लाइफ स्टाइल

कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से नए रेट लागू

Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 12:07 PM IST
कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से नए रेट लागू
x
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2026। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 543 दवा ब्रांडों की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमतों (MRP) की सूची जारी की है। इन दवाओं की नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। कई प्रमुख दवाओं के दाम में बड़ी कटौती की गई है। कुछ दवाओं की कीमतें 89 प्रतिशत से ज्यादा कम हुई हैं। इससे कैंसर के महंगे इलाज का आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद है।
543 कैंसर दवा ब्रांडों की नई कीमतें जारी
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के अंतर्गत आने वाले NPPA ने बुधवार, 28 अक्टूबर को संशोधित कीमतों की सूची सार्वजनिक की। इसमें अलग-अलग कंपनियों की कैंसर रोधी दवाओं, उनकी निर्धारित क्षमता और पैक साइज के अनुसार नई अधिकतम खुदरा कीमतें बताई गई हैं।प्राधिकरण के मुताबिक, यह सूची दवा कंपनियों की ओर से 27 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आने वाले दिनों में अन्य कंपनियों से संशोधित कीमतों का विवरण मिलने पर सूची को अपडेट किया जाएगा।सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक दवाओं को मरीजों के लिए अधिक किफायती बनाना और दवाओं की उपलब्धता बेहतर करना है।
इन प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी कटौती
NPPA की ओर से जारी आधिकारिक सूची के मुताबिक, कई दवाओं के दाम में हजारों रुपये की कमी हुई है।
दवा का ब्रांड पुरानी कीमत नई कीमत
Anarzole (10 टैबलेट) ₹695.76 ₹73
Azacytin (इंजेक्शन) ₹6,337 ₹1,495.04
Bevacizab (4 ml) ₹21,767.70 ₹5,930.13
Dasanat 20 (60 टैबलेट) ₹2,812.50 ₹1,085.93
Debrumab 60 mg ₹22,031.25 ₹5,941
Enuta (28 कैप्सूल) ₹6,578.20 ₹2,232
Fludanox (इंजेक्शन) ₹14,235 ₹2,432
Fulbreca (5 ml) ₹26,072.16 ₹5,491
स्रोत: NPPA द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी। कीमतें निर्धारित ब्रांड और पैक साइज के अनुसार हैं।
कुछ दवाओं पर 89 प्रतिशत तक की बचत
नई दरों में सबसे बड़ी राहत Anarzole ब्रांड की दवा में देखने को मिली है। इसकी 10 टैबलेट वाले पैक की कीमत पहले 695.76 रुपये थी, जिसे घटाकर 73 रुपये कर दिया गया है। यानी इस पैक पर मरीजों को करीब 89.5 प्रतिशत की बचत होगी।इसी तरह Fulbreca इंजेक्शन की कीमत 26,072.16 रुपये से घटकर 5,491 रुपये हो गई है। इससे एक पैक पर करीब 20,581 रुपये की बचत होगी। Bevacizab इंजेक्शन की कीमत में लगभग 15,838 रुपये और Debrumab इंजेक्शन के दाम में करीब 16,090 रुपये की कमी हुई है।इन कीमतों में बदलाव से विशेष रूप से उन मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें लंबे समय तक महंगी दवाओं और इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है।
137 कैंसर रोधी दवाओं पर पहले लिया गया था फैसला
दरअसल, NPPA ने 17 अक्टूबर 2026 को 137 गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं के व्यापारिक मार्जिन को तर्कसंगत बनाने का फैसला किया था। इस व्यवस्था को ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन (TMR) कहा जाता है।इसके तहत दवा के वितरण और खुदरा बिक्री के दौरान लगने वाले अत्यधिक व्यापारिक मार्जिन को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया है, ताकि मरीजों तक दवाएं कम कीमत पर पहुंच सकें।इन 137 दवाओं में विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा Denosumab, Pegfilgrastim और Bevacizumab जैसी दवाओं को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है।सरकार का कहना है कि कीमतों में कमी के साथ दवाओं की नियमित आपूर्ति बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान दवाओं की कमी का सामना न करना पड़े।
अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों को माननी होंगी नई दरें
केंद्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक, 9 नवंबर 2026 से अस्पतालों, मेडिकल स्टोरों और संबंधित दवा विक्रेताओं को संशोधित कीमतों का पालन करना होगा।दवा निर्माण कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर नई मूल्य सूची उपलब्ध करानी होगी। साथ ही अस्पतालों और खुदरा विक्रेताओं तक संशोधित कीमतों की जानकारी पहुंचाना भी जरूरी होगा।अस्पतालों को अपनी फार्मेसी में नई कीमतें प्रदर्शित करनी होंगी। राज्य औषधि नियंत्रकों को इसकी निगरानी करने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
कैंसर के इलाज में आर्थिक बोझ घटने की उम्मीद
कैंसर के इलाज में मरीजों को जांच, अस्पताल में भर्ती, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और अन्य दवाओं पर बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है। विशेष रूप से लंबे समय तक चलने वाले उपचार में दवाओं का खर्च परिवारों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकता है।
ऐसे में कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों में कटौती एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, हर मरीज को होने वाली वास्तविक बचत उसकी बीमारी, डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं, खुराक और इलाज की अवधि पर निर्भर करेगी।
9 नवंबर से लागू होने वाली नई दरों से कैंसर के हजारों मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का प्रयास है कि महंगी दवाओं की कीमत कम होने से ज्यादा मरीज समय पर आवश्यक उपचार प्राप्त कर सकें।
Next Story