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6 देसी फूड्स की विदेशी जड़ें, जिन्हें हम मानते हैं अपना खाना

Saba Naaz
27 July 2025 3:52 PM IST
6 देसी फूड्स की विदेशी जड़ें, जिन्हें हम मानते हैं अपना खाना
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Lifestyle लाइफस्टाइल : भारतीय व्यंजन अपनी विविधता और स्वाद के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे कुछ लोकप्रिय "देसी" फूड्स वास्तव में भारत के नहीं बल्कि विदेशों से आए हैं?
विशेषज्ञों और इतिहासकारों के अनुसार, दाल-चावल जैसे बुनियादी भोजन से लेकर समोसे जैसे स्नैक्स तक, कई व्यंजन विदेशी प्रभावों का परिणाम हैं। उदाहरण के तौर पर, समोसे की शुरुआत मध्य पूर्व से हुई मानी जाती है, जबकि दाल-चावल की लोकप्रियता का विस्तार व्यापार मार्गों के जरिए हुआ। यह विदेशी प्रभाव भारतीय खान-पान की समृद्ध विरासत को और भी रोचक बनाता है।
इस रिपोर्ट में हम आपको 6 ऐसे देसी फूड्स से रूबरू कराएंगे, जिनकी असली जड़ें भारत से बाहर हैं, लेकिन जिन्होंने भारतीय भोजन संस्कृति में अपनी एक खास जगह बनाई है।
6 देसी फूड्स जो असल में विदेशी हैं:
समोसा
— इसकी शुरुआत मध्य पूर्व और मध्य एशिया से मानी जाती है। भारत में यह लोकप्रिय होकर "देसी स्नैक" बन गया।
चाय
— असल में चाय की खोज चीन में हुई, लेकिन भारत में इसे एक बड़े पैमाने पर उगाया और लोकप्रिय बनाया गया।
पाव भाजी
— पाव यानी ब्रेड का इस्तेमाल अंग्रेज़ों से आया है, जबकि भाजी भारतीय है।
चायना मैन (नूडल्स)
— नूडल्स की उत्पत्ति चीन से हुई, पर भारत में अलग-अलग स्वादों के साथ लोकप्रिय हुआ।
आलू पराठा
— आलू भारत में विदेशी था, जो मुगल काल में आया। आलू के आने के बाद आलू पराठा बना।
दाल-चावल
— दाल और चावल भारत के मुख्य भोजन हैं, लेकिन चावल की खेती का विस्तार दक्षिण-पूर्व एशिया से हुआ।
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