों में निमोनिया जैसी बीमारी के साथ भी सांस लेते समय दर्द हो सकता है। बुखार, खांसी, कमजोरी या सांस फूलने जैसे लक्षण मौजूद हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
4. निमोनिया या फेफड़ों का संक्रमण
निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है, जिसमें बुखार, खांसी, बलगम, थकान और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि संक्रमण फेफड़ों के आसपास की झिल्ली को प्रभावित करता है, तो सीने के एक तरफ दर्द भी हो सकता है।
हर मरीज में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में लक्षण अलग भी हो सकते हैं। सांस लेने में परेशानी या लगातार बढ़ते दर्द की स्थिति में जल्द चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।
5. फेफड़ों में खून का थक्का
सीने में अचानक दर्द और सांस फूलना कभी-कभी पल्मोनरी एम्बोलिज्म का संकेत हो सकता है। यह स्थिति तब होती है, जब खून का थक्का फेफड़ों की किसी रक्त वाहिका में पहुंचकर रक्त प्रवाह को बाधित कर देता है।
अचानक सांस लेने में परेशानी, गहरी सांस पर बढ़ने वाला सीने का दर्द, तेज धड़कन, चक्कर या खून वाली खांसी इसके संभावित लक्षण हैं। हाल में लंबी यात्रा, लंबे समय तक बिस्तर पर रहना, सर्जरी या खून के थक्के का पिछला इतिहास जोखिम बढ़ा सकता है।
यह एक गंभीर और जानलेवा स्थिति हो सकती है। ऐसे लक्षण होने पर घरेलू उपचार आजमाने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
6. फेफड़े का अचानक सिकुड़ना
न्यूमोथोरैक्स ऐसी स्थिति है, जिसमें फेफड़े और छाती की दीवार के बीच हवा जमा होने से फेफड़ा आंशिक या पूरी तरह सिकुड़ सकता है। इसमें अचानक एक तरफ तेज सीने का दर्द और सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
यह स्थिति चोट लगने के बाद या कभी-कभी बिना किसी स्पष्ट कारण के भी हो सकती है। अचानक शुरू हुए तेज दर्द और सांस लेने में कठिनाई को आपात स्थिति मानना चाहिए।
किन लक्षणों में तुरंत अस्पताल जाएं?
सांस लेते समय सीने में दर्द होने पर निम्न लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
अचानक या बहुत तेज सीने का दर्द।
सांस लेने में कठिनाई या तेजी से सांस फूलना।
बेहोशी, चक्कर, ठंडा पसीना या होंठों का नीला पड़ना।
खून वाली खांसी या बहुत तेज धड़कन।
सीने में दबाव के साथ दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना।
इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा या नजदीकी अस्पताल की मदद लें। भारत में आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
बचाव और सावधानियां
यदि दर्द हल्का है और हाल में व्यायाम या भारी सामान उठाने के बाद शुरू हुआ है, तब भी उसके कारण का अनुमान लगाकर इलाज शुरू नहीं करना चाहिए। दर्द दोबारा हो, बना रहे या बढ़े तो डॉक्टर से जांच कराएं। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचें, खासकर यदि पहले से कोई बीमारी है या अन्य दवाएं चल रही हैं।
डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच, ऑक्सीजन स्तर की जांच, ईसीजी, छाती का एक्स-रे या अन्य परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं। जांच का चुनाव मरीज के लक्षणों और चिकित्सकीय स्थिति पर निर्भर करता है।
Next Story