लाइफ स्टाइल

अरहर, मूंग या मसूर जानें कौन सी दाल मानी गई सबसे बेहतर

Ratna Netam
6 Oct 2026 4:37 PM IST
अरहर, मूंग या मसूर जानें कौन सी दाल मानी गई सबसे बेहतर
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लाइफ स्टाइल : दाल भारतीय खाने का अहम हिस्सा है। लगभग हर घर में अरहर, मूंग, मसूर, चना या उड़द की दाल नियमित रूप से बनाई जाती है। दाल स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट, पोटैशियम और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत होती है। यही वजह है कि शाकाहारी भोजन में दाल को प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माना जाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर सबसे अच्छी दाल कौन सी है और रोजाना खाने के लिए किस दाल को प्राथमिकता दी जाए।सोशल मीडिया पर डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट अलग-अलग दालों को उनके पोषण, पाचन और प्रोटीन की मात्रा के आधार पर रेटिंग देते नजर आते हैं। हालांकि किसी भी ऐसी रेटिंग को अंतिम सच नहीं माना जा सकता, क्योंकि हर दाल के अपने फायदे हैं और किसी व्यक्ति के लिए कौन सी दाल बेहतर होगी, यह उसकी उम्र, पाचन क्षमता, स्वास्थ्य और खानपान पर निर्भर करता है।
मूंग दाल क्यों मानी जाती है खास?
मूंग दाल को सबसे हल्की और आसानी से पचने वाली दालों में गिना जाता है। यही वजह है कि बीमारी से ठीक हो रहे लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के भोजन में मूंग दाल की खिचड़ी अक्सर शामिल की जाती है। इसमें प्रोटीन और फाइबर मौजूद होते हैं, जबकि यह पेट पर अपेक्षाकृत हल्की रहती है।हरी साबुत मूंग में फाइबर की मात्रा धुली मूंग की तुलना में ज्यादा होती है। साबुत मूंग को भिगोकर अंकुरित करके भी खाया जा सकता है। हालांकि गैस या पाचन संबंधी समस्या वाले लोगों को अंकुरित अनाज की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए।
मसूर दाल भी है पोषण से भरपूर
मसूर दाल जल्दी पक जाती है और रोजमर्रा के भोजन में आसानी से शामिल की जा सकती है। इसमें प्रोटीन के साथ आयरन और फोलेट भी मौजूद होते हैं। लाल मसूर दाल से लेकर साबुत मसूर तक कई तरीके से इसे खाया जाता है।मसूर दाल का फायदा यह है कि इसे ज्यादा समय तक भिगोने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे सब्जियों के साथ पकाकर खाने से भोजन का पोषण और बढ़ाया जा सकता है। दाल में ज्यादा घी या तेल डालने के बजाय हल्का तड़का लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है।
अरहर दाल भारतीय रसोई की पसंद
अरहर या तुअर दाल कई राज्यों में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली दालों में शामिल है। दाल-चावल का लोकप्रिय कॉम्बिनेशन अक्सर अरहर दाल से ही तैयार किया जाता है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और कई सूक्ष्म पोषक तत्व मौजूद होते हैं।अरहर दाल को चावल के साथ खाने से भोजन अधिक संतुलित हो सकता है, क्योंकि अनाज और दाल के प्रोटीन एक-दूसरे की अमीनो एसिड प्रोफाइल को बेहतर ढंग से पूरा करते हैं। हालांकि सिर्फ दाल को संपूर्ण प्रोटीन मान लेना सही नहीं है। अलग-अलग अनाज, दाल, सब्जियां, दूध या अन्य प्रोटीन स्रोतों को भोजन में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद होता है।
चना दाल देती है लंबे समय तक पेट भरा रहने का एहसास
चना दाल प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को धीमा कर सकता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। वजन नियंत्रित करने वाले लोग इसे संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल कर सकते हैं।चना दाल का चीला, दाल, सूप और सब्जियों के साथ मिश्रण तैयार किया जा सकता है। हालांकि कुछ लोगों को चना दाल खाने के बाद गैस या भारीपन महसूस हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए इसे अच्छी तरह भिगोकर और ठीक से पकाकर खाना बेहतर रहता है।
उड़द दाल में भी भरपूर पोषण
उड़द दाल उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक कई व्यंजनों में इस्तेमाल होती है। दाल मखनी से लेकर इडली और डोसा के बैटर तक उड़द दाल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसमें प्रोटीन, आयरन और अन्य खनिज पाए जाते हैं।हालांकि उड़द दाल कुछ लोगों को पचने में भारी लग सकती है। जिन लोगों को गैस या पेट फूलने की समस्या रहती है, उन्हें इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए और अच्छी तरह भिगोकर पकाना चाहिए।
तो आखिर नंबर 1 दाल कौन सी?
पोषण के लिहाज से किसी एक दाल को हर व्यक्ति के लिए नंबर 1 घोषित करना सही नहीं होगा। मूंग दाल आसानी से पचने के कारण कई लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है, जबकि मसूर, चना, अरहर और उड़द दाल अलग-अलग पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं। बेहतर तरीका यह है कि सप्ताहभर अलग-अलग दालों को बदल-बदलकर खाया जाए।अगर किसी रेटिंग में मूंग दाल को ज्यादा नंबर दिए जाते हैं, तो इसके पीछे आमतौर पर उसका हल्का होना, पाचन में आसानी और अच्छा पोषण कारण हो सकते हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि बाकी दालें खराब हैं। शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व देने के लिए भोजन में विविधता ज्यादा महत्वपूर्ण है।
दाल खाने का सही तरीका
दाल को कुछ घंटों तक भिगोकर पकाने से वह जल्दी गलती है और कुछ लोगों के लिए पचाना आसान हो सकता है। दाल में पालक, लौकी, टमाटर, गाजर या दूसरी सब्जियां मिलाकर पोषण बढ़ाया जा सकता है। साथ में चावल, रोटी या मिलेट्स लेने से संतुलित भोजन तैयार हो सकता है।दाल में बहुत ज्यादा घी, मक्खन या नमक डालना उसके स्वास्थ्य लाभ को कम कर सकता है। इसलिए दाल को हल्के मसालों और नियंत्रित मात्रा में तेल के साथ तैयार करना बेहतर रहता है।कुल मिलाकर सबसे अच्छी दाल वही है जो आपके शरीर को सूट करे और संतुलित भोजन का हिस्सा बने। सिर्फ एक दाल पर निर्भर रहने के बजाय मूंग, मसूर, अरहर, चना और उड़द जैसी अलग-अलग दालों को भोजन में शामिल करना ज्यादा बेहतर तरीका है।
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