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त्योहारी ऑनलाइन शॉपिंग में साइबर ठगों से रहें सावधान

Kanchan Paikara
7 Oct 2026 2:54 PM IST
त्योहारी ऑनलाइन शॉपिंग में साइबर ठगों से रहें सावधान
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Online Shoppin Fraud Alert: त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बाजारों में खरीदारी बढ़ जाती है। अब यही रौनक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर भी साफ दिखाई देती है। ई-कॉमर्स वेबसाइट और मोबाइल एप कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान, मोबाइल, जूते, गिफ्ट आइटम और कई अन्य चीजों पर भारी डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर देते हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग घर बैठे ऑनलाइन खरीदारी करना पसंद करते हैं। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग
बढ़ने के साथ साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं और लोगों को फर्जी ऑफर, नकली वेबसाइट, फर्जी कस्टमर केयर नंबर और संदिग्ध पेमेंट लिंक के जरिए निशाना बनाने की कोशिश करते हैं।
त्योहारी सीजन में सबसे आम तरीका होता है बहुत ज्यादा छूट का लालच देना। साइबर ठग ऐसे संदेश भेज सकते हैं जिनमें महंगे मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी या दूसरे सामान बेहद कम कीमत पर देने का दावा किया जाता है। संदेश के साथ एक लिंक भी दिया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, वह एक ऐसी वेबसाइट पर पहुंच सकता है जो देखने में किसी बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसी लगती है। यहां ग्राहक से नाम, मोबाइल नंबर, पता, कार्ड डिटेल या बैंकिंग जानकारी मांगी जा सकती है।
ऐसी फर्जी वेबसाइट का मकसद आपकी निजी और वित्तीय जानकारी हासिल करना होता है। कई बार ग्राहक भुगतान भी कर देता है, लेकिन सामान कभी नहीं पहुंचता। इसलिए ऑनलाइन खरीदारी करते समय वेबसाइट का पता ध्यान से देखना बेहद जरूरी है। असली वेबसाइट के नाम में एक भी अक्षर का अंतर, अतिरिक्त शब्द या गलत स्पेलिंग धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है।
सस्ते ऑफर के लालच में न आएं
त्योहारों के दौरान 70, 80 या 90 प्रतिशत तक डिस्काउंट जैसे ऑफर लोगों को जल्दी आकर्षित करते हैं। लेकिन अगर किसी महंगे प्रोडक्ट की कीमत सामान्य बाजार भाव से बहुत कम दिखाई दे रही है, तो सावधानी बरतना जरूरी है।
किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय उसी प्रोडक्ट की कीमत दूसरी विश्वसनीय वेबसाइट पर भी जांच लें। अगर अंतर बहुत ज्यादा है, तो खरीदारी से पहले विक्रेता और वेबसाइट की विश्वसनीयता जरूर जांचें।
फर्जी कस्टमर केयर भी बड़ा खतरा
ऑनलाइन खरीदारी के बाद कई बार डिलीवरी, रिफंड या ऑर्डर कैंसिलेशन को लेकर समस्या आती है। लोग तुरंत इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजते हैं। यही गलती साइबर ठगों के लिए मौका बन सकती है।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर डालकर ठग खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हैं। इसके बाद वे रिफंड के नाम पर OTP, UPI PIN, कार्ड नंबर या स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करने के लिए कह सकते हैं।
याद रखें कि किसी भी असली कंपनी का प्रतिनिधि आपका UPI PIN, OTP या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगता। कस्टमर केयर नंबर हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप से ही लें।
QR कोड से पैसे मिलने का दावा भी हो सकता है फर्जी
कई मामलों में ठग कहते हैं कि रिफंड लेने के लिए QR कोड स्कैन करना होगा। जबकि सामान्य तौर पर QR कोड स्कैन करके आप पैसे भेजते हैं, प्राप्त नहीं करते।
अगर कोई व्यक्ति रिफंड, इनाम या कैशबैक के नाम पर QR कोड स्कैन करने को कह रहा है, तो सतर्क हो जाएं। किसी भी भुगतान से पहले स्क्रीन पर दिखाई दे रही राशि और प्राप्तकर्ता का नाम जरूर जांचें।
नकली डिलीवरी मैसेज से भी सावधान
त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में पार्सल डिलीवर होते हैं। इसका फायदा उठाकर ठग नकली डिलीवरी मैसेज भी भेज सकते हैं। इनमें लिखा होता है कि आपका पार्सल अटक गया है, पता अपडेट करें या छोटी रकम देकर डिलीवरी कन्फर्म करें।
ऐसे संदेशों के साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करने से बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है। अगर आपने कोई ऑर्डर किया है, तो उसकी स्थिति केवल संबंधित ई-कॉमर्स एप या वेबसाइट के अंदर जाकर ही जांचें।
कैशबैक और लकी ड्रॉ के नाम पर ठगी
त्योहारी खरीदारी के दौरान कैशबैक, गिफ्ट वाउचर और लकी ड्रॉ के नाम पर भी धोखाधड़ी हो सकती है। संदेश में बताया जाता है कि आपने कोई बड़ा इनाम जीता है और उसे पाने के लिए प्रोसेसिंग फीस या टैक्स देना होगा।
ऐसे मामलों में पैसे भेजने से बचें। किसी असली लकी ड्रॉ या कैशबैक ऑफर की जानकारी संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर उपलब्ध होती है।
पब्लिक वाई-फाई पर पेमेंट करने से बचें
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय सुरक्षित इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करना बेहतर है। सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क पर बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट करने से जोखिम बढ़ सकता है।
मोबाइल डेटा या भरोसेमंद निजी वाई-फाई नेटवर्क का इस्तेमाल करें। साथ ही अपने मोबाइल और लैपटॉप में अपडेटेड ऑपरेटिंग सिस्टम और सुरक्षा फीचर रखें।
मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन रखें
ई-कॉमर्स और बैंकिंग अकाउंट के लिए अलग-अलग और मजबूत पासवर्ड रखें। एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल करने से किसी एक अकाउंट के हैक होने पर बाकी अकाउंट भी खतरे में पड़ सकते हैं।
जहां संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर चालू रखें। इससे पासवर्ड लीक होने की स्थिति में भी अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।
ठगी हो जाए तो तुरंत करें शिकायत
अगर किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक हो गया है या बैंक खाते से गलत तरीके से पैसा कट गया है, तो समय बर्बाद न करें। तुरंत बैंक से संपर्क कर कार्ड या अकाउंट से जुड़े ट्रांजैक्शन को ब्लॉक कराने की कोशिश करें।
भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर की जा सकती है। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग सुविधाजनक जरूर है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए ऑफर कितना भी आकर्षक क्यों न हो, वेबसाइट की जांच करें, OTP और PIN किसी से साझा न करें, फर्जी कस्टमर केयर से बचें और पेमेंट करने से पहले पूरी जानकारी जांच लें। सावधानी रखकर ही त्योहारों की खरीदारी को सुरक्षित और खुशहाल बनाया जा सकता है।
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