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Winter में हाथ-पैर हमेशा ठंडे? जानें कब डॉक्टर से मिलना है ज़रूरी

Harrison
9 Dec 2025 9:14 PM IST
Winter में हाथ-पैर हमेशा ठंडे? जानें कब डॉक्टर से मिलना है ज़रूरी
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Lifestyle, लाइफस्टाइल : सर्दियों में ठंड बढ़ने के साथ ही कई लोग रजाई-कंबल में घंटों रहने के बावजूद हाथ-पैर ठंडे होने की समस्या से जूझते हैं। यह केवल असुविधा का कारण नहीं बनता, बल्कि कई बार यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
हवा, नमी और तापमान में कमी के कारण शरीर का तापमान सामान्य से कम हो सकता है। इसके बावजूद अधिकांश लोग कंबल में रहने पर गर्म महसूस करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के हाथ और पैर हमेशा ठंडे रहते हैं। कार्डियोलॉजिस्ट और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट के अनुसार, यह समस्या रक्त संचार में कमी, थायरॉइड की गड़बड़ी, डायबिटीज या विटामिन की कमी के कारण हो सकती है।
बढ़ते जोखिम और लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ठंडे हाथ-पैर के साथ अक्सर थकान, मिचली, त्वचा का फीका पड़ना, झुनझुनी या सुन्नपन जैसी समस्या होती है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुमित वर्मा कहते हैं,
“अक्सर लोग इसे सामान्य ठंड मानकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक हाथ-पैर ठंडे रहते हैं और रक्त संचार में कमी के लक्षण दिखाई दें, तो यह सर्दियों के मौसम में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।”
संभावित कारण
रक्त संचार की कमी: ठंडे वातावरण में शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे हाथ-पैर तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुँच पाता।
थायरॉइड की समस्या: हाइपोथायरॉइडिज्म (थायरॉइड हार्मोन की कमी) के कारण शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है और तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता।
डायबिटीज: डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान हो सकता है, जिससे हाथ और पैरों में ठंड और सुन्नपन महसूस होता है।
विटामिन व खनिजों की कमी: विटामिन बी12, आयरन और मैग्नीशियम की कमी से भी रक्त संचार प्रभावित होता है।
स्मोकिंग और शराब का सेवन: ये आदतें शरीर में रक्त प्रवाह को धीमा कर सकती हैं।
क्या करें, क्या न करें
सर्दियों में गर्म कपड़े पहनें और हाथ-पैर को अच्छी तरह से ढक कर रखें।
नियमित व्यायाम और हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग से रक्त प्रवाह बढ़ता है।
गर्म पानी की सिकाई या हीटिंग पैड का उपयोग हाथ-पैर को गर्म रखने में मदद करता है।
पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना भी रक्त संचार सुधारने में मदद करता है।
यदि लंबे समय तक समस्या बनी रहे या इसके साथ अन्य गंभीर लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से जाँच कराएं।
डॉ. वर्मा कहते हैं,
“लोग अक्सर ठंडे हाथ-पैर को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहे और थकान, झुनझुनी, सुन्नपन या त्वचा का फीका पड़ना जैसे लक्षण भी हों, तो यह हृदय, थायरॉइड या अन्य मेटाबॉलिक समस्या का संकेत हो सकता है।”
सर्दियों में ठंडे हाथ-पैर होना आम बात है, लेकिन लंबे समय तक और लगातार बनी रहने वाली ठंड गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकती है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि किसी भी गंभीर लक्षण या असुविधा की स्थिति में देर न करें और डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें। सही समय पर जाँच और इलाज से समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है और सर्दियों में स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकता है।
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